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Hindi Essay, Moral Story, Story on Proverb “Deen Se Bedeen Bhay, Gang Neer Piye Se” “दीन से बेदीन भय, गंग नीर पिय से” Complete Story Paragraph for Students

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दीन से बेदीन भय, गंग नीर पिय से Deen Se Bedeen Bhay, Gang Neer Piye Se रतन नाम का एक पटवारी था। वह हमेशा किसानों के खेतों की नाप-तोल में हेराफेरी किया करता था। गरीब किसानों को वह परेशान करता था और जमींदारों का खैरख्वाह बना रहता। अपने पेशे में वह बदनाम व्यक्ति था। ऐसा रौब बनाए रखता था, जैसे कि बहुत बड़ा अधिकारी हो। नेकी और अच्छे कामों से उसका...
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Hindi Essay, Moral Story, Story on Proverb “Tiriya se Raj Chipe na Chipaye” “तिरिया से राज छिपे न छिपाए” Complete Story Paragraph for Students of Class 9, 10 and 12.

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तिरिया से राज छिपे न छिपाए  Tiriya se Raj Chipe na Chipaye एक पति-पत्नी का आपस में बहुत प्रेम था। दोनों एक-दूसरे पर पूरा विश्वास करते थे। यहां तक कि पति ने अपनी पत्नी के प्रेम के आगे पूरे परिवार को दरकिनार कर दिया था। पत्नी के लिए वह घर के सब लोगों से लड़ लेता था। वह जानता था कि उसके माता-पिता कितने सीधे और सच्चे हैं, लेकिन जब कोई...
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Hindi Essay, Moral Story, Story on Proverb “Kabira Tu Kabse Vairagi” “कबीरा तू कबसे वैरागी?” Complete Story Paragraph for Students of Class 9, 10 and 12.

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कबीरा तू कबसे वैरागी? Kabira Tu Kabse Vairagi एक बार गुरु रामानंद और उनके अनेक शिष्य किसी खास बात पर चर्चा कर रहे थे। उन दिनों शोर था कि शंकराचार्य शास्त्रार्थ में सबको हराते हुए काशी की ओर बढ़ते आ रहे हैं और अब काशी में उनका किस तरह से सामना किया जा सकता है? वहीं पर कबीर भी चुपचाप बैठे थे पर वे एक शब्द भी नहीं बोले। सबकी बातों...
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Hindi Letter “Badhte hue Apradho ki aur dhyan dilate hue Sampadak ko patra”, “बढ़ते हुए अपराधों की ओर ध्यान दिलाते हुए संपादक को पत्र” for Class 9, 10 and 12 Students.

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क्षेत्र में बढ़ते हुए अपराधों की ओर ध्यान दिलाते हुए किसी समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखिए। सेवा में, संपादक, नवभारत टाइम्स बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्ली। मान्यवर, में आपके समाचार पत्र के माध्यम से पुलिस के उच्चाधिकारियों का ध्यान लाजपत नगर में बढ़ रहे. अपराधों की ओर दिलाना चाहता हूँ। इस क्षेत्र में हत्या, लुटपाट, अपहरण और चोरी की घटनाओं में तेजी से वृधि हो रही है। गत माह...
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Hindi Letter “Videsh Yatra par jane wale Mitra ko Shubhkamna patra”, “विदेश यात्रा पर जाने वाले मित्र को शुभकामना पत्र” for Class 9, 10 and 12 Students.

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विदेश यात्रा पर जाने वाले मित्र को शुभकामना पत्र गुप्ता सदन ई-45, ईस्ट कैलाश नई दिल्ली-110028 दिनांक : 14 अप्रैल, 20…. प्रिय मित्र क्षितिज सस्नेह नमस्कार। मुझे दीपांशु से यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि तुम 30 अप्रैल को अपने पिताजी के साथ कनाडा की विदेश-यात्रा पर जा रहे हो। तुम सदैव विदेश यात्रा का स्वप्न देखा करते थे, जिसके पूरा होने का अब समय आ गया है। पत्र द्वारा सूचित...
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Hindi Letter “Ped-Paudho ki dekhbhal karne ki prerna dete hue anuj ko patra”, “पेड़-पौधों की देखभाल करने की प्रेरणा देते हुए अनुज को पत्र” for Class 9, 10 and 12 Students.

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पेड़-पौधों की देखभाल करने की प्रेरणा देते हुए अनुज को पत्र लिखिए। 120, मालवीय नगर, जोधपुर। दिनांक- 10 दिसंबर, 20…. प्रिय हितेन, सदैव प्रसन्न रहो पिछले सप्ताह मुझे तुम्हारे छात्रावास निरीक्षक का पत्र मिला, जिसमें उन्होंने शिकायत की है कि तुम छात्रावास में लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुँचाते हो। पेड़-पौधे हमारे मित्र हैं। इन्हीं से हमें अपना भोजन, वस्त्र और औषधियाँ आदि मिलती हैं। पेड़-पौधे ही प्रदूषण की रोकथाम तथा प्राकृतिक...
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Hindi Letter “Durghatnagrast mitra ko Santwana dete hue patra”, “दुर्घटनाग्रस्त मित्र को सांत्वना देते हुए पत्र” for Class 9, 10 and 12 Students.

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अस्पताल में दाखिल हुए अपने दुर्घटनाग्रस्त मित्र को सांत्वना देते हुए पत्र। 14/123, शक्तिनगर दिल्ली 6 नवंबर, 20…. प्रिय आकाश सप्रेम नमस्ते कल तुम्हारे पिता जी के पत्र द्वारा विदित हुआ कि तुम पिछले हफ्ते एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के कारण अस्पताल में दाखिल हो। इस समाचार को पढ़कर केवल मैं ही नहीं मेरा पूरा परिवार दु:खी हुआ। लेकिन इस बात ने बड़ी तसल्ली दी कि तुम्हें अधिक चोट...
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Hindi Letter Pitaji ko apni Mumbai yatra ka varnan karte hue patra”, “पिता को अपनी मुंबई यात्रा का वर्णन करते हुए पत्र” for Class 9, 10 and 12.

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पिता को अपनी मुंबई यात्रा का वर्णन करते हुए पत्र। जुहू बीच होटल विले पार्ले मुंबई 29 दिसंबर, 20…. पूज्य पिता जी सादर प्रणाम। हम कल प्रातः राजधानी एक्सप्रेस से मुंबई सकशल पहँच गए थे। अभी हम चौपाटी और गेट-वे ऑफ इंडिया घूमकर आए हैं। होटल वापस लौटकर मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूँ। मुंबई को मैंने पहली बार देखा है। अब तक तो मैं इसे सिनेमा में ही देखता...
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