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Essay on “Different Seasons in India” Complete Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Different Seasons in India The year revolves around many seasons, namely — summer, rainy, autumn, winter and spring. Each season brings about a certain change in our lives and leaves its mark on Earth and also in our minds. Mythology has a lot to offer on the subject of the changes in season, but now people refer to it as logic. When spring comes, flowers begin to bloom, birds begin to...
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Hindi Essay on “Mera Priya Kavi : Tulsidas” , ”मेर प्रिय कवि : तुलसीदास” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मेर प्रिय कवि या   तुलसीदास निबंध नंबर :- 01 तुलसीदास हिंदी साहित्य के अमर कवि होने के साथ-साथ मेरे प्रिय कवि भी हैं। भक्तिकालीन कवियों में कबीर, सूर, तुलसी, मीारा और आधुनिक कवियों में मैथलीशरण गुप्त, महादेवी वर्मा जैसे कुछ कवियों का रसास्वादन किया है। इन सबको अध्ययन करते समय जिस कवि की भक्ति भावना ने मुझे अभिभूत कर दिया उसका नाम है-महाकवि तुलसीदास। लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास हिंदी-साहित्य-जगत की एक अमर...
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Hindi Essay on “Mera Priya Neta: Subhash Chander Bose” , ”मेरे प्रिय नेता: सुभाष चंद्रबोस” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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  मेरे प्रिय नेता  या  नेताजी सुभाष चंद्रबोस   ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।’   खुना के बदले आजादी देने की घोषणा करने वाले भारत माता काा अमर सपूत सुभाषचंद्र बोस का जन्म उड़ीसा राज्य के कटक नामक नगर में 23 जनवरी 1897 में हुआ था। उनके पिता राय बहादुर जानकीनाथ बोस वहां की नगरपालिका एंव जिला बोर्ड के प्रधान तो थे ही, नगर के एक प्रमुख वकील...
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Hindi Essay on “Tyoharo ka Jeevan mein Mahatav” , ”त्यौहारों का जीवन में महत्व” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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त्यौहारों का जीवन में महत्व त्यौहार समय-समय पर आकर हमारे जीवन में नई चेतना, नई स्फूर्ति, उमंग तथा सामूहिक चेतना जगाकर हमारे जीवन को सही दिशा में प्रवृत करते हैं। ये किसी राष्ट्र एंव जाति-वर्ग की सामूहिक चेतना को उजागर करने वाले जीवित तत्व के रूप में प्रकट हुआ करते हैं। कोई राष्ट्र त्यौहारों के माध्यम से अपने सामूहिक आनंद को उजागर किया करते हैं। व्यक्ति का मन आनंद तथा मौजप्रिय...
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Hindi Essay on “Apne Aap Par Vishvas” , ”स्वंय पर विश्वास” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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स्वंय पर विश्वास संस्कूत में कहा गया है कि मत ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है ‘मन एंव मनुष्याणां कारण बंधा न मोक्ष्यों।’ मन की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। मन ही व्यक्ति को सांसारिक बंधनों से बांधता है, मन ही उसे अन बंधनों से छुटकारा दिलाता है। मन ही मन उसे अनेक प्रकार की बुराईयों की ओर प्रवृत्त करता है, तो मन ही उसे अज्ञान से ज्ञान की...
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Hindi Essay on “Jo Hua Acche Hua” , ”जो हुआ अच्छा हुआ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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जो हुआ अच्छा हुआ अक्सर लोगों को कहते सुना है कि अपना मान-सम्मान, अपना यश-अपयश, अपना सुख-दुख और आनि लाभ आदि सभी कुछ मनुष्य के अपने हाथों ही रहा करता है। एक दृष्टि से यह मान्यता काो सत्य एंव उचित भी कहा जा सकता है। वह इस प्रकार कि मनुष्य अच्छे-बुरे जैसे भी कर्म किया करता है, उसी प्रकार से उसे हानि-लाभ तो उठाने ही पड़ते हैं। उन्हें जान-सुनकर विश्व का...
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Hindi Essay on “Satya Ki Shakti” , ”सत्य की शक्ति ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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सत्य की शक्ति Satya ki Shakti या सत्यमेव जयते Satyamev Jayate निबंध नंबर :01   ‘सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप। जाके हिरदय सांच है, ताकि हिरदय आप।।’ संत कबीर द्वाारा सचे गए इस सूक्ति परक दोहे का सीधा और सरल अर्थ इस प्रकार किया जा सकता है कि इस नाशवान और तरह-तरह की बुराईयों से भरे विश्व में सच बोलना सबसे बड़ी सहज-सरल तपस्या है। सत्य बोलने, सच्चा व्यवहार करने सत्य...
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Hindi Essay on “Aatamnirbhar” , ”आत्मनिर्भर” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

आत्मनिर्भर या स्वावलंबी   ‘खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर सं पहले खुदा बंदे से ये पूछे- बता तेरी रजा क्या है?’ शायर की उपर्युक्त पंक्तियां स्वावलंबी मनुष्य के बारे में है। जिनका आशय है कि स्वावलंबी या आत्मनिर्भर व्यक्तियों के सामने ईश्वर को भी झुकना पड़ता है। ऐसे व्यक्तियों का भाज्य लिखने से पहले ईश्वर को भी उनसे पूछना पड़ता है ‘बता तेरी रजा (इच्छा) क्या है।’ परमुखापेक्षी...
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