Home »
Archive by category "Languages" (Page 405)
पेड़-पौधे और पर्यावरण Ped Paudhe aur Paryavaran पेड़-पौधे प्रकृति की सुकुमार, सुन्दर, सुखदायक सन्तानें मानी जा सकती हैं। इन के माध्यम से प्रकृति अपने अन्य पुत्रों, मनुष्यों तथा अन्य सभी तरह के जीवों पर अपनी ममता के खजाने न्योछावर कर अनन्त उपकार किया करती है। स्वयं पेड़-पौधे भी अपनी कति माँ की तरह ही सभी जीव-जन्तुओं का उपकार तो किया ही करते हैं। उनके सभी करके अभावों को भरने, दूर करने...
Continue reading »
January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
लोकतंत्र और चुनाव Loktantra aur Chunav चुनाव को लोकतंत्री शासन-व्यवस्था की रीढ़ माना गया है। इसके बिना लोकतंत्र की परिकल्पना कर पाना ही सभव नहीं हुआ करता। लोकतंत्र का अर्थ है- लोक यानि आम जनता द्वारा चलाई जाने वाली शासन-व्यवस्था। इसी दृष्टि से लोकतंत्र की परिभाषा सकार की जाती है- वह शासन-व्यवस्था, जिसका संचालन लोक यानि जन या जनता टारा चने गए प्रतिनिधि आम जनता के हित-साधन या लाभ के लिए...
Continue reading »
January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत में लोकतंत्र की सार्थकता Bharat me Loktantrata ki Sarthakta संसार में शासन चलाने की जो अनेक प्रणालियाँ प्रचलित है, उनमें से लोकतंत्र जन-हित की दृष्टि से सब से श्रेष्ठ प्रणाली माना गया है। इसे जनतंत्र और गणतंत्र भी कहा जाता है। इस शासन प्रणाली की प्रमुख विशेषता इस की परिभाषा के अनुसार यह मानी जाती है इसमें लोक या जन (जनता) द्वारा चुनी गई सरकार द्वारा जनता के हित-साधन...
Continue reading »
January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की साँस्कृतिक एकता Bharat ki Sanskritik Ekta अस्कतिक दृष्टि से भारत इस धरती का अत्यन्त प्राचीन देश माना जाता है। रोम मस की प्राचीनतम मानी जाने वाली सस्कृतियों के खण्डहर विशेष भी इस धरा धाम बीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं, जब कि भारतीय सभ्यता-संस्कति के भीतर अपनी कुछ आत्यन्तिक विशेषताएँ ऐसी हैं कि समय-समय पर प्रयत्न किये जाते रहने पर भी आज तक इस का कोई बाल भी बाँका...
Continue reading »
January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत-निर्माण में राजनेताओं का योगदान Bharat Nirman me Rajnetao ka Yogdan निर्माण दो-चार या दस-बीस वर्षों में नहीं हो जाया करता, बल्कि उसके लिए सैकड़ों हजारो वर्षों का समय लग जाता है। अत: भारत-निर्माण में राजनेताओं का योगदान, जैसे विषयों पर चर्चा करना न तो उचित विषय ही प्रतीत होता है, न उनके कार्यों और निर्माण को वास्तव में नापा-तोला ही जा सकता है। हमारे विचार में यहाँ इस शीर्ष का...
Continue reading »
January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विश्व-शान्ति और भारत Vishwa Shanti aur Bharat निबंध संख्या :- 01 अपने मूल स्वभाव में भारत एक अध्यात्मवादी और शान्ति प्रिय देश रहा है। यह अलग बात है कि आज का भारतीय आधिकाधिक मौलिक साधनों को पाने के लिए आतुर हो और दीवाना बन कर अपनी मूल अध्यात्म चेतना से भटकता जा रहा है. उस से हर दिन दूर होता जा रहा है: पर जहाँ तक शान्तिप्रियता का प्रश्न है, हमारे...
Continue reading »
January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अपने बैंक मैनेजर को पत्र लिखकर पूछे कि आपके पिछले चैक का भुगतान क्यों नहीं किया गया। Cheque ke bare me Bank Manager ko Patra सेवा में, प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया ईस्ट पटेल नगर नई दिल्ली –110008 माननीय महोदय, आपके बैंक में मेरा बचत खाता (S.B.No.3219) है। मैंने मेसर्स गुडविल पब्लिशिंग हाऊस, नई दिल्ली के नाम पर 500 रु. का चैक जारी किया था। मेरे खाते में पर्याप्त...
Continue reading »
January 9, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अपनी सहपाठी से गलत व्यवहार करने के लिये उससे क्षमा माँगते हुये एक पत्र लिखो। Mitra se galat vyavhar karne ke liye use mafi patra 24, विजय नगर नई दिल्ली-110009 प्रिय सरला, उस दिन बेकार में तुम्हें अपशब्द कहने के लिये मैं बहुत शर्मिंदा हूँ। मुझे अनुभव हुआ कि मैं गलत थी। मुझे तुम्हारे साथ किये गये व्यवहार का बेहद खेद है। मैं तुम्हें बताती हूँ बात क्या हुयी। मैं...
Continue reading »
January 9, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment