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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 310)
जलप्रलय (बाढ़) का दृश्य Jalpralay, Badh ka Drishya निबंध नंबर :01 जल प्रकृति का वह तरल पदार्थ है जो मनुष्य के लिए जीवन स्वरूप है क्योकि न तो जल के बिना जीवन की रचना ही सम्भव है न ही जीवन उसके बिना रह सकता है | मनुष्य के अतिरिक्त धरती के अन्य छोटे – बड़े जिव, पेड़ – पौधे और वनस्पतियाँ आदि सभी का जीवन जल है | और यदि जल...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हड़ताल Hadtal निबंध नंबर :-01 किसी भी संस्था के लोग जब किसी भी कारणवश सामूहिक रूप से कार्य करना बन्द कर देते है तो उसे हड़ताल कहा जाता है | यह वह प्रकिया है जो प्राय : अनाचार के विरोध से अथवा अधिकारों की मांग के लिए की जाती है | यह अधिकारों की मांग को पूरा करने का अमोघश्स्त्र है | आज के युग में जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सूचना प्रौद्दोगिकी कम्प्यूटरो और इन्टरनेट के इस दौर में सूचना प्रौद्दोगिकी सफलता की पर्यायवाची बन चुकी है | दूरसंचार , टेलीविजन, बैकिग , व्यवसाय , उद्दोग , विज्ञान, अनुसंधान व मनोरंजन के क्षेत्रो में इसका प्रभुत्व कायम हो चुका है अब अन्य क्षेत्रो में भी यह स्वय को सिद्धहस्त सिद्ध कर देगी, ऐसा हमारा विचार है | ई.मेल और ई. कामर्स सूचना प्रौद्दोगिकी के नये रूप है | इन्टरनेट के द्वारा...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अकाल Akal निबंध नंबर :-01 दुर्भिक्ष या अकाल सब तरह के अभाव की स्थिति को कहा जाता है। आम मनुष्यों के लिए खाने-पीने की पीने की वस्तुओं का अभाव, पशुओं के चारे-पानी का अभाव ही सामान्य रूप से अकाल या दुर्भिक्ष कहा जाता है। दुर्भिक्ष का कारण यदि अभाव है, तो उस अभाव कारण क्या हो सकता है, सोचने-विचारने की बात है। ऐसा भी कहा-सुना जाता कई बार बनावटी कारणों से...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भिक्षावृत्ति भिक्षावृत्ति से तात्पर्य है भीख मांग कर जीविका अर्जित करना | यह हमारा जीवन – यापन का निकृष्टतम तरीका कहलाता है | इस तरीके का सहारा वे ही लोग लेते है जो अपने मान – सम्मान , पुरुषत्व और पुरुषार्थ का त्याग कर देते है | भिक्षावृत्ति के लिए लोगो को झूठ- सच्चे बहाने बनाकर अपनी हीनता प्रकट कर दूसरो के दिलो में दया की भावना जगानी पडती है, तब...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
निर्धनता – एक अभिशाप निर्धनता किसी भी समाज अथवा राष्ट्र के लिए एक अभिशाप है | निर्धनता मनुष्य के जीवन की वह स्थिति है जव वह जीवन की अनिवार्यताओ से भी वंचित रह जाता है तथा बद से बदतर जीवन व्यतीत करने पर बाध्य हो जाता है | निर्धन व्यकित के लिए साड़ी दुनिया सुनी रहती है | अत : निर्धनता को अनन्त दु:ख का प्रतीक मन जाता है | आज...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार का अर्थ है भ्रष्ट आचार अर्थात बिगड़ा हुआ आचरण या कार्य | नीति न्याय, सत्य तथा ईमानदारी आदि की उपेक्षा करके स्वार्थवश किए हुए सभी कार्य भ्रष्टाचार में गिने जाते है | भ्रष्टाचार के जन्मदाता है स्वार्थलिप्सा और भौतिक ऐश्वर्य | अधिक धन की प्राप्ति के उद्देश्य से लोग भ्रष्टाचार का सहारा लेते है | आज लोग इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इन निम्न प्रकार के कार्यो का...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
निरक्षरता – एक अभिशाप Niraksharta Ek Abhishap निबंध नंबर : 01 निरक्षरता का सामान्य अर्थ है – अक्षरों की पहचान तक न होना | निरक्षर व्यक्ति के लिए तो काला अक्षर ‘भैस बराबर’ होता है | जो व्यक्ति पढना- लिखना एकदम नही जानता , अपना नाम तक नही पढ़-लिख सकता , सामने लिखी संख्या तक को नही पहचान सकता है | उसे निरक्षर कहा जाता है | निरक्षर व्यक्ति न तो...
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February 5, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment