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Hindi Essay on “Mera Parivar” , ”मेरा परिवार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मेरा परिवार

Mera Parivar

मैं एक छोटे परिवार से संबंध रखता हूं। मेरे मां, बाप हैं तथा हम एक भाई और एक बहन हैं। मेरे दादा-दादी भी हमारे साथ ही रहते हैं। मेरे दादा जी एक सरकारी कालेज के रिटायर्ड प्रिंसीपल हैं। वह एक कठोर अनुशासित व्यक्ति हैं। वह हम पर सख्त नज़र रखते हैं। वे हमें अच्छी आदतें सिखाते हैं। उन्होंने हमें अपने काम के प्रति वफादार तथा अनुशासित बनाया है। मेरी दादी एक बहत अच्छी स्त्री हैं। वे हमें स्कूल के लिए तैयार होने में सहायता करती हैं। हालांकि उनकी उम्र 60 साल से अधिक है किंतु फिर भी वह बहुत चुस्त-दुरुस्त एव मददगार स्त्री हैं। वे घर को हमेशा साफ-सुथरा तथा सुसज्जित रखती हैं।

मेरे पिता मार्किटिंग में एम.बी.ए. हैं। वे एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में चीफ मार्केटिंग अधिकारी है। वह अधिकतर घर से दूर ही रहते हैं। जब भी वे घर पर होते हैं तो बहुत आराम करत हैं। वे अलग-अलग स्थानों से हमारे लिए खास तोहफे लाते हैं। वे अपनी अन-उपस्थिति में हम से हमारे अच्छे व्यवहार के बारे में पूछते हैं। जब हम टी.वी. आदि देखने में व्यस्त होते हैं तब वे अपने ज़रूरी पत्रों के उत्तर देने अपने डी.ए. तथा टी.ए. बिल भी आफिस में जमा करवाने के लिए तैयार करते हैं।

मेरी मां एक बहुत अच्छी औरत है। हालांकि वे एम.ए हैं। वह एक बहुत अच्छी मां हैं। वह हमारी पढ़ाई में अच्छे से रुचि लेती हैं तथा मुश्किलों को हल करने में सहायता भी करता है। वह एक धार्मिक स्त्री हैं तथा नियमित रूप से मंदिर भी जाती हैं। वह नाश्ता बनाने के लिए सुबह जल्दी उठ जाती हैं। वे अपने आचरण तथा लेन-देन में बिल्कुल साफ हैं। वे दूसरे के कामों में टांग नहीं अडातीं। वे हमेशा हमारी ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश करती है तथा पिता जी की भी पूरी सहायता करती हैं। वह हमारे घर का केंद्र हैं।

मेरी एक छोटी बहन है जो कि छठी कक्षा में पढ़ती है। वह पढाई में बन वह हमेशा कक्षा प्रथम आती है। सभी अध्यापक उसकी प्रशंसा करते हैं। मनीटर है। उसे नाचने का बहुत शौक है। वह बाकी एक्टीविटीज़ में भी भाग लेती वह खेलों में दिलचस्पी नहीं लेती। कई बार वह वीडियो गेम्ज खेल लेती है। घर में Tal छोटी होने के कारण वह थोड़ी लाडली है।

मैं अपने घर का इकलौता बेटा हूं। मेरे घर वाले मेरा बहुत ख्याल रखते हैं। मझे मेरे असली नाम से नहीं बुलाया जाता। मुझे घर में सब निक्कू कह कर पुकारते हैं। मेरे दोस्तों ने भी मुझे इस नाम से बुलाना शुरू कर दिया है। मेरे मां बाप मुझे बहुत प्यार करते हैं। मैं अपने घर वालों की उम्मीद तथा भविष्य हूं। मेरी दादी मां मुझे बहुत अधिक प्रेम करती हैं। मेरा सारा परिवार मेरी लंबी उम्र की कामना करता है। हमारा परिवार एक सुखी परिवार है।

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