Home »
Posts tagged "Hindi essays" (Page 182)
बचपन के वहप्यारे दिन Bachpan ke vah Pyare din बचपन के वे प्यारे दिन जीवन भर याद रहते हैं। बचपन में साथ खेलने वाले बच्चों का एक-सा ही हाल हुआ करता था। सभी की हालत खस्ता थी। उन्हें, फटे-पुराने कपड़े पहनने को मिलते थे। इधर-उधर भागने पर बच्चे गिर पड़ते थे और उनके कपड़े तार-तार हो जाते थे। तब उनके हाथ-पैरों में चोट लग जाती थी। उनकी चोटें देखकर माँ-बाप,...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जातिवाद और सांप्रदायिकता का विष Jativaad aur Sampradayikta ka Vish हमारे देश में यद्यपि हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आदि विभिन्न धर्मों के मानने वाले निवास करते हैं परंतु फिर भी हमारे देश में जो धर्म-निरपेक्षता के सिद्धांत को मान्यता देता है, सांप्रदायिक एकता बनी हुई है। सामान्यतः लागों का धर्मों तथा विचारों की विभिन्नता के कारण विभिन्न संप्रदायों से संबंधित होना अस्वाभाविक नहीं है। परंतु जब विभिन्न संप्रदायों के लोग...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पुस्तक मेले Pustak Mela भारत में अन्य मेलों की भाँति प्रति वर्ष पुस्तक मेला आयोजित करने की एक परंपरा चल पड़ी है। केन्द्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष ‘प्रगति मैदान’ में पुस्तक मेले का भव्यस्तर पर आयोजन किया जाता है। इसमें देश-विदेश के प्रमुख प्रकाशक एवं विक्रेता भाग लेते हैं। इस मेले के अतिरिक्त अनेक राज्यों में भी पुस्तक मेले लगाए जाते हैं। अब प्रश्न उठता है कि इन पुस्तक मेलों की...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आज का युवा और मानसिक तनाव Aaj ka Yuvak aur Mansik Tanav वर्तमान समय में युवा अनेक प्रकार के मानसिक तनावों से घिरा हुआ है। इस वर्ग में ‘छात्र वर्ग’ और शिक्षित बेरोजगार वर्ग प्रमुख रूप से आता है। उसका मानसिक तनाव स्कूली जीवन में ही प्रारंभ हो जाता है। हमें इन तनावों के कारणों की खोज करनी होगी। सबसे पहले इन छात्रों की पारिवारिक परिस्थितियों पर एक खोजी दृष्टि...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
सावन की पहली बरसात Savan ki Pahli Barsat आषाढ़ मास समाप्त हो चला था, पर अभी तक लोग वर्षा के लिए तरस गए थे। एक दो बार हल्की बूँदा-बाँदी तो हुई थी पर झड़ी लगने की स्थिति नहीं आई थी। यही कारण था कि लोग गरमी से बेहाल थे। धरती अभी तक तप रही थी। उसकी प्यास नहीं बुझी थी। सभी प्राणी बड़ी चाह भरी नजरों से आकाश की ओर...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरा प्रिय टाइम पास Mera Priya Time Pass प्रत्येक व्यक्ति अपना फालतू टाइम किसी न किसी ढंग से बिताता है। इससे उसका समय बीतता है, वहीं उसे आनंद की अनुभूति भी होती है। कई लोग ताश खेलकर तो कई टी.वी. देखकर अपना टाइम पास करते हैं, पर मैं तो मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक पुस्तक पढ़कर टाइम पास करता हूँ। ये पुस्तकें ही मेरा टाइम पास हैे। यद्यपि मैं अपने काम...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एक कामकाजी औरत Ek Kamkaji Aurat आज की औरत का कामकाजी होना जहाँ उसकी विवशता बनता जा रहा है, वहीं यह उसकी आर्थिक स्वतंत्रता के लिए आवश्यक भी है। कामकाजी औरत की दिनचर्या काफी व्यस्त रहती है। वह प्रातःकाल से लेकर रात्रि तक किसी-न-किसी काम में लगी रहती है। प्रातःकाल तो दफ्तर जाने की तैयारी में बीत जाता है और सारा दिन दफ्तर के काम के बोझ तले निकल जाता...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages3 Comments
बरसात की एक भयानक रात Barsat ki Ek Bhayanak Raat सावन-भादो बरसात के होते हैं। भादो मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या थी। इस दिन सारे दिन घनघोर बरसात होती रही। खूब बादल कड़क रहे थे और बिजली भी चमक रही थी। संध्या हुई और धीरे-धीरे रात घिर आई। चारों ओर घनघोर अँधेरा छाया हुआ था। चारांे ओर रात्रि की कालिमा पसरी हुई थी। हाथ को हाथ सूझ रहा था।...
Continue reading »
June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment