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Posts tagged "Hindi essays" (Page 125)
विज्ञान का मानव-विकास में योगदान विज्ञान ने मानव-जीवन को पूरी तरह बदल डाला है। हमारे पहनने के वस्त्रों का निर्माण कारखानों में होता है। जिन मशीनों का हम दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं वे विश्व के अनेक भागों में निर्मित होती हैं। कुकर, कूलर, फ्रिज, रेडियो सेट, टी.वी., कैमरा, टेलीफोन, बेतार प्रणाली, दूरबीन और सूक्ष्मदर्शी तथा इसी प्रकार के अन्य अनेक उपकरण आज मानव सुख-सुविधा के स्रोत बन चुके हैं।...
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February 24, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरे जीवन का सबसे अच्छा दिन Mere Jeevan ka Sabse Accha Din जीवन दुःखों से परिपूर्ण है। इस विश्व में पूरी तरह प्रसन्न काई भी नहीं, किन्तु सभी मनुष्यों के जीवन में प्रसन्नता और दुःख के क्षण हरदम आते हैं। मनुष्यों को जब किसी वस्तु की उपलब्धि हो तब उन्हें घमण्ड नहीं करना चाहिये। ऐसा न हो कि दुःख अथवा प्रसन्नता उनमें बहुत अधिक परिवर्तन ला दे, किन्तु इस विश्व में,...
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February 24, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
अगर मेरी लाटरी खुल जाए Agar meri Lottery khul jaye एक गरीब परिवार में पैदा होने तथा कठोर परिश्रमयुक्त जिन्दगी गुजारने की स्थिति में क्या कभी लाटरी निकलने जैसा सपना देखा जा सकता है? अब तक के अपने जीवन में मैंने बहुत बार लाटरी के टिकट खरीदे हैं, लेकिन वे सभी बेकार साबित हुए। दुर्भाग्यवश, मुझे उन टिकटों से एक कानी कौड़ी भी कभी नहीं मिल सकी। अभी कुछ ही दिनों...
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February 22, 2020 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
समाचार-पत्र और राष्ट्र-हित किसी भी राष्ट्र के जीवन में समाचार-पत्रों की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रेस को राष्ट्र की चौथी सम्पत्ति माना जाता है। एक प्रजातांत्रिक देश में समाचार-पत्र देशवासियों के हितों के संरक्षक होते हैं। वे जनता पर ढाए गए अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाते हैं। विश्व में घटित होने वाली सभी महत्त्वपूर्ण घटनाओं का विज्ञापन समाचार-पत्रों द्वारा ही होता है। सामयिक समाचार और सूचनाएं भी समाचार-पत्र के ही...
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February 22, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
नई शिक्षा प्रणाली: 10 + 2 + 3 लार्ड मैकाले ने हमारे देश के लिए एक ऐसी शिक्षा-प्रणाली प्रस्तुत की थी जिसका उद्देश्य अधिक-से-अधिक ऐसे क्लर्क तैयार करना था जो कम वेतन लेकर प्रशासनिक कार्य सम्भाल सकें। वह शिक्षा-प्रणाली पश्चिमी ढंग पर तैयार की गई थी जिसमे अंग्रेजी भाषा और संस्कृति पर आधारित शिक्षा दी जाती थी। अतः भारत की पद्धति स्वाधीन भारतीय समाज में हमारा आवश्यकताआ की पूर्ती कर पाने...
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February 22, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत में निर्वाचन प्रक्रिया Bharat me Nirvachan Prakriya संयुक्त राज्य अमेरिका तथा इंग्लैण्ड की भांति, भारत भी ‘अप्रत्यक्ष प्रजातन्त्र’ है। यहां प्रशासनिक मामलों का निर्णय करने तथा प्रशासन को चलाने की सम्पूर्ण शक्ति लोगों/नागरिकों के पास है और जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रशासन चलाती है। यहां एक समय की निश्चित अवधि के उपरान्त चुनाव होते रहते है। एक निर्धारित आयु-सीमा से ऊपर वाले सभी व्यक्तियों को बिना...
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February 14, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बन्द और रैलियां Bandh aur Ralliya आजकल प्रायः बन्दों, रैलियों, भूख हड़तालों, लम्बी हड़तालों और यात्राओं का रिवाज हो गया है। ये सब तरीके सरकार/सत्ता के अन्यायों या उसके नीति सम्बन्धी निर्णयों के प्रति असंतोष प्रकट करने के भोंडे तरीके हैं। इनके कारण सबके काम-काज रुक जाते हैं; दफ्तरों, शिक्षा संस्थाओं, व्यापार आदि के सब काम ठप्प पड़ जाते हैं। लेकिन प्रश्न यह है कि जिन उद्देश्यों के लिए ये रैलियां...
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February 14, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आज के युवाओं की समस्याएं Aaj ke Yuvao ki Samasya सारी पीढी पर ‘हताशा’ का बिल्ला चिपका देना, उनकी समस्याओं को सही नजरिये से न देखने जैसा है। ऐसा करना उस पीढी के प्रति अन्याय होगा। उनकी स्थिति को रंगीन चश्मे से देखने से न सत्य का पता लग सकता है और न तथ्यपूर्ण विश्लेषण हो सकता है। ऐसा करने से जो दिखाई पड़ता है, वह एक पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण का...
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February 14, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment