Home » Languages » Hindi (Sr. Secondary) » Samachar Patra “समाचार-पत्र” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

Samachar Patra “समाचार-पत्र” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.

समाचार-पत्र

Samachar Patra

भूमिका, जनप्रतिनिधि, विविधता, समाज सुधार, शासन सुधार, व्यापार वृद्धि, विज्ञापन, हानियाँ, उपसंहार

आज समाचार-पत्र जीवन का एक आवश्यक अंग बन गया है। समाचार-पत्र की शक्ति असीम है। प्रजातंत्र शासन में तो इसका और भी अधिक महत्त्व है। देशोन्नति एवं अवनति समाचार-पत्रों पर ही निर्भर करती है। भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में समाचार-पत्रों एवं उनके संपादकों का विशेष योगदान रहा है ।

आजकल समाचार-पत्र जनता के विचारों के प्रसार का सबसे बड़ा साधन है। ये धनिकों की वस्तु न होकर जनता की वाणी हैं। ये शोषितों और दलितों की पुकार है। आज ये जनता के माता-पिता, स्कूल-कॉलेज, शिक्षक, थियेटर, आदर्श और उत्प्रेरक हैं । परामर्शदाता और साथी सब कुछ हैं। ये सच्चे अर्थों में जनता के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दो-तीन रुपए के समाचार-पत्र में क्या नहीं होता ? कार्टून, देश भर के महत्त्वपूर्ण और मनोरंजक समाचार, संपादकीय लेख, विद्वानों के लेख, नेताओं के भाषणों की रिपोर्ट, व्यापार एवं मेलों की सूचनाएँ और विशेष संस्करणों में स्त्रियों और बच्चों के उपयोग की सामग्री, पुस्तकों की आलोचना, नाटक, कहानी, धारावाहिक, उपन्यास, हास्य व्यंग्यात्मक लेख आदि विशेष सामग्री रहती है।

समाचार-पत्र सामाजिक कुरीतियाँ दूर करने में बड़े सहायक हैं। समाचार-पत्रों की खबरें बड़ों-बड़ों के मिजाज ठीक कर देती हैं । सरकारी नीति के प्रकाश और उसके खंडन का समाचार-पत्र सुंदर साधन हैं। इनके द्वारा शासन में सुधार भी किया जा सकता है।

समाचार-पत्र व्यापार का सर्वसुलभ साधन है। विक्रय करने वाले और क्रय करने वाले दोनों ही समाचार-पत्रों को अपनी सूचना का माध्यम बनाते हैं। इससे जितना ही लाभ साधारण जनता को होता है उतना ही व्यापारियों को । बाज़ार का उतार-चढ़ाव इन्हीं समाचार-पत्रों की सूचनाओं पर चलता है। व्यापारी बड़ी उत्कंठा से समाचार-पत्रों को पढ़ते हैं।

विज्ञापन भी आज के युग में बड़े महत्त्वपूर्ण हो रहे हैं । प्रायः लोग विज्ञापन वाले पृष्ठ को अवश्य पढ़ते हैं, क्योंकि इसी के सहारे वे अपनी जीवन यात्रा का प्रबंध करते हैं। इन विज्ञापनों में नौकरी की मांगें, वैवाहिक विज्ञापन, व्यक्तिगत सूचनाएँ और व्यापारिक विज्ञापन आदि होते हैं। चित्रपट जगत् के विज्ञापनों के लिए तो विशेष पृष्ठ होते हैं ।

समाचार-पत्र से कोई हानि भी न होती हो, ऐसी बात भी नहीं है। समाचार-पत्र सीमित विचारधाराओं में बंधे होते हैं। प्रायः पूँजीपति समाचार-पत्रों के मालिक होते हैं और ये अपना ही प्रचार करते हैं। कुछ समाचार-पत्र सरकारी नीति की भी पक्षपात पूर्ण प्रशंसा करते हैं। कुछ ऐसे समाचार-पत्र हैं जिनका एकमात्र उद्देश्य सरकार का विरोध करना है । ये दोनों बातें उचित नहीं हैं ।

आधुनिक युग में समाचार-पत्र का बड़ा महत्त्व है, पर उसका उत्तरदायित्व भी है कि उसके समाचार निष्पक्ष हों, किसी विशेष पार्टी या पूँजीपति के स्वार्थ का साधन न बने।

About

The main objective of this website is to provide quality study material to all students (from 1st to 12th class of any board) irrespective of their background as our motto is “Education for Everyone”. It is also a very good platform for teachers who want to share their valuable knowledge.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *