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Archive by category "Languages" (Page 143)
निंदक Nindak एक बार राजा विक्रमादित्य की सभा जुड़ी हुई थी। विद्वतजन, सामन्त और योद्धा सभी बैठे हुये थे। विक्रमादित्य के प्रसिद्ध नवरत्न भी बैठे थे। अचानक एक सामन्त के गाल पर एक मक्खी आ बैठी। उसने अपने गाल पर तमाचा माकर मक्खी को भगाना चाहा तो राजा का ध्यान भी उस ओर गया। उन्हें तब मालूम हुआ कि मामला एक मक्खी का है, तो वे बोले, “मक्खी तो इतना काटती...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बोझा गया पेट में Bojha tya pet me एक बार सम्राट कृष्णदेव राय ने अपने दरबारियों की परीक्षा लेने के लिए एक चाल चली। उन्होंने छोटी-बड़ी कई गठरियां बनायीं और दरबारियों से उन्हें ले चलने को कहा। प्रत्येक दरबारी ने छोटी-बड़ी गठरी उठाने की चेष्टा की। केवल तेनाली राम एक कोने में खड़ा रहा। अंत में जब एक बड़ी गठरी बच गयी, तो उसने उसे सिर पर उठा लिया। यह देखकर...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सहनशीलता Shanshilta एक दिन सन्त एकनाथ पूजा कर रहे थे। एक ब्राह्मण आकर उनकी गोद में बैठ गया। वे हँसकर बोले-“भैया, तुम्हारा प्रेम तो अद्भुत है। मुझे बहुत आनन्द आया।” दोपहर के भोजन के लिए थाल परोसे गये। घी परोसने के लिए एकनाथ की पत्नी गिरजाबाई जैसे ही ब्राह्मण के पास आई, वह उठकर उनकी पीठ पर सवार हो गया। संत एकनाथ ने अपनी पत्नी को कहा-“देखना, कहीं बेचरा ब्राह्मण गिर...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बुद्ध की करुणा Budha ki Karuna महात्मा बुद्ध एक बार भिक्षा के लिए निकले तो एक युवती ने उनको आमंत्रित किया, “आइए महाराज, भिक्षा में मैं आपको क्या दूँ ? मैं तो अपने आपको ही समर्पित करना चाहती हूँ, आप मेरे स्वामी और मैं आपकी दासी हूँ ?” बुद्ध बोले, “मुझे तुम्हारी बात स्वीकार्य है, लेकिन आज मैं जल्दी में हूँ। यह रसीला फल है, इसको संभालकर रखना। मैं आकर इसे...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
चिरस्थायी शक्ति Chirsthayi Shakti महात्मा बुद्ध आस्वान राज्य के किसी नगर से गुजर रहे थे। वह स्थान उनके विरोधियों का गढ़ था। जब विरोधियों को बुद्ध के नगर में होने का पता चला तो उन्होंने एक चाल चली। एक कुलटा स्त्री के पेट पर बहुत सा कपड़ा बांधकर भेजा गया। वह स्त्री, जहाँ बुद्ध थे, वहाँ पहुँची और जोर-जोर से चिल्लाकर कहने लगी- “देखो, यह पाप इसी महात्मा का है। यहाँ...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सच्चा धर्म Saccha Dharam रावण ने एक और कूटनीतिक चाल फेंकी। बोला- “अंगद ! जिस राम ने तेरे ही पिता को मारा, तू उन्हीं की सहायता कर रहा है, मेरे मित्र का पुत्र होकर भी मुझसे बैर कर रहा है।” अंगद हँसा और बोला- “रावण! अन्यायी से लड़ना और उसे मारना ही सच्चा धर्म है, चाहे वह मेरे पिता हों अथवा आप ही क्यों न हों।” अंगद के ये तेजस्वी शब्द...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शंका समाधान Shanka Samadhan ऋषि जनक के आध्यात्मिक उपदेश से सभासदगण प्रभावित हुए। सभी ने धर्म व उनके धार्मिक जीवन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इतने में एक सभासद बोले, “राजन! धर्म में आपकी आस्था अनुकरणीय है। चाहता तो मैं भी बहुत हूँ, लेकिन गृहस्थी ने कुछ इस तरह से बाँध रखा है कि धर्म कार्य के लिए समय ही नहीं निकल पाता है।” यह सुन कर दो-चार अन्य सभासदों ने भी...
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December 29, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
130 मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग मुहावरा मुहावरे : अर्थ एवं प्रयोग अँगूठा दिखाना-किसी को चुनौती देते हुए इंकार कर देना। कल मैंने अपने दोस्त से साइकिल माँगी तो उसने अंगूठा दिखा दिया। अक्ल पर पर्दा पड़ना-बुद्धि भ्रष्ट हो जाना। जब बुरे दिन आते हैं तब आदमी की अक्ल पर पर्दा पड़ जाता है। अपना उल्लू सीधा करना-अपना मतलब निकाल लेना। आज की दुनिया में सभी अपना उल्लू सीधा...
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December 4, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment