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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Dahej Rupi Danav” , ”दहेज रूपी दानव” Complete Essay for Class 10, Class 12 and Graduation Classes.

दहेज रूपी दानव

Dahej Rupi Danav

दहेज वह होता है जो धन अथवा वस्तुएं लड़की के माता-पिता उसे उसकी शादी के समय देते हैं। पुराने समय में यह उनकी इच्छा पर निर्भर होता था और ये प्यार की निशानी के रूप में दिया जाता था लेकिन आजकल यह शादी का एक आवश्यक हिस्सा बन चुका है। लोगों में लालच की भावना बढ़ती जा रही है। कई लड़कियों को इस दहेज रूपी दानव के कारण अपना जीवन खोना पड़ा है।

हम भौतिकवादी युग में जी रहे हैं। हर व्यक्ति पैसे की अंधी दौड़ में लगा हुआ है। समाज में किसी के रुतबे की पहचान आज उसके व्यवहार से नहीं बल्कि पैसों से होने लगी है। अमीर लोग अपनी लड़कियों के लिए पैसों के बल पर दूल्हे खरीद रहे हैं। गरीब लोगों के लिए अपनी लड़कियों के लिए योग्य वर ढूंढना एक समस्या बनती जा रही है। दहेज प्रथा ने कई बुराइयों को जन्म दिया है। कई युवतियां पैसे के अभाव के कारण अयोग्य लड़कों से विवाह करने को मजबूर हो रही हैं और कई तो अविवाहित ही रह जाती हैं।

दहेज प्रथा मानवता के माथे पर एक कलंक है। लड़कियां आज एक आर्थिक बोझ के रूप में देखी जाने लगी हैं। लडकी के जन्म पर माँ-बाप आज प्रसन्न नहीं होते। कई माता-पिता अपनी लड़कियों को पढाई लिखाई नहीं करवा रहे। वे जितनी जल्दी हो सके उनकी शादी कर के उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। दहेज रूपी इस बुराई का अन्त शादी के बाद भी नहीं होता। शादी के बाद भी लडकियों को उनके ससुराल वालों द्वारा और अधिक दहेज लाने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्हें तंग ही नहीं किया जाता बल्कि कई मामलों में तो लडकियों को जिन्दा जला दिया जाता है।

दहेज प्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने की ज़रूरत है। लोगों को इसके लिए शिक्षित किया जाना चाहिए। युवक और युवतियों को यह प्रण लेना चाहिए कि वे बिना दहेज के विवाह करेंगे। संचार माध्यमों को दहेज प्रथा की बुराइयों को उजागर करना चाहिए। जो लोग दहेज लेते हैं उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। समाज-सुधार तथा फिल्म निर्माता इस बुराई को दूर करने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दहेज प्रथा कानून बनाने से नहीं बल्कि हृदयों में और सोच में बदलाव लाकर ही समाप्त की जा सकती है।

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