साम्प्रदायिकता – लोकतन्त्र के लिए खतरा Sampradayikta Loktantra ke liye Khatra भूमिका– साम्प्रदायिकता एक संकीर्ण विचारधारा है जिसके चलते एक धार्मिक सम्प्रदाय के लोग दसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनदेखा कर देते हैं और राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए अपने देश के हित की भी परवाह नहीं करते। साम्प्रदायिकता का अर्थ अपने धर्म के प्रति वफादारी निभाते हुए उसके हित के लिए हर संम्भव प्रयत्न करना...
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February 19, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
नशा नाश करता है Nasha Nash Karta Hai मानव परमात्मा की सर्वोत्तम रचना है। 84 लाख योनियों में से अनेक जन्मों पश्चात् दुर्लभ मनुष्य जीवन प्राप्त होता है। यहां जीवन परमार्थ, धर्मार्थ एवं पुण्य कर्म करने का आधार है परन्तु फिर भी कुछ नादान लोग इस बहुमूल्य मनुष्य जीवन को अनेक प्रकार के नशों द्वारा नष्ट कर डालते हैं तथा नशे मानव जीवन के लिए अभिशाप हैं। ये मनुष्य को...
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February 19, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मानवाधिकार Manav Adhikar निबंध संख्या :- 01 10 दिसंबर, 1946 को संयुक्त राष्ट्र की साधारण सभा में मानवाधिकारों की विश्व घोषणा की। इसके पक्ष में 45 मत पड़े, विरोध में कोई नहीं था। निम्न आठ राष्ट्रों ने मतदान में भाग नहीं लिया। बायलेस्पियन, सोवियत, समाजवादी गणतंत्र, चेकोस्लोवाकिया, पौलेंड, सऊदी अरब, उक्रेनियन, सोवियत समाजवादी गणतंत्र, संयुक्त सोवियत समाजवादी गणतंत्र, दक्षिण अफ्रीकी संघ और यूगोस्लाविया। देखा जाए तो यह घोषणा कोई कानून नहीं...
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February 18, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एड्स–बचाव ही इलाज Aids Bachav hi Ilaj भारत में दुनिया के सबसे अधिक एड्स पीड़ित है या नहीं, यह एक विवाद का विषय है। स्वास्थ्य की दृष्टि से निस्सन्देह आने वाले समय में देश के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती होगी। महिलाओं, बच्चों में इस रोग का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है तथा शहर की अपेक्षा गाँवों में इसका प्रकोप तेज़ी से फैल रहा है। एड्स (AIDS) अंग्रेजी...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कन्या भ्रूण हत्या Kanya Bhrun Hatya भारतीय संस्कृति में नारी को बहुत ही गौरवमयी स्थान प्राप्त है। भारतीय संस्कृति के अनुसार- “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” अर्थात् जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। नारी के बिना कोई धार्मिक अनुष्ठान, हवन यज्ञ आदि पूर्ण नहीं होता। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि मध्यकाल में नारी की स्थिति काफी दयनीय बना दी गई थी। समाज...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
युवावर्ग और बेकारी Yuvavarg aur Bekari भूखी स्त्री अपने पुत्र को छोड़ देती है । भूखी नागिन अपने अंडों को खा जाती है । भूखा व्यक्ति क्या क्या पाप नहीं करता, दयाहीन मनुष्य निर्धन ही तो होता है । यही दशा आज के वर्तमान युग में विद्यमान है । चारों और चोरियाँ और डकैतियाँ लूटमार/कहीं बैंक के खजाने की लटने की घटनाएं, कहीं गाड़ियाँ को लटने के समाचार टैलीवीज़न में...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत में बेकारी की समस्या Bharat mein Bekari ki Samasya आज हमारे देश के सम्मुख बहुत सी समस्याएं हैं जिनमें से बेकारी एक प्रमुख समस्या है । यह समस्या स्वतन्त्र भारत को अंग्रेज़ों से विरासत के रूप में मिली थी । अंग्रेज़ी शासन ने इंगलैंड के लाभ को ध्यान में रखते हुए यहां कल-कारखानों की स्थापना में कोई रुचि नहीं ली और बाबूगिरी सिखाने वाली शिक्षापद्धति चलाई थी । फलस्वरूप...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बढ़ता हुआ प्रदूषण–एक समस्या Badhta hua Pradushan ek Samasya सृष्टि में पर्यावरण सामान्यतौर पर वायु, जल, मिट्टी, पौधों, वृक्षों तथा पशुओं द्वारा परस्पर संयोग से किया जाता है । ये पारस्परिक सन्तुलन को बनाए रखने के लिए एक दूसरे को प्रभावित भी करते हैं । सन्तुलित पर्यावरण में सभी तत्त्व एक निश्चित अनुपात में विद्यमान होते हैं, किन्तु पर्यावरण में पाए जाने वाले एक या अधिक तत्वों की मात्रा अपनी निश्चित...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment