Henry Ford U.S.A. : Pioner in Automobiles Birth : 1863 Death : 1947 The credit of heralding the world into ‘car age’ goes to the famous American industrialist Henry Ford. In 1886, he produced his first car that consumed petrol as its fuel. This marked a revolutionary development in the industrial field. In 1903, he founded the Ford Motor. Company at Dearborn (Michigan). The automobile industry set up by. Ford...
Continue reading »
December 27, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
यातायात के प्रमुख साधन Yatayat ke Pramukh Sadhan मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। नए-नए संबंध स्थापित करना, देशाटन पर जाना, नवीनतम की खोज करना आदि की प्रवृत्ति उसमें सदैव से ही रही है। उसकी इन्हीं इच्छाओं व आकाक्षाओं ने विश्व में असंभव लगने वाले अनेक कार्योंे को संभव कर दिखाया है। यातायात के नवीनतम साधन किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं जिनके माध्यम से आज मनुष्य महीनांे तथा वर्षों में तय...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
महानगर का जीवन Mahanagar Ka Jeevan महानगर अर्थात् ऊँची-ऊँची इमारतों, बड़े-बड़े कल कारखानों, दुकानों तथा दौड़ते वाहनों आदि से पूरित घनी आबादी वाला शहर। न्यूयार्क, वांशिगटन, लंदन, टोक्यो, पेरिस आदि विश्व के कुछ प्रमुख महानगर हैं। हमारे भारतवर्ष में दिल्ली, कोलकता, मुंबई तथा चेन्नई को महानगर की संज्ञा दी गई है। महानगरीय जीवन अनेक रूपों में मनुष्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है पंरतु वहीं दूसरी ओर यह त्रासदी...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पंचायती राज विधेयक (तिहत्तरवाँ संविधान संशोधन विधेयक) Panchayati Raj Vidheyak निबंध नंबर : 01 देश में पंचायती राज व्यवस्था को लाने हेतु पं0 नेहरू के समय से ही बात चल रही थर परंतु उसे ठोस आधार प्रदान करने की कारवाई आधे-अधूरे ढंग से ही हो पाई थी। इस कमी की पूर्ति के लिए एक विधेयक को लोकसभा में पारित होने के लिए 24 अप्रैल, 1993 को रखा गया। पंचायती राज विधेयक...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारतीय ग्रामीण जीवन Bhartiya Gramin Jeevan Best 3 Essays on “Bhartiya Gramin Jeevan” निबंध नंबर :-01 भारत एक विशाल जनसंख्या वाला देश है जिसका एक बहुत बड़ा भाग आज भी गाँवों मे निवास करता है। ये लोग आज भी अपनी आजीविका के लिए पूर्ण रूप से कृषि पर निर्भर हैं। वास्तविक रूप ये यदि देखा जाए तो भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि ही है। गाँवों मे लोग प्रायः...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारतीय गाँव निबंध नंबर : 01 भारतीय एक कृषि प्रधान देश है। प्राचीन काल से ही हमारे देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि ही रहा है। कृषि पर हमारी निर्भरता के साथ ही यह भी तथ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि देश की सत्तर-प्रतिशत से भी अधिक जनसंख्या गाँवों मे ही निवास करती है। किसी कवि ने सत्य ही लिखा है कि – है अपना हिंदुस्तान कहाँ, यह बसा...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एड्स AIDS एड्स एक जानलेवा बीमारी है जो धीरे-धीरे समूचे विश्व को अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है। दुनियाभर के चिकित्सक व वैज्ञानिक वर्षों से इसकी रोकथाम के लिए औषधि की खोज में लगे हैं परंतु अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिल सकी है। पूरे विश्व में एड्स को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हैं सभी बेसब्री से उस दिन की प्रतीक्षा कर रहे हैं जब वैज्ञानिक इसकी औषधि की खोज...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारतीय नारी Bharatiya Nari निबंध नंबर :- 01 नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पगतल में। पीयूष स्त्रोत सी बहा करो, जीवन के सुंदर समतल में।। – जयशंकर प्रसाद प्राचीन युग से ही हमारे समाज में नारी का विशेष स्थान रहा है। हमारे पौराणिक ग्रंथों में नारी को पूज्यनीय एंव देवीतुल्य माना गया है। हमारी धारणा रही है कि देव शक्तियाँ वहीं पर निवास करती हैं जहाँ पर समस्त...
Continue reading »
December 26, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment