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Hindi Essay on “Badalta Bharat”, “बदलता भारत” Complete Paragraph, Nibandh for Students

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बदलता भारत Badalta Bharat संकेत बिंदु –भारत का वर्तमान रूप –बदलाव –सुनहरा अतीत –भविष्य हम भारत में हो रहे बड़े बदलावों और विकास कार्यों की दहलीज पर खड़े हैं। यह हर भारतीय के लिए उम्मीदों भरा दौर है, एक ऐसा दौर है जिसमें वे बेहतर जिंदगी और बेहतर देश का ख्वाब देख सकते हैं। लिहाजा, यही वह वक्त है, जब हम भविष्य के भारत का ताना-बाना बुनें। हालाँकि जब हम सावधानीपूर्वक...
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Hindi Essay on “Pradushan ki Samasiya”, “प्रदूषण की समस्या” Complete Paragraph, Nibandh for Students

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प्रदूषण की समस्या Pradushan Ki Samasiya संकेत बिंदु –भूमिका –विकट समस्या –कारण –निवारण आज प्रदूषण की समस्या अत्यंत विकराल होती जा रही है। अब हमें शुद्ध वायु तक उपलब्ध नहीं है। वैज्ञानिक आविष्कार्य और बदलते हुए औद्योगीकरण के फलस्वरूप वायु सर्वाधिक दूषित और विषैली हो चली है। बेशुमार धुंआ उगलते कल-कारखाने, सड़कों पर पेट्राल और डीजल का विशाल धुओं सारे पर्यावरण को रुग्ण, विषैला और निर्जीव बना रहा है। कल-कारखानों से...
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Hindi Essay on “Bina Vichare jo Kare, So Pache Pachtaye”, “बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताए” Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 7, 8, 9, 10, 12 Students.

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बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताए Bina Vichare jo Kare, So Pache Pachtaye मनुष्य संसार का सर्वश्रेष्ठ प्राणी माना जाता है। इसका कारण यही है कि वह मननशील है। वह अपने विचार के बल पर संसार के बड़े काम करने में सफल हो सकता है। उसका मन जिस किसी कार्य में लीन हो जाता है वह उस कार्य में अदभुत सफलता प्राप्त कर लेता है। मनुष्य के पास शारीरिक शक्ति...
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Hindi Essay on “Bharatiya Samaj mein Nari ka Sthan”, “भारतीय समाज में नारी का स्थान” Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 7, 8, 9, 10, 12 Students.

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भारतीय समाज में नारी का स्थान Bharatiya Samaj mein Nari ka Sthan   जिस प्रकार तार के बिना वीणा और धुरी के बिना रथ का पहिया बेकार है उसी तरह नारी के बिना मनुष्य का सामाजिक जीवन अधूरा है। भारतीय नारी सृष्टि के आरम्भ से ही गुणों का भण्डार रही है। पृथ्वी जैसी सहनशीलता, सूर्य जैसा तेज़, समुद्र सी गम्भीरता, चन्द्रमा जैसी शीतलता, पर्वतों जैसी मानसिक उच्चता एक साथ नारी के...
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Hindi Essay on “Hamari Pariksha Pranali me Nakal ki Samasya ”, “हमारी परीक्षा प्रणाली में नकल की समस्या” Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 7, 8, 9, 10, 12 Students.

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हमारी परीक्षा प्रणाली में नकल की समस्या Hamari Pariksha Pranali me Nakal ki Samasya  प्रत्येक व्यक्ति परीक्षा देना और सफल होने की इच्छा रखता है। नकल करने की प्रवृत्ति भी मानव-स्वभाव का अंग है। एक बच्चा भी बातें और सामान्य व्यवहार प्रायः अपने बड़ों या प्रकृति की नकल करके ही सीखता है। लेकिन एक विद्यार्थी का नकल करना उचित एवं हितकर नहीं कहा जा सकता। आज हमारी शिक्षा परीक्षा-प्रणाली के फलस्वरूप नकल...
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Hindi Essay on “Bharatiya Sanskriti – Hamari Dharohar”, “भारतीय संस्कृति: हमारी धरोहर” Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 7, 8, 9, 10, 12 Students.

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भारतीय संस्कृति: हमारी धरोहर Bharatiya Sanskriti – Hamari Dharohar   भूमिका– किसी देश का आचार-विचार ही उस देश की संस्कृति कहलाती है। कछ लोग सभ्यता और संस्कृति को एक-दूसरे का पर्याय मानने लगे हैं जिससे कई प्रकार की भ्रान्तियाँ उत्पन्न हो गई हैं। वास्तव में सभ्यता और संस्कृति दोनों ही अलग-अलग होती हैं। सभ्यता का सम्बन्ध हमारे बाहरी जीवन के ढंग से है यथा खान-पान, रहन-सहन, बोलचाल जबकि संस्कृति का सम्बन्ध...
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Hindi Essay on “Bharatiya Samaj me Vyapt Kuritiya”, “भारतीय समाज में व्याप्त कुरीतियाँ” Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 7, 8, 9, 10, 12 Students.

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भारतीय समाज में व्याप्त कुरीतियाँ Bharatiya Samaj me Vyapt Kuritiya   समाज ही किसी राष्ट्र का आधार स्तम्भ होता है। यदि हम अपने इतिहास पर एक नज़र डालें तो हमें पता चलता है कि हमारा एक प्राचीन तथा अमर समाज है जिसने जीवन के सभी क्षेत्रों में महानतम व्यक्तियों को जन्म दिया है तथा सर्वोत्कृष्ट दर्शन एवं पवित्रतम सामाजिक मापदण्डों को विकसित किया है। यह हमारे समाज का एक सुनहरा युग...
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Hindi Essay on “Sampradayikta Loktantra ke liye Khatra”, “साम्प्रदायिकता – लोकतन्त्र के लिए खतरा” Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 7, 8, 9, 10, 12 Students.

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साम्प्रदायिकता – लोकतन्त्र के लिए खतरा Sampradayikta Loktantra ke liye Khatra   भूमिका– साम्प्रदायिकता एक संकीर्ण विचारधारा है जिसके चलते एक धार्मिक सम्प्रदाय के लोग दसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनदेखा कर देते हैं और राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए अपने देश के हित की भी परवाह नहीं करते। साम्प्रदायिकता का अर्थ अपने धर्म के प्रति वफादारी निभाते हुए उसके हित के लिए हर संम्भव प्रयत्न करना...
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