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Posts tagged "Hindi essays" (Page 133)
भारत और चीन सम्बन्ध Bharat aur China Sambandh एशिया के दो महान् देश हैं भारत और चीन जिन्होंने मौजूदा राजनीतिक समीकरण की आवश्यकता को भलीभाँति समझ लिया है। ऐसा लगता है कि अब ये दोनों सकारात्मक दायित्व निभाने, एक ध्रुवीय शक्ति से संत्रस्त मानवता और राष्ट्रों को बचाने, एक नया राजनीतिक समीकरण तथा संतुलन बनाने की दिशा में अग्रसर भी हो उठे हैं। भारत और चीन दोनों ही पराधीनता और...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की तटस्थ नीति Bharat ki Tatastha Niti विश्व शान्ति के संदेशवाहक भारत ने अहिंसा के अमोघ अस्त्र के द्वारा मातृभूमि को विदेशियों के चंगुल से मुक्त कराया था। उसकी प्रबल इच्छा है कि विश्व के सभी बार की तरह मिल जुल कर रहें। उनमें पारस्परिक सहयोग, सद्भावना और संवेदना हो। एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहे और हर एक क्षत्र में प्रगति करने का अवसर...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
नारी और राजनीति Nari aur Rajniti राजनीति को शायद किसी भी युग में कोई अच्छी बात नहीं माना गया। फिर भी सृष्टि विकास के आरम्भ से ही मनुष्य राजनीति करने, राजनीतिक कार्यों में भाग लेने को विवश कर रहा है। सृष्टि की आरम्भिक अवस्था में जब पेडों से नीचे उतर गुफाओं से बाहर निकल, छोटी-छोटी झोपड़पट्टियां बनाकर मनुष्य जाति ने रहना आरम्भ किया था, तभी से उसके जीवन में राजनीति का...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
नारी और फैशन Nari aur Fashion नारी जीवन और समाज का परम विशिष्ट आधा अंग है। सच तो यह है कि नारा-विहीन जीवन और समाज की कतई कल्पना ही नहीं की जा सकती। वह जननी है, माँ है, सभी पुरुष, घर परिवार और संसार के अस्तित्व का कारण है। संसार में जो ना हुआ या हो रहा है. उस की पष्ठभमि में प्रेरणा के रूप में नारी जीवन विद्यमान है। प्रत्येक...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कामकाजी महिलाओं की समस्याएँ Kamkaji Mahilao ki Samasyaye सामान्यतया-विशेषकर भारत में महिलाओं का स्थान कुछ वर्षों पहले तक घर-परिवार की सीमाओं तक ही सीमित समझा जाता रहा है। प्राचीन भारत में नारी के पूर्ण स्वतंत्र, सभी प्रकार के दबाओं से पूर्ण मुक्त रहने के विवरण अवश्य मिलते हैं। यह विवरण भी मिलता है कि जब वे अपनी पारिवारिक स्थिति के अनुसार हर प्रकार की शिक्षा भी क्योंकि तब शिक्षा प्रणाली आश्रम...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आधुनिक भारतीय नारी के कर्त्तव्य और आदर्श Adhunik Bharatiya Nari ke Kartvya aur Adarsh नारी व्यापक जीवन और समाज का आधा अंग कहा जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले तक परिस्थितिवश उसके जीवन व्यवहारों पर अनेक प्रकार के प्रतिबन्ध लगे हए थे। उसकी तनिक-सी भी चेष्टा को उड़ने का प्रयास मान कर संदेह की नजर से देखा जाता था। उसे प्रायः शिक्षा भी नहीं दी जाती थी। यदि दी भी जाती,...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
निरक्षरता के दुष्परिणाम Niraksharta ke Dushparinam निरक्षरता, अर्थात अक्षर तक का ज्ञान न होना, काला अक्षर भैंस बराबर होना या समझना। आज के ज्ञान-विज्ञान की चरम उन्नति वाले युग में भी किसी देश में शिक्षा का अभाव या निरक्षरता की स्थिति रहना वास्तव में बड़ी ही लज्जाजनक बात है। यों स्वतंत्र होने के बाद भारत में शिक्षा और साक्षरता का काफी प्रचार-प्रसार हुआ है, पर फिर भी संसार के विकसित...
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November 13, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
साक्षरता अभियान Saksharta Abhiyan साक्षरता अभियान अनपढ-अशिक्षित भारत में शिक्षा-प्रचार का एक प्रयास कहा जा सकता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यद्यपि भारत में शिक्षा का प्रचार और विकास काफी हुआ है। शिक्षालयों के बढ़ने के साथ-साथ पढ़-लिख सकने में समर्थ लोगों की संख्या भी काफी बढ़ी है। फिर भी जनसंख्या के अनुपात से अभी तक भारत में शिक्षितों की तो क्या, मात्र साक्षरों अर्थात् अक्षर-ज्ञान रखने वालों की संख्या...
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November 13, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment