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Hindi Essay on “Radio Manoranjan aur Shiksha ka Sadhan” , ”रेडियो – मनोरंजन और शिक्षा का साधन” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

रेडियो – मनोरंजन और शिक्षा का साधन

रेडियो-प्रसारण से सारी दुनिया के लोगों के मस्तिष्क क्रांतिकारी रूप से प्रभावित हुए हैं। उसके माध्यम से लोग प्रतिदिन ताजा समाचार सुनते हैं और विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों की टिप्पणियां भी। उनके ज्ञान में ऐसी बहुत-सी बातों की वृद्धि होती है जिनके प्रति वे सचेत नहीं हैं। खेलों का आंखों देखा विवरण व ताजा खेल समाचार सुनने में लोगों की विशेष रुचि दिखाई देती है। ये भी रेडियो द्वारा प्रसारित किए जाते हैं।

जरा एक अशिक्षित आदमी के बारे में सोचिये! वह अखबार नहीं पढ़ सकता, लेकिन रेडियो से प्रसारित होने वाली हर बात समझ लेता है। देश के महत्त्वपूर्ण नेताओं के भाषण रेडियो द्वारा लोग सन लेते हैं तथा सभी विभिन्न प्रकार के कलाकारों के गायन, संगीत, नाटक व इसी प्रकार के अन्य कार्यक्रमों का आनन्द भी रेडियो द्वारा प्राप्त कर लेते हैं।

रेडियो पर प्रसारित होने वाली कई वार्ताएं बेहद मनोरंजक होती हैं, कुछेक के माध्यम से लोगों को निर्देश भी मिलते हैं और उनसे साधारण जनता को शिक्षित होने का अवसर भी मिलता है इसलिये प्रायः घरों में रेडियो-सेट दिखाई देते हैं। जो लोग रेडियो रख पाने में असमर्थ हैं उनके पास ट्रांजिस्टर होता है, अर्थात मिनी-रेडियो। इस प्रकार कम व्यय से ही लोगों को मनोरंजन सुलभ हो गया है। मौजूदा समय में पूरी दुनिया के लोग किसी-न-किसी चिन्ता या परेशानी के शिकार हैं। ऐसी स्थिति में रेडियो से होने वाला मनोरंजन उन्हें प्रसन्नता प्रदान करता है और कछ क्षणों के लिये इन्सान अपनी सारी परेशानियों को भूल जाता है।

‘तानसेन समारोह’ व ‘त्यागराज संगीत समारोह’ जैसे कुछ विशिष्ट संगीत समारोहों के प्रसारण भी रेडियो से समय-समय पर होते रहते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों को सुनने के लिए दूर-दूर के स्थानों पर जाना तो शायद किसी-किसी के लिए ही सम्भव हो, किन्तु रेडियो या ट्रांजिस्टर के माध्यम से सभी उनके जीवन्त संगीत का रसास्वादन कर सकते हैं। जो लोग भक्ति-मार्गी हैं, उन्हें सात्विक भक्ति संगीत व कीर्तन-भजन के कार्यक्रम रेडियो के माध्यम से सुनने को मिल सकते हैं। और फिल्मी संगीतों में रुचि रखने वालों को स्फूर्तिदायक फिल्म संगीत का आनन्द मिल सकता है। कभी-कभी शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम भी रेडियो पर प्रसारित होते हैं। इन सभी कार्यक्रमों से जनता का पर्याप्त मनोरंजन होता है।

कभी-कभी शास्त्रीय संगीत तथा अन्य विषयों के पाठों का प्रसारण भी रेडियो पर किया जाता है। ये पाठ बहुत शिक्षाप्रद व महत्त्वपूर्ण होते हैं। इनसे विद्यार्थियों का काफी ज्ञानवर्द्धन होता है। इनके माध्यम से वे अपना स्वयं का स्तर औसत से कई गुना बढ़ा लेते हैं। इस प्रकार कुछेक रेडियो कार्यक्रम मनोरंजक होने के साथ-साथ काफी सूचनाप्रद व शिक्षाप्रद भी होते हैं और मनोरंजन के माध्यम से उनका प्रभाव भी अधिक होता है।

जनमत को गतिशील बनाने में रेडियो प्रसारण की एक महत्त्वपूर्ण और अनिवार्य भूमिका है। रेडियो पर विभिन्न राजनैतिक व आर्थिक विषयों से सम्बन्धित वार्तायें प्रसारित होती हैं और उनके द्वारा सरकार व जनता के बीच सम्पर्क बना रहता है, अतः एक अर्थ में रेडियो जनता व शासन के बीच का सम्पर्क-सूत्र भी है। जब कभी सरकार को जनता के नाम कोई आवश्यक सूचना जारी करनी होती है तो उसे रेडियो द्वारा प्रसारित किया जाता है और लोगों को तत्काल उसकी जानकारी हो जाती है। जब भी देश में किसी प्रकार की आपातस्थिति उठ खड़ी होती है तो लोगों के लिये विशेष कार्यक्रम रेडियो द्वारा ही प्रसारित किए जाते हैं। इस प्रकार रेडियो प्रसारण कार्यक्रम शासन और जनता को पास-पास लाने का काम भी करते हैं।

रेडियो संगीत लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा सुना जाता है। यह मनोरंजन का सबसे सस्ता साधन है, बहुत महत्त्वपूर्ण कलाकार यह संगीत प्रस्तुत करते हैं और इस प्रकार जाने-माने कलाकारों से हमारा सम्पर्क रेडियो द्वारा ही बनता है।

अतः रेडियो जनता के मनोरंजन का, शिक्षा व सूचनाएं प्रदान करने का सबसे सस्ता और उपयुक्त साधन है। रेडियो से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए, शिक्षकों के लिए, परिवार के सभी सदस्यों के लिए तथा किसान, मजदूर व समाज के अन्य समस्त तबकों के लोगों के लिए समान रूप से उपयोगी व मनोरंजनदायी होते हैं। उन कार्यक्रमों में मानव जीवन के प्रायः सभी पक्षों को समेटने का प्रयत्न किया जाता है और इस प्रकार वे सभी वर्गों में लोकप्रिय होते हैं।

गांवों में ग्रामीण सामदायिक केन्द्रों पर रेडियो-सैट होते हैं, और अब तो सुविधानुसार टी.वी. सैट भी सुलभ कराए जा रहे हैं। ग्रामीण जनता को रेडियो और टी.वी. पर प्रसारित होने वाले ग्राम विकास के कायक्रमों से काफी कछ सीखने का मौका मिलता है और उनके माध्यम से उनमें गांवों को अधिकाधिक स्वच्छ, आरोग्यप्रद और विकसित बनाने की भावना और प्रतिस्पर्धा जागती है, अतः इन कार्यक्रमों का काफी महत्त्व है। वे जनता का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षित भी करते हैं।

अब आल इण्डिया रेडियो विश्व की प्रमुख प्रसारण संस्थाओं में से एक है। इसके अन्तर्गत देश भर में 86 आकाशवाणी केन्द्र, तीन कमर्शियल केन्द्र और दो प्रसारण केन्द्र हैं। जनवरी 1995 में रेडियो पेजिंग सेवा प्रारम्भ हुई। इस सुविधा द्वारा अंशदाता रेडियो द्वारा संदेश भेज सकेंगे। इस प्रकार की लोक सूचना सेवा उपलब्ध कराने के लिए आकाशवाणी एशिया की पहली जन-प्रसारण सेवा बन गई है।

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