Home »
Archive by category "Languages" (Page 271)
पर्यावरण प्रदूषण Paryavaran Pradushan हमारे आस-पास का प्राकृतिक वातावरण जिसमें हम रहते हैं—’पर्यावरण’ कहलाता है। इस प्राकृतिक वातावरण का दूषित हो जाना या इसका संतुलन विकृत हो जाना ही प्रदूषण है। प्रदूषण की वृद्धि के कारणों में मनुष्य द्वारा प्रकृति के साथ मनचाही छेड़छाड़ है। मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वनों की अंधाधुंध कटाई की, पर्वतों को तोड़ा, परमाणु भट्ठियाँ बनाईं तथा अनेक प्रकार के कीटनाशकों का प्रयोग...
Continue reading »
December 11, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
मीठे बोल Mithe Bol मधुर वचन । वशीकरण मंत्र। कटुभाषा का प्रभाव । मनुष्य के पास एक अद्भुत परम शक्ति है मधुर वाणी। मधुभाषी के लिए संसार की कोई वस्तु अलभ्य नहीं है। वह समय पर शासन करता है, परिस्थितियों को अनुकूल मोड़ देता है और अपने आस-पास के वातावरण को सहज और खुशनुमा बना देता है। मधुर वचन तो ऐसा वशीकरण मंत्र है जिससे शत्रु भी मित्र बन...
Continue reading »
December 7, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
का बरखा जब कृषि सुखाने Ka Barkha Jab Krishi Sukhane संकेत–बिंदु–लोकोक्ति का अर्थ । समय का महत्त्व। समय का सदुपयोग। समय बीत जाने पर किसी चीज की प्राप्ति कोई अर्थ नहीं रखती। खेती सूख जाने पर अमृत जैसा जल देने वाली वर्षा में भी सामर्थ्य नहीं कि वह फिर से पौधों को हरा कर सके। यह स्थिति जीवन में प्राप्त होने वाले अवसरों के विषय में कही जा सकती है क्योंकि...
Continue reading »
December 7, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हम होंगे कामयाब एक दिन Hum Honge Kamyab ek Din साधारण सी दिखने वाली यह पंक्ति हमारे मन में आशा और विश्वास की नई ज्योति जलाती है और असफलताओं से हताश, निराश व्यक्तियों को पुनः धैर्य और साहस के साथ कर्म में प्रवृत्त होने की प्रेरणा देती है। जीवन में हार-जीत, सफलता-असफलता, हानि-लाभ, सुख-दुख तो दिन-रात की तरह आते-जाते रहते हैं। कई बार परश्रिम और उद्यम के बावजूद हम अपने लक्ष्य...
Continue reading »
December 7, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages3 Comments
सत्संगति का महत्त्व Satsangati ka Mahatva संकेत–बिंदु–संगति का अर्थ। सत्संग व कसंगत का प्रभाव। विदयार्थी जीवन में महत्त्व। संगति का अर्थ है ऐसे लोगों के साथ उठना-बैठना जो हमारे जीवन को निरंतर और स्थायी तौर पर प्रभावित करते हैं। संगति अर्थात् ‘सम् + गति’ तो वह है जो दिन-रात समान रूप से हमारे साथ चल रही है क्रिया में, विचार और व्यवहार में। इसलिए जीवन के उत्थान व पतन का कारण...
Continue reading »
December 7, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की विविधता Bharat ki Vividhta कुछ खास बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहाँ हमारा जी हाँ। सच ही है मेरा देश भारत–सबसे निराला, सबसे प्यारा जो समय के थपेड़ों को खाता हुआ भी निरंतर गतिशील है। भारत भूमि स्वर्ग से भी महान है, लहराता सागर इसके चरण चूमता है, गगनचुंबी हिमालय इसके मुकुट हैं, गंगा, यमुना जैसी नदियाँ इसके गले का हार हैं...
Continue reading »
December 7, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
यदि मैं प्रधानाचार्य होता Yadi me Principal Hota भाभी मैं अपने में दिल्ली के एक सरकारी विद्यालय में छात्र हूँ। मैं अपने प्रधानाचार्य के गुणों से बहुत प्रभावित हूं। जब भा विद्यालय के प्रधानाचार्य को कार्य करते हुए देखता हूँ तो मेरा मन कल्पना के पंख लगाकर उड़ने लगता है उस विदयालय का प्रधानाचार्य समझने लगता हूं। में सोचने लगता हूँ क्या जितना आदर, प्यार, मान-सम्मान तथा प्रतिष्ठा उन्होंने अर्जित की...
Continue reading »
December 7, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
Why I Consider Myself Lucky To life is perfectly blissful. Pessimists see the glass of happiness as half empty and the optimists find it half-filled. I am an optimist and I consider myself lucky because I have loving parents and an affectionate sister. I lead a comfortable life. By God’s grace, my parents have money enough to provide me with sufficient education and many physical comforts. Nature has bestowed me with...
Continue reading »
December 1, 2020 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment