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Posts tagged "Hindi essays" (Page 184)
आज की नारी Aaj ki Naari नरी क्या नही कर सकती अर्थात् सब कुछ कर सकती हैं नारी ने सभी क्षेत्रों में सफलता के झंडे़ गाडे़ है। आधुनिक काल में नारी समाजिक व्यवस्था में स्थान रखती है। पुरूषों की भांति ही वह उच्च शिक्षा ग्रहण करती है, सभी प्रकार की ट्रेनिग लेती है और घर की सीमाओं से बाहर निकलकर स्कूल, काॅलेजों, कार्यालयों, अस्पतालों आदि में अपनी कार्यक्षमतानुसार स्थान...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
फैंशन के नित नए रूप Fashion ke Nit Naye Roop परिवर्तित समय के अनुरूप स्वयं को ढालना ही फैशन है। वैसे फैशन शब्द का प्रयोग वेशभूषा के रूप में लिखा जाता है। वेशभूषा में नित नए रूप देखने को मिलते हैं। एक ही प्रकार के कपड़े ज्यादा देर तक प्रचलन में नहीं रहते। इससे हम ऊब जाते हैं। फैशन के कारण ही तरोताजा बने रहते हैं। फैशन को सदा गलत अर्थों...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आतंकवाद की समस्या और समाधान Aatankvad ki Samasya aur Samadhan आज विश्व का आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है। आतंकवाद का सबसे क्रूर सितम्बर 2001 में अमेरिका पर हुआ जिसने सारे विश्व को हिलाकर रख दिया। इसकी परिणति अफगानिस्तान के साथ युद्ध से हुई। इस घटना के लिए ओसामा बिन लादेन को जिम्मेदार ठहराया गया, जिसके षड्यंत्र के फलस्वरूप अमेरिका के प्रसिद्ध ’ट्विन टावर’ ध्वस्त हो गए और हजारों...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
खेलों में पिछड़े होने का कारण Khelo me Pichde hone ka Karan ओलंपिक खेलोें की तालिका में भारत का पदक-तालिका मंे स्थान बहुत नीचे होता है। इस बार अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में एक स्वर्णपदक जीतकर भारत की लाच बचा ली। एक रजत और एक कांस्य पदक लेकर ही भारत को संतोष करना पड़ा। भारत जैस विशाल देश को इतने कम पदक ? अनेक छोटे-छोटे देश कई पदक बटोरने में...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
महँगाई की समस्या Mahangai ki Samasya महँगाई की समस्या आज विकट हो गयी है। कुछ धनाढ्यों को छोड़कर समाज का प्रत्येक वर्ग इससे प्रभावित है। जीवन की प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति में ही सबकी शक्तियाँ चुकी जा रही हैं। जब जीवन की प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करने में ही व्यक्ति का ध्यान केन्द्रित हो, तो वह जीवन के अन्य कलात्मक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, बौद्धिक, सौंदर्यबोध आदि ऐसे विविध पक्षों का कैसे...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आज की युवा पीढ़ी Aaj ki Yuva Pidhi जब समाज निर्माण के संदर्भ मे युवा-पीढ़ी की भूमिका की चर्चा की जाती है तो स्वभावतः अनेक प्रश्न उत्पन्न होने लगते हैं। इनमें महत्चपूर्ण प्रश्न यह है कि युवा पीढ़ी में किन व्यक्तियों को रखा जाए। आज सामान्य रूप से युवा-पीढ़ी के अंतर्गत विद्यालय, महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने वाले युवक-युवतियों को लिया जाता है, किन्तु युवा-पीढ़ी के अन्तर्गत...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दहेज प्रथा: एक अभिशाप Dahej Pratha : Ek Abhishap Best 3 Hindi Essay on “Dahej Pratha ek Abhishap” निबंध नंबर: 01 समाज में प्रत्येक प्रथा का सूत्रपात किसी अच्छे उद्देश्य को लेकर ही होता है, पंरतु कालातंर मे ये प्रथाएँ एक ऐसी रूढ़ि बन जाती हैं कि उससे मुक्ति पाना सहज नहीं होता। साथ ही उस प्रथा से समाज में बुराईयाँ भी पैदा होने लगती हैं। दहेज प्रथा भी आजकल...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत का अतीत और भविष्य Bharat ka Ateet aur Bhavishya भारत अत्यन्त प्राचीन देश है। इसका अतीत अत्यंत गौरवाशाली है। भारत की सभ्यता और संस्कृति विश्व में प्राचीनतम है। हमें इस पर गर्व है। भारत देश हमारे लिए स्वर्ग के समान सुंदर है। इसने हमें जन्म दिया। इसके अन्न-जल से हमारा पालन-पोषण हुआ। इस देश का नाम भारतवर्ष है। आधुनिक भारत उतर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में...
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June 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment