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Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 216)
दहेजः एक दानव Dahej Ek Danav शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब दहेज के कारण किसी वधू को जलाया या मारा नहीं गया हो दहेज की माँग अंधस्वार्थ का प्रतीक है और स्त्री-पुरूष की समानता का विरोधी स्वर है। दहेज लेना और देना दोनों ही अपराध माने जाते हैं। सरकार यह कानून बना चुकी है फिर भी सरेआम दहेज लिया जा रहा है और दिया जा रहा है। ताज्जुब तो...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
स्वास्थ्य ही जीवन है Swasthya Hi Jeevan Hai यदि हम स्वस्थ हैं तो हम एक साधारण भारत के नागरिक भी है। यदि हम अस्वस्थ हैं तो गरीब, अयोग्य और उपेक्षित भी है। किसी देश, जाति, समाज तथा सम्प्रदाय की उन्नति तभी संभव है, जबकि वे स्वस्थ और स्फूर्त है। संसार के इतिहास को उठाकर इस बात का अध्ययन करें कि कौन-सा देश कब उन्नतिशील, स्मृद्धिशाली, सभ्य तथा सुसंस्कृत रहा, तो...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दीपावली दीपों का त्यौहार Deepawali Deepo ka Tyohar भारत त्यौहारों का देश है, यहाँ समय-समय पर विभिन्न जातियों समुदायों द्वारा अपने-अपने त्यौहार मनाये जाते हैं सभी त्यौहारों में दीपावली सर्वाधिक प्रिय है। दीपों का त्यौहार दीपावली, दीवाली जैसे अनेक नामों से पुकारा जाने वाला आनन्द और प्रकाश का त्यौहार है। यह त्यौहार भारतीय सभ्यता-संस्कृति का एक सर्वप्रमुख त्यौहार है। यह ऋतु परिवर्तन का सूचक है। इसके साथ अनेक धार्मिक मान्यताएँ भी...
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December 29, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
स्वयं पर विश्वास Swayam Par Vishvas संस्कृत में कहा गया है कि मन ही मनुष्य के बंधन ओर मोक्ष का कारण है-‘मन एवं मनुष्याणां कारण बंधा न मोक्ष्यों’। मन की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। मन ही व्यक्ति को सांसारिक बंधनों से बाँधता है, मन ही उसे इन बंधनों से छुटकारा दिलाता है। मन ही मन उसे अनेक प्रकार की बुराइयों की ओर प्रवृत्त करता है, तो मन ही उसे अज्ञान से...
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December 29, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अपने हाथ पर विश्वास Apne Haath Par Vishvash ‘खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से ये पूछे- बता तेरी रजा क्या है?’ शायर की उपर्युक्त पंक्तियाँ स्वावलंबी मनुष्य के बारे में है। जिनका आशय है कि स्वावलंबी या आत्मनिर्भर व्यक्तियों के सामने ईश्वर को भी झुकना पड़ता है। ऐसे व्यक्तियों का भाग्य लिखने से पहले ईश्वर को भी उनसे पूछना पड़ता है-‘बता तेरी रज़ा...
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December 29, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पुष्प की आत्मकथा Pushp ki Aatmakatha मैं पुष्प हूँ-जी हाँ पुष्प। प्रकृति माँ का सबसे सुकुमार, कोमल, भावुक और सुदर बेटा-पुष्प। उपवन मेरा घर है। हवा मेरी सहचर है। मेरी सुगंध-सा अदृश्य, कोमल विस्तृत चारों ओर फैला हुआ मेरा संसार है। ऐसा संसार जिसमें आकर कोई भी व्यक्ति भाव से भरकर आनंद से मस्त हुए बिना नहीं रह पाता। यह कहे बिना भी नहीं रह पता कि बड़े सुगंधित पुष्प खिले...
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December 29, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पेड़ सूख जाने के संदर्भ में उद्यान विभाग को पत्र परीक्षा भवन दिनांक…… सेवा में, उद्यान निदेशक उद्यान विभाग दिल्ली विषय : पेड़ सूख जाने के संदर्भ में मैं आपको बताना चाहता है कि स्वतंत्रता दिवस पर वन महोत्सव पर मालवीय नगर क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन के करीब जो पेड़ों का रोपण किया गया था, वे सूखते जा रहे हैं। आरोपण के बाद वहाँ कोई सरकारी कर्मचारी नहीं नियुक्त...
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December 28, 2021 evirtualguru_ajaygour10th Class, Class 12, Hindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बच्चे की सुरक्षा के संदर्भ में संपादक को पत्र” परीक्षा भवन दिनांक…… प्रति, कार्यकारी संपादक, दैनिक नवभारत टाइम्स, बहादुर शाह जफर मार्ग, नई दिल्ली। विषय : बच्चे की सुरक्षा के संदर्भ में मैं आपका ध्यान उस बच्चे की ओर खींचना चाहता हूँ जो पिकले दिनों दिल्ली में बमविस्फोट के संदर्भ में मीडिया की सुर्खियां बटोर रहा है। यह बच्चा बम धमाके का चश्मदीद गवाह है, इसलिए लगभग सभी पत्र-पत्रिकाएँ और...
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December 28, 2021 evirtualguru_ajaygour10th Class, Class 12, Hindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment