E-Commerce Business “ई-कॉमर्स व्यवसाय” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.
ई-कॉमर्स व्यवसाय
E-Commerce Business
भूमिका, अर्थ, प्रारंभ, कार्यप्रणाली, लाभ, उपसंहार
ई-कॉमर्स का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स अर्थात् इंटरनेट द्वारा व्यापार । आज इंटरनेट द्वारा व्यापार में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है । 1998 में इस मीडिया के द्वारा 43 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। जो निरंतर उन्नति कर रहा है ।
इंटरनेट द्वारा व्यापार प्रणाली बहुत सरल है। यदि कोई व्यापारी कुछ खरीदना चाहता है तो वह वेब पेज पर संबंधित व्यापारी के इलेक्ट्रॉनिक स्टोर में वर्णित उत्पादों में से वांछित उत्पादों को चुन लेता है। तब वह उस ‘आर्डर फार्म’ को भर देता है जिसमें उत्पादों के साथ-साथ चीजों की कीमत भी दी होती है। उसके द्वारा चीज़ों का चुनाव करने के बाद सैट हरकत में आ जाता है और वह सिक्योर्ड चैनल के द्वारा खरीददार के अकाऊंट की सूचना देता है। सैट खरीदने वाले और बेचने वाले दोनों पार्टियों की सुरक्षा और प्रामाणिकता का मापदंड है। यह संदेश को नेट पर सुरक्षित भेजने के लिए गुप्त संदेश भेजने की विधि का उपयोग करता है। विक्रेता को जब माल का आर्डर मिल जाता है तो वह खरीददार के बैंक को पैसे की अदायगी के लिये इजाज़त का फ़ार्म भेजता है। जब उसे इसकी स्वीकृति मिल जाती है तो वह कार्डहोल्डर को इसकी पुष्टि की सूचना देने के बाद माल भेज देता है।
इस प्रक्रिया के बाद विक्रेता खरीददार के बैंक को वास्तविक राशि की अदायगी का अनुरोध करता है। अंततः वह धनराशि क्रेता के बैंक-अकाऊंट से विक्रेता के बैंक अकाऊंट में ट्रांसफर कर दी जाती है । व्यापार की इस प्रणाली से ग्राहक और व्यापारी में सीधा संपर्क होता है। बिचौलियों को कमीशन नहीं देनी पड़ती। व्यापार का क्षेत्र बहुत ज्यादा विस्तृत होता है और बिक्री से लाभ भी अधिक होता है। व्यापार प्रक्रिया मिनटों में पूरी हो जाती है। साथ-साथ पैसों की अदायगी भी हो जाती है। इसमें समय की बहुत बचत होती है। घर बैठे ही ग्राहक के सामने पूरी मार्किट स्क्रीन पर आ जाती है और उसे कुछ भी खरीदने बाज़ार नहीं जाना पड़ता। इससे जो माल ग्राहक ख़रीदता है वह विश्वसनीय और सही होता है। यदि इसमें कोई खराबी हो, तो क्रेता और विक्रेता सीधे ही बात कर समस्या का हल ढूंढ़ सकते हैं। भारत में ई-कॉमर्स अभी अधिक लोकप्रिय नहीं हुआ है, लेकिन आशा है यह शीघ्र ही लोकप्रिय हो जायेगा। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में इंटरनेट पर नीलामी में एक ट्रक सेब बेचा गया। कोटगढ़ कुमार सैन क्षेत्र (हिमाचल प्रदेश) के संजीव मेहता, विनोद कश्यप और सुनील मेहता ने इस प्रकार का पहला विक्रय किया। इंटरनेट पर यह नीलामी बंगलौर की एक फ़र्म संजीवनो इंफोटेक ने की और खरीददार थे चेन्नई के अमीर-उल-हसन। कंपनी ने यह नीलामी ‘फ़ार्मरबाज़ार कॉम’ वेबसाइट पर की। इससे लगता है कि ई-कॉमर्स द्वारा निकट भविष्य में व्यापार में काफ़ी वृद्धि होगी।
ई-कॉमर्स के सचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण की ज़रूरत होती है। अतः आज के युवा वर्ग के लिए इस क्षेत्र में काम के बहुत अधिक अवसर हैं। इसलिये युवा ई-कॉमर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करके अपना कैरियर बना सकते हैं।






















