Home » Posts tagged "Hindi Essay" (Page 215)

Hindi Essay on “Chatravas ka Jeevan ” , ”छात्रावास का जीवन” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
छात्रावास का जीवन Chatravas ka Jeevan  एक युग था, जब गुरुकुल की शिक्षण-पद्धति प्रचलन में थी। विद्यार्थी पच्चीस वर्ष तक की अवस्था गुरुकुलों में विद्या-प्राप्ति के लिए बिताता था। गुरु का आश्रम ही उसके लिए सबकुछ होता था। गुरुकुल से सब विद्याओं में पारंगत होकर वह गृहस्थ जीवन में प्रवेश पाता था। आज उसी परंपरा का निर्वाह छात्रावासों की प्रतिष्ठा करके किया जा रहा है। विद्यार्थी विद्यालय में पढ़ता और छात्रावास...
Continue reading »

Hindi Essay on “Hamara Sharirik Vikas” , ”हमारा शारीरिक विकास” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
हमारा शारीरिक विकास Hamara Sharirik Vikas  बच्चा जन्म लेता है, उसके साथ ही उसका विकास होना शुरू हो जाता है। शुरू-शुरू में बच्चे के शरीर का विकास बहुत तेजी से होता है। जब बच्चा कुछ बड़ा होता है, पिुर उसका मानसिक विकास होता है। अब बच्चा बाल्यावस्था से किशोरावस्था में प्रवेश करता है। किशोरावस्था में शरीर का विकास बड़ी तेजी से होता है। इसका माता-पिता और बच्चा स्वंय भी देख वह...
Continue reading »

Hindi Essay on “Dhwani Pradushan ” , ”ध्वनि-प्रदूषण ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

ध्वनि-प्रदूषण  Dhwani Pradushan  आज समूचे विश्व में ध्वनि-प्रदूषण की समस्या हलचल मचाए हुए हैं। क्षेत्रीय पर्यावरण में इसका बड़ा प्रतिकूल असर पड़ता है। मानसिक रोगों को बढ़ाने एंव कान, आंख, गला आदि के रोगों में शोर की जबरदस्त भूमिका है। ‘तीखी ध्वनि’ को शोर कहते हैं। शोर की तीव्रता को मापने के लिए ‘डेसीबेल’ की व्यवस्था की गई है। चाहे विमान की गडग़ड़ाहट हो अथवा रेलगाड़ी की सीटी, चाहे कार का...
Continue reading »

Hindi Essay on “Jal Pradushan” , ”जल प्रदूषण” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
जल प्रदूषण Jal Pradushan जल हमारे जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक है। मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षियों के लिए भी जल जीवन का आधार है। कोई भी जीव बिना जल के जीवित नहीं रह सकता। भोजन करने के बाद अथवा किसी काम को करने के बाद मानव-शरीर में गरमी बढ़ जाती है। उस गरमी की तृप्ति जल से ही होती है। मानव के प्रत्येक कार्य में जल की सर्वाधिक उपयोगिता है।...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vayu Pradushan” , ”वायु-प्रदूषण” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
वायु-प्रदूषण Vayu Pradushan वायु हमारे जीवन का आधार है। वायु के बिना हम एक पल भी जीवित नहीं रह सकते। अफसोस है कि आज का मानव अपने जीवन के लिए परमावश्यक हवा को अपने ही हाथों दूषित कर रहा है। वायु को जहरीला बनाने के लिए कल-कारखाने विशेष रूप से उत्तरदायी हैं। कल-कारखानों से निकलनेवाला विषैला धुआं वायुमंडल में जाकर अपना जहर घोल देता है। इस कारण आसपास का वातावरण भी...
Continue reading »

Hindi Essay on “Nari Aur Naukari” , ”नारी और नौकरी” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
नारी और नौकरी Nari Aur Naukari जीवन का अर्धांग नारी आज पहले जैसी नहीं रह गई। आधुनिक भारत में ऐसा एक क्षेत्र नहीं रह गया है, जहां नारी का पदार्पण न हो चुका हो। आज नारी सामान्य से लेकर उच्चतम पदों पर सेवा-कार्य कर रही है। पुलिस और सेना में ाी नारी अपनी कार्य क्षमता और अदभुत योज्यता का परिचय दे रही है। आज कई नारियां एकदम स्वतंत्र रूप से उद्योग-धंधे,...
Continue reading »

Hindi Essay on “Jansankhya, Samasya aur Shiksha ” , ”जनसंख्या, समस्या और शिक्षा” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
जनसंख्या, समस्या और शिक्षा Jansankhya, Samasya aur Shiksha  भारत एक विशाल देश है। आजादी के बाद से ही हमारा विकास प्रारंभ हुआ। विज्ञान और प्रोद्योगिकी कृषि और चिकित्सा  तकनीकी तथा संचार के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, किंतु यह सब प्रगति जनसंख्या वृद्धि की लगातार बढ़ती गति के सामने समन्वित विकास के रूप में नहीं दिखाई देती। 11 मई सन 2000 को जनसंख्या घड़ी के अनुसार हमारी जनसंख्या...
Continue reading »

Hindi Essay on “Fashion Shringar : Aavashyakta aur Upyog” , ”फैशन-श्रंगार : आवश्यकता और उपयोग” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
फैशन-श्रंगार : आवश्यकता और उपयोग Fashion Shringar : Aavashyakta aur Upyog श्रंगार शब्द का सामान्य प्रचलित अर्थ है सजावट-अर्थात शरहर को सजा-संवारकर प्रस्तुत करना। यह सजावट विशेष प्रकार के पाउडर-क्रीम, कंघी-पट्टी, पकड़ों-परिधानों, गहनों आदि के द्वारा संभव हुआ करती है। एक शब्द है फैशन। इस शब्द का सामान्य प्रचलित अर्थ हुआ करता है-चलन या प्रचलित होना। इसइ प्रकार जब हम श्रंगार शब्द के साथ फैशन का मेल कर देते हैं, तब...
Continue reading »