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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Sada Jeevan Uch Vichar”, “सादा जीवन उच्च विचार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation Classes.

सादा जीवन उच्च विचार

Sada Jeevan Uch Vichar

                आज का युग भौतिकवादी हो गया है। इसमें दिखावे की प्रवृत्ति निरंतर बढ़ती जा रही है। और इसी कारण अशांति बढ़ रही है। भारतीय संस्कृति में ‘सादा जीवन उच्च विचार’ पर बल दिया जाता रहा है। यह सिद्धांत केवल कहने भर के लिए नहीं है, अपितु यह सुख का आधार है। सादा जीवन जीने से मानसिक अशांति नहीं होती, अपितु इससे व्यक्ति संतोषी बनता है। संतोष सुखी बनाता है। बड़े-बड़े ऋषि-मुनि सादा जीवन जीते रहे पर उनके विचार बहुत उच्च थे। उनके चिंतन-मनन के कारण ही भारतीय संस्कृति एक विशिष्ट रूप ग्रहण कर पाई और वह दुनिया में श्रेष्ठ बन गई।

                आज के युग में स्वार्थ का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। यह स्वार्थ-वृत्ति दिखावे को बढ़ावा देती है। इससे जीवन जटिल हो जाता है और जीवन की सहजता जाती रहती है। जब कभी जीवन असहज हो जाता है तभी दुःख का जन्म होने लगता है। आज भी बाबा रामदेव सरीेखे व्यक्ति सादा जीवन जीने पर जोर दे रहे हैं। उनका यह कथन सुख का आधार है। इस पर चलने से जीवन सुखी बनता है।

                यदि हम अपने इतिहास पर दृष्टिपात करें तो पता चलेगा कि हमारे देश में जितने भी महापुरूष हुए हैं उनका जीवन सादगीपूर्ण था। उनके विचार बहुत ऊँचे थे, पर वे आडंबरों से कोसों दूर थे। कुछ लोग यह भ्रम पाले रखते हैं कि आडबंरपूर्ण जीवन का प्रभाव अधिक पड़ता है। पर इसमें कोई सच्चाई नहीं है। लोगों पर लंबे समय तक असर उच्च विचारों का पड़ता है, हमारे ऋषि-मुनियों का जीवन अत्यंत सादा होता था, पर उनके विचार इतने उच्च थे कि वे अभी तक हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। ये उच्च विचार ही सारी दुनिया के सुखों का आधार है। सच्चा सुख उच्च विचारों से मिलता है। सादा जीवन का अपना अलग ही किस्म का प्रभाव हुआ करता है।

यह प्रश्न भी विचारणीय है कि सुख क्या है? क्या सुख वस्तुओं के संग्रह में है? सुख का भौतिकतावादी दर्शन भले ही आधुनिक वस्तुओं में सुख की तलाश करता हो, पर सच्चा सुख मानसिक होता है। यह मानसिक सुख उच्च विचारों से ही आता है। उच्च विचार सादा जीवन में ही उत्पन्न होते हैं। जीवन की सादगी उच्च विचारों को जन्म देती है। अतः हमें भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना होगा तभी हमारा जीवन उच्च विचारों से परिपूर्ण होगा। ऐसी ही स्थिति में हमारी दुनिया सुखी बन सकेगी।

हमें उन महान पुरूषों के जीवन का अनुसरण करना होगा जिनका जीवन अत्यंत सादा था, पर जिन्होंने अपने विचारों से सारे विश्व को प्रभावित किया था। इनमें स्वामी विवेकानन्द, स्वामी दयानंद तथा महात्मा गाँधी के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। महात्मा गाँधी का जीवन सादगी की एक मिसाल था। वे अपना सारा काम स्वयं करते थे। एक धोती पहनकर सारे शरीर को ढक लेते थे। इतनी सादगी के बावजूद उनके उच्च विचारों ने सारी दुनिया में धूम मचा दी। उस अकेले व्यक्ति ने भारतवासियों को आंदोलित कर दिया। यह प्रभाव था उनके सादा जीवन और उच्च विचार का। उन्होंने इसको सुख का आधार सिद्ध करके दिखाया।

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