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Posts tagged "Hindi Essay" (Page 201)
प्रयागं Prayag प्रयाग भारत का एक बहुत ही प्रचीन शहर है। वैदिक काल से ही इसका बहुत महत्व रहा हैं। तब से युग परिवर्तित होते रहे परंतु प्रयाग का वर्चस्व निरंतर बना रहा। इसका दूसरा नाम इलाहाबाद है। लोगों की ऐसी मान्यता है कि यहाँ की धरती इतनी पवित्र हैं कि देवतागण स्वयं यहाँ आकर निवास करते हैं। मुगल काल में समा्रट अकबर ने प्रयाग का नाम परिवर्तन कर ‘ अल्लाहबाद...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जीवन में लक्ष्य की भूमिका Jeevan me lakshay ki bhumika अथवा जीवन में लक्ष्य का निर्धारण Jeevan me lakshya ka nirdharan सभी मनुष्य के लिए जीवन में लक्ष्य का होना अनिवार्य है। लक्ष्यविहीन मनुष्य पशुओं के समान ही विचरण करता है। वह परिश्रम तो करता है परंतु उसका परिश्रम उसे किसी ऊँचाई की ओर नहीं ले जाता है क्योंकि उसका परिश्रम उद्देश्य रहित होता हैं। दूसरी ओर जीवन में एक...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
प्रातःकाल की सैर Pratahkal ki Sair अथवा प्रातःकालीन भ्रमण Pratah Kaleen Bhraman Essay No. 01 मनुष्य के लिए प्रातःकाल की सैर उतनी ही सुखदायक व रोमाचंकारी होती है उतनी ही स्वास्थयवर्धक भी। व्यक्ति के अच्छे स्वास्थय के लिए प्रातःकालीन भ्रमण अत्यंत आवश्यक है। यह शरीर में नवचेतना व स्फूर्ति का संचार करता है। शारीरिक व मानसिक दोनों ही रूपों मंे यह स्वास्थयवर्धक है। चिकित्सा शास्त्रियों की राय है कि बीमार,...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages23 Comments
जननी जन्मभूमि Janani Janambhumi निबंध संख्या:01 जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात जननी (माता) और जन्मभूमि का स्थान स्वर्ग से भी श्रेष्ठ एंव महान हैं। हमारे वेद, पुराण तथा धर्मग्रंथ सदियों से दोनों की महिमा का बखान करते रहे हैं। माता का प्यार, दुलार व वात्सल्य अतुलनीय है। इसी प्रकार जन्मभूमि की महत्ता हमारे भौतिक सुखों से कहीं अधिक है। लेखकों, कवियों व महामानवों ने जन्मभूमि की गरिमा और उसके गौरव को जन्मदात्री...
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January 1, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सच की ताकत Sach ki Takat ‘ साँच बराबर तप नहीं ‘ अर्थात् सत्य के बराबर कोई दूसरी तपस्या नहीं हैं। प्रसिद्ध भक्ति मार्गी कवि कबीरदास की उपयुक्त सूक्ति पढ़ने में भले ही सहज प्रतीत होती है परंतु यह सूक्ति स्वयं में एक विस्तृत, विशाल एवं गहन अर्थ संजोए हुए है। यदि इस सूक्ति का वास्तविक अर्थ समझ लिया जाए तो हमारे जीवन के कई संताप एवं दुःख काफी सीमा तक...
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January 1, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पर्वतीय स्थल की यात्रा Parvatiya Sthal ki Yatra निबंध नंबर : 01 देश-विदेश की सैर किसे रोमांचित नहीं करती है गरमियों के महीनों में किसी पर्वतीय स्थल का अपना ही आनंद है। इस आनंद का सौभाग्य मुझे अपने पिछले ग्रीष्म अवकाश में प्राप्त हुआ। जब मेरे पिताजी ने हमें नैनीताल भ्रमण की योजना बताई तो उस समय मेरी प्रसन्नता की कोई सीमा न रही। किसी पर्वतीय स्थल की यह मेरी...
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January 1, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages5 Comments
छत्रपति शिवाजी Chatrpati Shivaji छत्रपति शिवाजी मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे। 10 अपै्रल, सन् 1627 में शिवनेरी के दुर्ग मंे जन्मंे शिवाजी की हिंदू धर्म में अटूट आस्था थी। वे मानवता तथा मानव मूल्यों को पूर्ण प्राथमिकता देते थे। वे एक सच्चे देशभक्त थे। शिवाजी के पिता श्री शाहजी भोंसले एक बड़े जागीरदार थे। वे बीजापुर के महाराजा के प्रमुख थे। शिवाजी के जन्म के बाद शाहजी ने...
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January 1, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सम्राट अशोक Samrat Ashoka सम्राट अशोक का नाम भारतीय इतिहास के महान शासकों तथा योद्धाओं में अग्रणी है। ईसा पूर्व सन् 272 ई0 में अशोक ने मग्ध प्रदेश का राज्य सँभाला था। इसके पश्चात् अपने 40 वर्षोंे के शासनकाल में उन्होने जो ख्याति अर्जित की वह अतुलनीय है। वे एक अद्वितीय शासक के रूप में विख्यात हैं जिन्होने केवल मगध में ही नहीं अपितु भारत के कोन-कोने में सत्य और...
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January 1, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment