Nagron Mein Badhta Pradushan “नगरों में बढ़ता प्रदूषण” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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नगरों में बढ़ता प्रदूषण Nagron Mein Badhta Pradushan भूमिका, प्रदूषण, औद्योगीकरण, वाहनों से उत्पन्न समस्याएं, जनसंख्या में वृद्धि, प्रदूषण पर रोक के सुझाव, उपसंहार मनुष्य प्रकृति की सर्वश्रेष्ठ रचना है। जब तक वह प्रकृति के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करता तब तक उसका जीवन सहज और स्वाभाविक गति से चलता रहता है। विज्ञान की प्रगति के कारण औद्योगिक विकास में मनुष्य की रुचि इतनी बढ़ गई है कि वह प्रकृति के...
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Pratah-Kal Ka Bhraman “प्रात: काल का भ्रमण” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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प्रात: काल का भ्रमण Pratah-Kal Ka Bhraman  भूमिका, प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ समय, लाभ, हानियां, आवश्यकता, उपसंहार मनुष्य को सबसे पहले अपनी सेहत की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि हमारे बहुत-से कर्त्तव्य (Duties) हैं। ये कर्त्तव्य बिना अच्छे स्वास्थ्य के पूरे नहीं हो सकते। स्वास्थ्य रक्षा के अनेक साधन हैं। इन साधनों में प्रातः काल का भ्रमण विशेष महत्त्व रखता है। दिन के सभी भागों में प्रातः काल सबसे मनोहर तथा चेतनामय होता...
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Naitik Shiksha Ka Mahatva “नैतिक शिक्षा का महत्त्व” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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नैतिक शिक्षा का महत्त्व Naitik Shiksha Ka Mahatva  भूमिका, नैतिक शिक्षा की आवश्यकता क्यों, नैतिक शिक्षा के अभाव के दुष्परिणाम, लाभ, उपसंहार सारा धन-दौलत, सुख और वैभव नैतिकता (सच्चरित्रता) पर खड़े हैं । महाभारत में प्रहलाद की कथा आती है। प्रहलाद अपने समय का बड़ा प्रतापी और दानी राजा हुआ है। उसने नैतिकता (शील) का सहारा लेकर इंद्र का राज्य ले लिया। इंद्र ने ब्राह्मण का रूप धारण करके प्रहलाद के...
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Yadi Mein Police Adhikari Hota “यदि मैं पुलिस अधिकारी होता” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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यदि मैं पुलिस अधिकारी होता Yadi Mein Police Adhikari Hota भूमिका, मेरी अभिलाषा, पुलिस तंत्र में सुधार, वर्तमान स्थिति, भविष्य उपसंहार प्रत्येक बालक अथवा युवक के मन में अपने भावी जीवन के विषय में अनेक भाव विचार जन्म लेते हैं। वह अपनी- कल्पना और अपने स्वप्न को साकार रूप में देखना चाहता है। हर एक बालक अथवा युवक की अपनी रुचि और महत्त्वाकांक्षा होती है। कोई व्यापारी बनना चाहता है तो...
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Bhukamp – Daivi Prakop “भूकंप – दैवी प्रकोप” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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भूकंप – दैवी प्रकोप Bhukamp – Daivi Prakop भूमिका, भूकंप के कारण, वैज्ञानिक आधार, विनाश, पुनर्निर्माण, उपसंहार प्रकृति उस ईश्वर की रचना होने के कारण अजेय है। मनुष्य आदिकाल से ही प्रकृति की शक्तियों के साथ संघर्ष करता आ रहा है। उसने अपनी बुद्धि, साहस एवं शक्ति के बल पर प्रकृति के अनेक रहस्यों का उद्घाटन करने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन इस प्रकृति की शक्तियों पर पूर्ण अधिकार करने...
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Bharatiya Kisan “भारतीय किसान” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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भारतीय किसान Bharatiya Kisan भूमिका, अन्नदाता, सरलता, अशिक्षा, अभाव, परिश्रमी, सरकारी योजनाएँ, उपसंहार भारतीय किसान परिश्रम, सेवा और त्याग की सजीव मूर्ति है। उसकी सादगी, सरलता तथा दुबलापन उसके सात्विक जीवन को प्रकट करते हैं। उसकी प्रशंसा में ठीक ही कहा गया है- नगरों के ऐसे पाखंडों से दूर, साधना-निरत, सात्विक जीवन के महासत्य तू वंदनीय जग का, चाहे रह छिपा नित्य इतिहास कहेगा तेरे श्रम में रहा सत्य किसान संसार...
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Varsha Ritu “वर्षा ऋतु” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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वर्षा ऋतु Varsha Ritu भूमिका, प्राणी जगत् पर प्रभाव, प्रकृति पर प्रभाव, पौराणिक मान्यता, दोष, उपसंहार मानव जीवन के समान ही प्रकृति में भी परिवर्तन आता रहता है। जिस प्रकार जीवन में सुख-दुःख, आशा-निराशा विपरीत धाराएं बहती रहती हैं, उसी प्रकार प्रकृति भी कभी सुखद रूप को प्रकट करती हैं जो कभी दुःखद। सुख बाद दुःख का प्रवेश कुछ अधिक कष्टकारी होता है। बसंत ऋतु की मादकता के बाद ग्रीष्म का...
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Daivi Prakop – Badh “दैवी प्रकोप – बाढ़” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

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दैवी प्रकोप – बाढ़ Daivi Prakop – Badh भूमिका, बाढ़ प्रकृति का प्रकोप, बाढ़ से हानियां, हमारा कर्त्तव्य, उपसंहार मनुष्य आदिकाल से ही प्रकृति की शक्तियों से संघर्ष करता चला आ रहा है। उसने अपनी बुद्धि के बल पर प्रकृति के अनेक रहस्यों का उद्घाटन करने में सफलता प्राप्त की है। लेकिन प्रकृति पर पूर्ण विजय प्राप्त करना उसके लिये कदापि संभव नहीं हो सकता। प्रकृति अजेय है। यह परिवर्तनशील है।...
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