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Hindi Essay on “Paradhi Supnehu Sukh Nahi” , ”पराधी सपनेहुं सुख नाहीं” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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पराधी सपनेहुं सुख नाहीं Paradhi Supnehu Sukh Nahi  निबंध नंबर :- 01 कुछ कवियों की जो अनेक प्रचलित सूक्तियां लोक प्रचलित हैं, उनमें से यह एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक सूक्ति है। यह कहावत या सूक्ति महाकवि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अपने महाकाव्य ‘रामचरित मानस’ के किसी प्रसंग में कही गई है। इसका सीधा सरल अर्थ है कि जो व्यक्ति किसी भी स्तर पर, किसी भी रूप में पराधीन अर्थात गुलाम होता है, वह...
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Hindi Essay on “Apna Haath Jagannath” , ”अपना हाथ जगन्नाथ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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अपना हाथ जगन्नाथ Apna Haath Jagannath Best 3 Hindi Essay on “Apna Haath Jagannath” निबन्ध नंबर:- 01 यह एक बड़ी प्रसिद्ध और भावपूर्ण कहावत है-अपना हाथ जगन्नाथ-अर्थात व्यक्ति का अपना हाथ जगत के पालन करने वाले सर्वशक्तिमान भगवान के समान हुआ करता है। इसका अर्थ हुआ कि व्यक्ति जिस प्रकार भगवान पर भरोसा करता है, उसी प्रकार उसे अपने हाथ पर भी विश्वास करना चाहिए। दूसरे शब्दों में जैसे भगवान पर...
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Hindi Essay on “Parmanu Aprasar Sandhi aur Bharat” , ”परमाणु अप्रसार संधि और भारत” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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परमाणु अप्रसार संधि और भारत Parmanu Aprasar Sandhi aur Bharat   ज्ञान-विज्ञान प्रगति और अनवरत विकास की राह पर चलते हुए आज परमाणु-युग में पहुंच चुका है। परमाणु प्रकृति का अत्यंत सूक्ष्म तत्व तो है ही, बड़ा शक्तिशाली तत्व भी है। परमाणुओं के संगठन से ही संसार की सभी वस्तुओं की रचना और निर्माण हुआ है, ऐसा वैज्ञानिकों और शास्त्रों का स्पष्ट मानना है। परमाणुओं में विद्यमान शक्ति का विकास और...
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Hindi Essay on “Bijli :  Adhunik Jeevan ki Ridh” , ”बिजली : आधुनिक जीवन की रीढ़” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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बिजली : आधुनिक जीवन की रीढ़ Bijli :  Adhunik Jeevan ki Ridh आज बिजली के अभाव में एक पल भी बिता पाना कष्टकर हो जाया करता है। बिजली! हाय बिजली! एक क्षण के लिए भी यदि कहीं बिजली गुल हो जाती है, तो चारों तरफ हाय-तोबा मच जाती है। लगता है, जैसे तेज गति से भाग रही गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाने से वह एक झटके के साथ रुक गई...
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Hindi Essay on “Nirastrikaran” , ”निरस्त्रीकरण” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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निरस्त्रीकरण Nirastrikaran शस्त्रास्त्रों की दौड़ और उसके फलस्वरूप होने वाले युद्धों से मुक्त समाज का निर्माण ही निरस्त्रीकरण का मूल लक्ष्य है। निरस्त्रीकरण का सामान्य और व्यावहारिक अर्थ है, आज जो भयानकटतम मारक शस्त्रास्त्र बन रहे हैं, उनका निर्माण रोकना और विनाशक युद्धों का भय टालना। इसके सथ यह बात भी जुड़ी हुई है कि आज तक जिते भी आणविक शस्त्रास्त्र बन चुके हैं, सभी निर्माता राष्ट्र एक साथ  मिलकर उन्हें...
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Hindi Essay on “Yudh ke Labh aur Haniya” , ”युद्ध के लाभ और हानियां” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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युद्ध के लाभ और हानियां Yudh ke Labh aur Haniya   युद्ध और लाभ! नहीं, युद्ध का तो नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। युद्ध मूल रूप से कोई अच्दी बात नहीं है। यों स्वभाव से भी मनुष्य शांतिप्रिय प्राणी है और युद्धों से बचा ही रहना चाहता है, फिर भी कई बार उसे युद्ध करने की विवशता ढोनी ही पड़ती है। हानि उठाकर भी तब उसका प्रयोजन राष्ट्रीय...
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Hindi Essay on “Vigyan Aur Yudh” , ”विज्ञान और युद्ध” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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विज्ञान और युद्ध Vigyan Aur Yudh   विज्ञान और युद्ध यानी दो विपरीत धु्रव, फिर भी आज एक-दूसरे का पर्याय बनते जा रहे हैं। युद्ध! अपने-आप में ही एक बहुत बड़ी विभीषिका, मृत्यु एंव सर्वनाश को दिया जाने वाला निमंत्रण हुआ करता है यह युद्ध। फिर भी सदियों से, शायद उसी दिन से कि जब तनधारी जीवों ने धरती पर पदार्पण किया होगा, ये युद्ध लड़े जा रहे हैं। युद्ध लड़े...
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Hindi Essay on “Bharat Ki Vegyanik Pragati” , ”भारत की वैज्ञानिक प्रगति” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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भारत की वैज्ञानिक प्रगति Bharat Ki Vegyanik Pragati  ज्ञान-विज्ञान की अनवरत प्रगतियों वाले आज के विश्व में किसी भी देश की प्रगति का मानदंड उन्नत वैज्ञानिक संसाधन ही माने जाते हैं। 15 अगस्त 1947 में जब भारत विभाजन होकर स्वतंत्र हुआ था, तब देश की आवश्यकतांए पूर्ण करने के लिए सामान्य सुई औश्र ऑलपिन तक का आयोजन किया जाता था। इसके विपरीत आज भारत प्राय: उस सब-कुछ का निर्यात करने लगा...
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