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Archive by category "Languages" (Page 2)
महंगाई की समस्या Mehangai Ki Samasiya भूमिका, कारण, उपसंहार आज विश्व के देशों के सामने दो समस्याएं प्रमुख हैं-मुद्रा-स्फीति तथा महगाई। जनता अपनी सरकार से मांग करती है कि उसे कम दामों पर दैनिक उपभोग की वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं। विशेषकर विकासशील देश अपनी आर्थिक कठिनाइयों के कारण ऐसा करने में असफल हो रहे हैं। लोग आय में वृद्धि की भी मांग करते हैं। देश के पास धन होता नहीं। फलस्वरूप...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दहेज प्रथा – एक भयानक कलंक Dahej Pratha – Ek Bhayanak Kalank अथवा दहेज, समस्या और आपका समाधान Dahej, Samasya aur Apka Samadhan भूमिका, आरंभ, सात्विक रूप, विकृत रूप, कारण एवं समाधान, उपसंहार भारतीय समाज में फैली हुई अनेक कुरीतियां गौरवशाली समाज के माथे पर कलंक हैं। जाति-पाति, छुआछूत, और दहेज जैसी प्रथाओं के कारण विश्व के उन्नत समाज में हमारा सिर लाज से झुक जाता है। समय-समय पर अनेक समाज...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जीवन में परिश्रम का महत्त्व Jeevan Mein Parishram Ka Mahatva भूमिका, परिश्रम का महत्त्व, आलस्य से हानियां, परिश्रम और भाग्य, उपसंहार इस संसार में जितने भी चेतन प्राणी हैं, उनमें से कोई भी कर्म किए बिना नहीं रह सकता। यहां तक कि प्रकृति के सभी पदार्थ भी नियमपूर्वक अपना कार्य करते हैं। सूर्य प्रतिदिन समय पर निकलकर संसार का उपकार करता है। वह कभी अपने नियम का उल्लंघन नहीं करता। नदियां...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
यदि मैं शिक्षा मंत्री होता Yadi Mein Shiksha Mantri Hota भूमिका, पाठ्य पुस्तकों का बोझ कम करने, व्यवसाय से जुड़ी शिक्षा, बहुमुखी विकास, माध्यम, उपसंहार मनुष्य जब-जब अपने जीवन से असंतुष्ट होता है, वह असंतुष्टि के कारणों को दूर करने की इच्छा करता है। इस इच्छा में ही मानव की उन्नति का भेद छुपा हुआ है। विद्यार्थी होने के कारण मेरी अधिकांश इच्छाएं शिक्षा के साथ संबंधित हैं, इसलिए मैं प्रायः...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरी प्रिय पुस्तक Meri Priya Pustak भूमिका, प्रिय पुस्तक, प्रिय लगने के कारण, पुस्तक की विशेषताएँ, उपसंहार महात्मा गांधी में राम-राज्य स्थापित करने की उच्च भावना जगाने वाली प्रेरणा शक्ति रामचरितमानस, मेरी सर्वप्रिय पुस्तक है। यह पुस्तक महाकवि तुलसी दास का अमर स्मारक है । तुलसीदास ही क्यों, वास्तव में इससे हिंदी साहित्य समृद्ध होकर समस्त जगत् को आलोक दे रहा है। इसकी श्रेष्ठता का अनुमान इस बात से ही लगाया...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरा प्रिय लेखक Mera Priya Lekhak भूमिका, प्रिय लेखक, प्रिय लगने के कारण, परिचय, साहित्य, उपसंहार हिंदी साहित्य को उन्नत बनाने में अनेक कलाकारों ने योगदान दिया है। प्रत्येक कलाकार का अपना महत्त्व है, पर प्रेमचंद जैसा असाधारण कलाकार किसी भी देश की बड़े सौभाग्य से मिलता है। यदि उन्हें भारत का गोकी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। प्रेमचंद के उपन्यासों में लोक जीवन के व्यापक चित्रण तथा सामाजिक समस्याओं...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरे जीवन का लक्ष्य Mere Jeevan ka Lakshya भूमिका, विभिन्न लक्ष्य, मेरा अध्यापक के कार्य, उपसंहार भूमिका-मनुष्य अनेक कल्पनाएं करता है। वह अपने को ऊपर उठाने के लिए योजनाएं बनाता है। कल्पना सबके पास होती है लेकिन उस कल्पना को साकार करने की शक्ति किसी-किसी के पास होती है। सपनों में सब घूमते हैं। सभी अपने सामने कोई-न कोई लक्ष्य रख कर चलते हैं। सभी महत्त्वाकांक्षा का मोती प्राप्त करना चाहते...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दिल्ली – भारत का दिल Delhi – Bharat Ka Dil भूमिका, दिल्ली की ऐतिहासिकता, दर्शनीय स्थल, उपसंहार भारत एक विशाल देश है। इसमें कई प्रदेश हैं। प्रत्येक प्रदेश में कई नगर हैं। प्रत्येक नगर का अपना विशेष महत्त्व है। कोई प्राकृतिक दृष्टि से अपना महत्त्व रखता है तो कोई सांस्कृतिक दृष्टि से गरिमापूर्ण है। कोई औद्योगिक दृष्टि समृद्ध है तो कोई धार्मिक स्थान होने के कारण देशवासियों के लिए वंदनीय है।...
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August 12, 2026 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
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