प्रदूषण का प्रकोप Essay No. 01 प्रदूषण एक विश्वव्यापी समस्या है। इस समस्या में विश्व के सभी नगर त्रस्त हैं। विभिन्न कारणों से जल, वायु ध्वनि और मिट्टी का पारस्परिक संतुलन बिगडऩा ही प्रदूषण कहलाता है। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने वाले तत्वों में विकास उत्पन्न होने के कारण प्रदूषण का जन्म होता है। वास्तव में मानव द्वारा औद्योगिक वैज्ञानिक चाहत ही प्रदूषण बढ़ाने में कार्यरत है। नगरों में तेजी से...
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June 16, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages6 Comments
पुस्तकालय का महत्व Pustakalya Ka Mahatav निबंध नंबर :01 सृष्टि के समस्त चराचरों में मनुश्य ही सर्वोत्कृष्ट कहलाने का गौरव प्राप्त करता है। मनुष्य ही चिंतन-मनन कर सकता है। अच्छे-बुरे का निर्णय कर सकता है तथा अपने छोटे से जीवन में बहुत कुछ सीखना चाहता है। उसी जिज्ञासावृत पुस्तकें शंात करती है अर्थात ज्ञान का भंडार पुस्तकों में समाहित है। ऐसा स्थान जहां अनेक पुस्तरों को संगृहीत करके उनका एक विशाल...
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June 13, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages7 Comments
देश प्रेम या स्वदेश प्रेम जो भरा नहीं है भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं वह हृदय नहीं है, पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यान नहीं। विश्व में ऐसा तो कोई अभागा ही होगा जिसे अपने देश से प्यार न हो। मनुष्य ही नहीं पशु-पक्षी भी अपने देश या घर से अधिक समय तक दूर नहीं रह पाते। सुबह-सवेरे पक्षी अपने घोसले से जाने कितनी दूर तक उड़ जाते हैं...
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June 13, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हिमालय या पर्वतों का राजा : हिमालय ‘मेरे नगपति मेरे विशाल साकार दिव्य गौरव विराट पौरुष के पुंजीभूत ज्वाल मेरी जननी के हिमकिरीट मेरे भारत के दिव्य भाल मेरे नगपति मेरे विशाल।’ उपर्युक्त पंक्तियों में राष्ट्रकवि दिनकर जी ने हिमालय की वंदना की है। हिमालय भारत का गौरत है। भारत प्रकृति नदि की क्रीड़ास्थली है और पर्वतराज देवात्मा हिमालय प्रकृति की उसी उज्जवलता का सारा रूप है। हिमालय भारत का गौरव...
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June 13, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
मेरा भारत महान हमारा प्यारा देश भारत अत्यंत प्राचीन संस्कृति वाला महान एंव सुंदर देश है। यह ऐसा पावन एंव गौरमय देश है जहां देवता भी जन्म लेने को लालायित रहते हैं। हम अपने इस देश को स्वर्ग से भी बढक़र मानते हैं। इस देश की प्रशंसा कविवर प्रसाद ने इन शब्दों में की है- ‘’अरुण यह मधमय देश हमारा जहां पहुंच अनजान शिक्षित को मिला एक सहारा।’ भारत देश संसार...
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June 13, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages9 Comments
कंप्यूटर के लाभ तथा हानियाँ अथवा जीवन में कंप्यूटर का महत्व कंप्यूटर विज्ञान का एक ऐसा अविष्कार है जिसकी चर्चा सारे विश्व में हो रही है। कंप्यूटर विज्ञान की अदभुत देन है। कंप्यूटर की उपयोगिता को देखते हुए आज के युग को कंप्यूटर का युग कहा जाता है। आने वाले युग में सभी निर्णय कंप्यूटर ही करेगा तथा मनुष्य हाथ में हाथ धरे बैठा रहेगा। कंप्यूटर वास्तव में आज की...
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June 13, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
विज्ञान के लाभ तथा हानियाँ या विज्ञान के चमत्कार निबंध संख्या:- 01 वैज्ञानिक अविष्कारों के कारण आज का युग विज्ञान का युग माना जाता है। विज्ञान एक ऐसी शक्ति है जिसने प्रतिदिन नए अविष्कार करके मानव जीवन को सरल और आरामदायक बनाने के लिए उपकरण प्रदान किए हैं। बटन दबाते ही विभिन्न वैज्ञानिक उपकरण आज्ञाकारी सेवक की भांति हमारी सेवा में तत्पर रहते हैं। जिनके कारण मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र...
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June 13, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
Developing Countries Or Third World Nations A developing country is a country with low average income compared to the world average. The ‘developing’ part of `developing country’ may be considered optimistic, as many of the poorest countries are hardly developing at all; some have even experienced prolonged periods of negative, economic growth. A developed country usually has an economic system based on continuous, self-sustaining economic growth. Development entails developing a modern...
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June 11, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), Languages1 Comment