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Hindi Essay, Moral Story “Bagal me ladka, shahar me dhindhora” “बगल में लड़का, शहर में ढिंढोरा” Story on Hindi Kahavat for Students

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बगल में लड़का, शहर में ढिंढोरा Bagal me ladka, shahar me dhindhora सदी का मौसम था। आंगन में तीन महिलाएं बैठी थीं। एक महिला लाल मिर्च के डंठल तोड़ रही थी और दो महिलाएं उसके साथ बातें कर रही थीं। मिर्च के डंठल तोड़ने वाली महिला अचानक कहने लगी, “अरी बहना, अभी-अभी मेरा लड़का यहीं खेल रहा था। वह देखो, बस्ता भी यहीं पड़ा है। मालूम नहीं कहां गया?” यह कहते...
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Hindi Essay, Moral Story “Thotha Chana, Baje Ghana” “थोथा चना, बाजे घना” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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थोथा चना, बाजे घना Thotha Chana, Baje Ghana अकबर बादशाह अधिकतर बीरबल के साथ यमुना नदी के किनारे टहलने जाया करते थे। नदी के किनारे खेतों में किसानों को काम करते देखते रहते थे। एक बार नदी के किनारे टहलते हुए अकबर बादशाह बीरबल से बोले, “बीरबल, सुना है फसल बहुत अच्छी हुई है। चलो आज खेतों में चलते हैं।” बीरबल बोले, “आपकी जैसी इच्छा।” चने की फसल पकी हुई खड़ी...
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Hindi Essay, Moral Story “Dhobi ka kutta, ghar ka na ghat ka ” “धोबी का कुत्ता, घर का न घाट का” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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धोबी का कुत्ता, घर का न घाट का Dhobi ka kutta, ghar ka na ghat ka    एक धोबी परिवार था। उसमें पति-पत्नी और दो छोटे बच्चे थे। जब धोबी गधों पर कपड़े लादकर घाट पर जाता, तो साथ बच्चों को भी ले जाता और दरवाजे पर ताला लगा जाता। धोबी का कुत्ता कभी घर पर रह जाता था और कभी धोबी के साथ चला जाता था। धोबी परिवार सहित अच्छी...
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Hindi Essay, Moral Story “Ab pachtaye hot kya, jab chidiya chug gai khet” “अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियां चुग गई खेत” Story on Hindi Kahavat

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अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियां चुग गई खेत Ab pachtaye hot kya, jab chidiya chug gai khet एक किसान परिवार था। थोड़ी खेती थी। किसानिन बहुत मेहनतिन थी। किसान बहुत आलसी था। जैसे-तैसे किसानिन ने कह-सुनकर किसान से खेत जुतवा लिए थे। जब खेत में फसल के अंकुर फूटे और खेत में से छांट-छांटकर घास काटने का समय आया, तो किसान नदारद रहने लगा। वह गांव के कुछ निकम्मे लोगों...
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Hindi Essay, Moral Story “Andhi pise, kutta khaye” “अंधी पीसे, कुत्ता खाए” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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अंधी पीसे, कुत्ता खाए Andhi pise, kutta khaye   एक गांव में एक अंधी थी। उसकी दो लड़कियां थीं, जो बाल-बच्चे वाली थीं और अपनी-अपनी ससुराल में रह रही थीं। अंधी का पति मर चुका था। खेती-बाड़ी या और कोई जरिया नहीं था, जिससे कि वह अंधी दो जून की रोटी खा सके। वह इतनी खुद्दार थी कि दान के रूप में रोटियां खाकर वह जीना नहीं चाहती थी। पति के...
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Hindi Essay, Moral Story “Andho ka Hathi” “अंधों का हाथी” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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अंधों का हाथी Andho ka Hathi एक गांव में चार अंधे थे। यह भी बात ध्यान देने वाली थी कि चारों के चारों उसी गांव में पैदा हुए थे। जब वे एक साथ बैठते, तो अपने दुख-सुख की बातें करते थे। लोगों की सुनी-सुनाई बातों पर चर्चा करते थे। उन्हें ऐसी तमाम चीजों और प्राणियों के बारे में जानने की इच्छा थी, जिनके बारे में गांव के लोगों से सुन रखा...
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Hindi Essay, Moral Story “Ya Allah, Gour me bhi Gour” “या अल्लाह, गौड़ में भी गौड़” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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या अल्लाह, गौड़ में भी गौड़ Ya Allah, Gour me bhi Gour प्रयाग में एक ब्राह्मण और एक फकीर पास-पास रहते थे। दोनों में बहुत अच्छी मित्रता थी। दोनों ही भीख मांगकर गुजारा करते थे। नगर में आए दिन ब्रह्मभोज होते रहते थे, इसलिए ब्राह्मण लगभग 12 दिन ब्रह्मभोज की दावतें उड़ाता था और शेष दिन भीख मांगकर गुजारा करता था। इस तरह पूरा महीना निकल जाता था, लेकिन फकीर का...
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Hindi Essay, Moral Story “Aab-Aab kar mar gaye, raha sirhane pani” “आब-आब कर मर गए, रहा सिरहाने पानी” Story on Hindi Kahavat for Students

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आब-आब कर मर गए, रहा सिरहाने पानी Aab-Aab kar mar gaye, raha sirhane pani एक बनिया व्यापार करने काबुल गया। काबुल में फारसी बोली जाती थी और बनिया फारसी जानता नहीं था। इसलिए उसे लोगों को अपनी बात समझाने और दूसरों की बात समझने में बहुत दिक्कत होने लगी। बनिया पढ़ा तो था ही, उसने थोड़े ही दिनों में फारसी भाषा सीख ली। वहां वह फारसी भाषा में बातें करता और...
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