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Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 215)
सड़क दुर्घटना Sadak Durghatna निबंध नंबर- 01 सड़क पर होने वाली दुर्घटना सड़क दुर्घटना कहलाती है। यह अकसर चालक की लापरवाही का परिणाम है। वाहन चलाते समय या सड़क पार करते समय लोग अकसर दुर्घटना होती है। ये जानलेवा भी होती है और कभी-कभी पूरा परिवार इसमें नष्ट हो जाता है। कुछ दुर्घटनाओं में व्यक्ति जीवन-भर अपंगता का दंश भोगता है। इन दुर्घटनाओं का कारण वाहनों द्वारा यातायात के नियमों का...
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January 23, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हमारा देश भारत Hamara Desh Bharat हमारा देश भारत अति प्राचीन और महान है। यहाँ अनेक अनूठी विविधताएँ विदयमान हैं। यहाँ हिमालय-विन्ध्याचल जैसे ऊँचे-ऊँचे पर्वत हैं; गंगा-यमुना जैसी पावन नदियाँ हैं, अनेक घाटियाँ, मैदान और कछार हैं। इस देश में अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है। भारत को राम, कृष्ण, बुद्ध का देश कहा जाता है। गाँधी, सुभाष, पटेल जैसे महापुरुषों ने इस देश को धन्य किया। इस देश की संस्कृति...
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January 22, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
CBSE Department of Skill Education Information Technology (Subject Code 402) Class IX Sample Question Paper For Term -1 Max. Time Allowed: 60 Minutes (1 Hrs.) Max. Marks: 25 General Instructions: 1. Please read the instructions carefully 2. This Question Paper is divided into 03 sections, viz., Section A, Section B and Section C. 3. Section A is of 05 marks and...
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January 16, 2022 evirtualguru_ajaygourVocationalNo Comment
अधिकार ही कर्त्तव्य है Adhikar hi Kartvya Hai “सड़कें गंदी हैं नालियाँ रुकी हुई हैं, गन्दा पानी गली-गली में फैल रहा है। बराबर चेतावनी दी जा रही है कि शहर में हैजा फैल रहा है, मलेरिया जोर पकड़ रहा है, शहर को साफ-सुथरा रखो। कटी, खुली चीजें मत खाओ। पर कौन सुनता है?” रामअवध बराबर मन ही मन बड़बड़ा रहा था। दूरभाष पर जगह-जगह, मोहल्ले-मोहल्ले से उसे यह शिकायत सुनाई जा...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
होली है Holi Hai होली का पुनीत पर्व सर्वश्रेष्ठ ऋतु बसन्त में मनाया जाता है। इस पर्व का हिन्दी कवियों ने विस्तृत वर्णन किया है। कवियों की होली जन-साधारण जैसी हुल्लडबाजी की होली नहीं है। उन्होंने आत्माभिव्यक्ति एवं अपने युग के आहान को भी होली-कविता में व्यक्त किया है। अतएव हिन्दी कविता में होली का वर्णन विविध रूपों में हुआ है। जन-साधारण तो होली रंग, गलाल, केसर, कीचड़ आदि से...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
समाज और कुप्रथाएँ Samaj Aur Kuprathaye हम जहाँ रहते हैं, जिनके बीच में रहते हैं, वह समाज है। समाज मनुष्यों के मिल-जुलकर रहने का स्थान है। व्यक्ति अकेला नहीं रह सकता। आज व्यक्ति जो भी कुछ है, वह समाज के कारण हैं। तो व्यक्ति है, उसका विकास या पतन है। बिना समाज के व्यक्ति की कल्पना नहीं की की,जा सकती। सभ्यता, संस्कृति, भाषा आदि सब समाज की देन है। समाज...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
रेगिस्तान की यात्रा Registan Ki Yatra भारत में हिमालय भी है और रेगिस्तान भी, रेत के टीले ही टोले हैं रोगिस्तान में। पानी को तरसता है रेगिस्तान। नदियों का नितांत अभाव है वहाँ, मीलों तक जनहित प्रदेश वर्षों से सोया पड़ा है। दिन में तपता रेगिस्तान रात में अत्यन्त मधर हो जाता है। तपते हुए तीबे रात को ठण्डे हो जाते हैं। नंगे पाँव उन पर चलते हुए अद्भुत सुकून...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
रोजगार का अधिकार Rojgar Ka Adhikar आज रोजगार पाने की समस्या विकट रूप धारण कर चुकी है। लगभग सारी दुनिया इस समस्या से ग्रस्त हैं तीसरी दुनियाँ के देशों का इसका अभिशाप भोगना पड़ रहा है। भारत में इस समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जनसंख्या में निरंतर तीव्रगति से संवर्द्धन महिलाओं का रोजगार में तेजी से प्रवेश, प्रौद्योगिकी का तेजी से मनुष्य का स्थान लेना, अकाल मृत्यु से...
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January 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment