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Archive by category "Languages" (Page 164)
ईश्वर जो कुछ करता है, अच्छा ही करता है Ishwar jo kuch karta hai, Accha hi karta hai एक बार एक राजा शिकार खेलने गया। उसके साथ सेनापति तथा कुछ सिपाही थे। शिकार करते समय थोड़ी असावधानी हो गई और राजा की एक उंगली कट गई। उंगली कटते ही राजा थोड़ा ठिठक गया और इतने में ही शिकार घायल अवस्था में ही निकलकर भाग गया। कुछ सिपाही शिकार के पीछे दौड़े...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अंगूर खट्टे हैं Angoor Khatte hai गाँव से लगा हुआ एक जंगल था। जंगल में जगह-जगह चौरस जमीन थी, जिस पर खेती होती थी। बाग-बगीचे थे। उसी जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन वह हिरन की तरह चौकड़ी भरती हुई मेड़ों और खेतों को पार करती चली जा रही थी। जब वह एक बाग के पास से निकली, तो थोडा ठिठकी। वहां उसे लगा कि बाग से मीठी-मीठी महक...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जिसका काम उसी को साजे Jiska kaam usi ko sare एक धोबी था। उसके यहां एक गधा था और एक कुत्ता। धोबी सवेरे कलेवा करता और गधे पर कपड़ों की लादी लादकर चल देता। नदी पर धोबीघाट पर कपड़े धोता-सुखाता और शाम को घर आ जाता। कुत्ता कभी घर पर रहता, कभी घाट पर साथ जाता। धोबी कुत्ते को बहुत प्यार करता था। कुत्ता पूंछ हिलाकर धोबी का स्वागत करता। कुत्ता...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जो कुआं खोदता है, वही गिरता है Jo kuan khodta hai, wahi girta hai एक बादशाह था। उसके महल की चारदीवारी में ही वजीर और एक कारिंदे का आवास था। वजीर और कारिंदे के एक-एक लड़का था। दोनों लड़के आपस में पक्के दोस्त थे। दोनों हम-उम्र थे और एक ही कक्षा में साथ-साथ पढ़ते थे। दोनों खेलते भी साथ-साथ थे। एक-दूसरे के घर आना-जाना खूब था। कारिंदे का लड़का वजीर को...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बिच्छू तो डंक मारता ही है Bicchu to Dank marta hi hai फूलों की घाटी में एक गांव था। गांव के बाहर हरियाली और खेत थे। घाटी से उतरता हुआ एक पतला-सा झरना खेतों और मैदानों से होकर बह रहा था। दूर मैदान में चौपाए घास चर रहे थे। बहते पानी के पास चार-पांच लड़के खड़े थे और पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े पानी में फेंक रहे थे। उधर ही एक...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जब रखोगे, तभी तो उठाओगे Jab Rakhoge, Tabhi to uthaoge धनीराम नाम का एक व्यक्ति था। वह मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह धीरे-धीरे कामचोर बनता गया और एक दिन नाकारा हो गया। बैठे-ठाले ठगी का काम शुरू कर दिया। उसने पहले जान-पहचान वालों से उधार लेना शुरू कर दिया। जब लोग पैसे वापस मांगते, तो तरह-तरह के बहाने बना देता। जैसे-जैसे उसके जान-पहचान के लोग आपस में...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी Na rahega bans, na bajegi bansuri श्रीकृष्ण बचपन में बहुत नटखट थे। इनको बचपन से ही बांसुरी बजाने की लगन थी। ग्वाले रोजाना गायें चराने जाते थे। श्रीकृष्ण इनके बीच बांसुरी बजाते रहते थे। उनकी बांसुरी की आवाज इतनी सुरीली और मधुर होती थी कि जो भी सुनता था, वह मुग्ध हो जाता था। श्रीकृष्ण के युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते बांसुरी की आवाज जादू का काम...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सीख ताको दीजिए, जाको सीख सुहाय Seekh tako dijiye, Jako seekh suhaye जंगल में खार के किनारे एक बबूल का पेड़ था। उसमें लगे पीले फूल महक रहे थे। आसमान में चारों ओर बादल छाए हुए थे। ठंडी-ठंडी हवा चल रही थी। मौसम बड़ा सुहावना था। इसी बबूल की एक पतली डाल खार में लटकी हुई थी। इसी डाल पर बिल्कुल आखिर में बया पक्षी का एक घोंसला था। इसी घोंसले...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment