Hockey Ka Aankhon Dekha Match “हॉकी का आँखों देखा मैच” Hindi Essay, Paragraph, Speech for Class 10, 12 Examination.
हॉकी का आँखों देखा मैच
Hockey Ka Aankhon Dekha Match
भूमिका, खेल की सूचना, आरंभ, खेल की चरम सीमा, दर्शकों की प्रतिक्रिया, विजयी दल, उपसंहार
पिछले मास आर्य हाई स्कूल और गवर्नमेंट हाई स्कूल की हॉकी टीमों का मैच आर्य हाई स्कूल के मैदान में निश्चित हुआ। दोनों टीमें ऊँचे स्तर की थीं। इर्द-गिर्द के इलाके के लोग इस मैच को देखने के लिए एकत्रित हुए थे। दोनों टीमों की प्रशंसा सबके मुख पर थी। गवर्नमेंट स्कूल के खिलाड़ी इस खेल पर अपने आधिपत्य को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध थे।
दोनों टीमों में होने वाले इस मैच की घोषणा दो सप्ताह पहले कर दी गई थी। इस क्षेत्र के कस्बों और गाँवों में भी मैच की चर्चा चलने लगी थी। लोग मैच की तिथि की प्रतीक्षा कर रहे थे। आबाल-वृद्ध सभी मैच देखने की लालसा लिए हुए थे। निश्चित तिथि को सारा क्षेत्र उमड़ कर ग्राऊंड में इकट्ठा हो गया था।
पृथक्-पृथक् रंगों की वर्दी पहनकर दोनों टीमें मैदान में उतरीं। सब दर्शकों ने तालियाँ बजाईं। रैफ्री ने विसल बजाई और खेल आरंभ हो गया। पहली चोट आर्य स्कूल के खिलाड़ियों ने की। दूसरे साथियों ने झट गेंद को संभाल लिया और विपक्षी दल के खिलाड़ियों से बचाते हुए उनके गोल की ओर ले गये। गोल के समीप देर तक गेंद इधर-उधर लुढ़कती रही। सबका अनुमान था कि गवर्नमेंट स्कूल की ओर गोल होकर रहेगा, परंतु यह अनुमान गलत सिद्ध हुआ।
दोनों टीमों के खिलाड़ी अब निर्णायक खेल खेल रहे थे। संघर्ष चरम सीमा पर पहुँच गया था। इसके साथ ही दर्शकों के हृदय धक् धक् कर रहे थे। सबकी निगाहें गेंद के साथ ही दौड़ रही थीं।
दोनों स्कूलों के पक्षपाती अपने-अपने स्कूल का नाम लेकर जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। चारों ओर तालियों से सारा क्रीड़ा क्षेत्र गूंज रहा था। इतने में गवर्नमेंट स्कूल के खिलाड़ियों में विशेष जोश आ गया। बिजली की तरह दौड़ते हुए गवर्नमेंट स्कूल के बैंक और सेंटर फार्वर्ड आगे बढ़े। दोनों बहुत अच्छे खिलाड़ी थे। उन दोनों ने गेंद को काबू में रखा, परंतु फिर गेंद इधर-उधर लुढ़कती रही। किसी ओर भी निर्णय होना संभव प्रतीत न होता था। दोनों ओर के खिलाड़ी विवश हो गए। इतने में रैफ्री ने हॉफ टाइम सूचित करने के लिए लंबी हविसल दी। खेल कुछ मिनटों के लिए रुक गया।
थोड़ी देर विश्राम करने के पश्चात् खिलाड़ी ताजा दम होकर मैदान में उतरे। खेल आरंभ हुआ। दर्शकों का मैच देखने का कौतूहल बहुत बढ़ गया था। क्रीड़ा क्षेत्र की सीमाएँ दर्शकों से भर गईं। प्रतिष्ठित सज्जन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहे थे। अच्छा खेलने वालों को बिना किसी भेदभाव के शाबाशी दी जा रही थी। इस बार भी हार-जीत का निर्णय न हो सका। समय समाप्त हो गया। रैफी ने समय समाप्त होने की सूचना लंबी हविसल बजाकर दी।
दोनों पक्ष के लोगों ने अपने-अपने खिलाड़ियों को कंधों पर उठा लिया और उन्हें अच्छा खेलने के लिए शाबाशी दी। इस प्रकार यह मैच हार-जीत का निर्णय हुए बिना ही अगले दिन तक के लिए समाप्त हो गया।
हॉकी का मैच बड़े ऊँचे स्तर का था। प्रत्येक खिलाड़ी ने इसको जीतने की जी तोड़ कोशिश की। क्षेत्र में प्रत्येक खेल प्रेमी ने इसकी पूरी-पूरी प्रशंसा की और ऐसे मैच आयोजित करने के लिए प्रबंधकों का उत्साह बढ़ाया।






















