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Posts tagged "Hindi essays" (Page 132)
भारत में लोकतंत्र की सार्थकता Bharat me Loktantrata ki Sarthakta संसार में शासन चलाने की जो अनेक प्रणालियाँ प्रचलित है, उनमें से लोकतंत्र जन-हित की दृष्टि से सब से श्रेष्ठ प्रणाली माना गया है। इसे जनतंत्र और गणतंत्र भी कहा जाता है। इस शासन प्रणाली की प्रमुख विशेषता इस की परिभाषा के अनुसार यह मानी जाती है इसमें लोक या जन (जनता) द्वारा चुनी गई सरकार द्वारा जनता के हित-साधन...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की साँस्कृतिक एकता Bharat ki Sanskritik Ekta अस्कतिक दृष्टि से भारत इस धरती का अत्यन्त प्राचीन देश माना जाता है। रोम मस की प्राचीनतम मानी जाने वाली सस्कृतियों के खण्डहर विशेष भी इस धरा धाम बीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं, जब कि भारतीय सभ्यता-संस्कति के भीतर अपनी कुछ आत्यन्तिक विशेषताएँ ऐसी हैं कि समय-समय पर प्रयत्न किये जाते रहने पर भी आज तक इस का कोई बाल भी बाँका...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत-निर्माण में राजनेताओं का योगदान Bharat Nirman me Rajnetao ka Yogdan निर्माण दो-चार या दस-बीस वर्षों में नहीं हो जाया करता, बल्कि उसके लिए सैकड़ों हजारो वर्षों का समय लग जाता है। अत: भारत-निर्माण में राजनेताओं का योगदान, जैसे विषयों पर चर्चा करना न तो उचित विषय ही प्रतीत होता है, न उनके कार्यों और निर्माण को वास्तव में नापा-तोला ही जा सकता है। हमारे विचार में यहाँ इस शीर्ष का...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विश्व-शान्ति और भारत Vishwa Shanti aur Bharat निबंध संख्या :- 01 अपने मूल स्वभाव में भारत एक अध्यात्मवादी और शान्ति प्रिय देश रहा है। यह अलग बात है कि आज का भारतीय आधिकाधिक मौलिक साधनों को पाने के लिए आतुर हो और दीवाना बन कर अपनी मूल अध्यात्म चेतना से भटकता जा रहा है. उस से हर दिन दूर होता जा रहा है: पर जहाँ तक शान्तिप्रियता का प्रश्न है, हमारे...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आतंकवाद की समस्या Aatankwad ki Samasya निबंध नंबर: 01 आतंकवाद या उग्रवाद ! कहने को तो आज सारे विश्व के सामने इसकी भयावह “मुह बाए, जीभ लपलपाती हुई खड़ी है; पर भारत को तो इसने बहुत बुरी तरह लपेट में ले रखा है। इस बात में तनिक भी सन्देह नहीं। ये अब्दुल निदाल और गुलबुदीन हिक्मतपार जैसे कुछ आतंकवादियों ने अपनी गति-विधियों से सारे विश्व को आतंकित कर रखा है; पर...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
ध्वनि-प्रदूषण Dhwani Pradushan मनुष्य को प्रकृति का वह वरदान प्राप्त है कि वह बोल सकता है। उसके पास एक उन्नत भाषा है। उस भाषा में वह बातचीत कर सकता है। विचारों को समझ-समझा या उनका आदान-प्रदान कर सकता है। प्रकृति को वरदान और भाषा अर्जित बल पर मनुष्य गनगना सकता है। स्वर-लय में गा सकता है। चाहने और पड़न पर रो भी सकता है, चिल्ला भी सकता है। इस प्रकार...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
महानगरीय परिवहन-व्यवस्था Mahanagariya Parivahan Vyavastha दिल्ली हो या कलकत्ता, बम्बई हो या मद्रास-इस प्रकार के सभी महानगरों में जन-संचरण के लिए रक्तवाहनियों के समान उचित परिवहन-व्यवस्था का रहना बहुत आवश्यक माना गया है। इसके अभाव में यहाँ का जीवन कहा जा सकता है कि एक कदम ना नहीं चल सकता। एक दिन परिवहन व्यवस्था किसी कारण से न मिल पाने पर लगता जस सारा नगर, सारा वातावरण और वहाँ का सारा...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत और इस्राइल सम्बन्ध Bharat aur Israel Sambandh शीत युद्ध की समाप्ति के उपरान्त हमारे देश की राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत विदेश नीति में भी परिवर्तन आया। भारत-इस्राइल राजनयिक सम्बन्धों की स्थापना को इनमें सस महत्त्वपूर्ण परिवर्तन माना जाता है। इन सम्बन्धों की पृष्ठभूमि 1991 में उस समय जब सयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिका की पहल पर इस्राइल के सम्बन्ध में लाए गए प्रस्ताव पर भारत ने अपना समर्थन दिया। यह...
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November 26, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment