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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Saanch ko Aanch Nahi” , “साँच को आँच नहीं” Complete Essay for Class 10, Class 12 and Graduation Classes.

साँच को आँच नहीं

Saanch ko Aanch Nahi

सत्य की सदा विजय होती है-यह वह शाश्वत सत्य है, जो देश-काल की हर कसौटी पर खरा उतरा है। इतिहास साक्षी है कि असत्य जब-जब हावी हुआ है तब-तब अंततः उसे पराजय का मुख देखना पड़ा है। पौराणिक युग के चाहे वे रावण, कंस या कौरव हों अथवा इतिहास के हिटलर, मुसोलिनी या चंगेज़ खान। असत्य पर टिका अंग्रेज़ी-साम्राज्य, जिसके लिए कहा जाता था कि उसका ‘सूर्य अस्त नहीं होता’-उसे भी अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ा। हाँ, यह भी सत्य है कि सत्य की संस्थापना का मार्ग कंटकाकीर्ण होता है। यह आग का दरिया है, जिसमें डूब के जाना होता है। स्वर्ण को भी तो कुंदन बनने के लिए आग में तपना होता है। कोयले को हीरा बनने के लिए वर्षों-वर्ष ताप और दबाव सहना होता है। सत्य की चमूक ऐसी होती है जिसके सामने मिथ्या का अंधकार टिक ही नहीं पाता। भ्रष्ट तरीके अपनाकर व्यक्ति धनी भले ही बन जाए, सुख-शांति नहीं खरीद सकता। सच व्यक्ति को इतना निर्भय और आत्मबली बना देता है कि बड़ी-से-बड़ी कठिनाई, अवरोध, आलोचना उसे अपने पथ से डिगा नहीं पाती। दुनिया के हर धर्म का आधार-सत्य है, क्योंकि मानवता का अस्तित्व ही सत्य पर टिका है।

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