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Hindi Essay, Moral Story “Jiska kaam usi ko sare” “जिसका काम उसी को साजे” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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जिसका काम उसी को साजे Jiska kaam usi ko sare एक धोबी था। उसके यहां एक गधा था और एक कुत्ता। धोबी सवेरे कलेवा करता और गधे पर कपड़ों की लादी लादकर चल देता। नदी पर धोबीघाट पर कपड़े धोता-सुखाता और शाम को घर आ जाता। कुत्ता कभी घर पर रहता, कभी घाट पर साथ जाता। धोबी कुत्ते को बहुत प्यार करता था। कुत्ता पूंछ हिलाकर धोबी का स्वागत करता। कुत्ता...
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Hindi Essay, Moral Story “Jo kuan khodta hai, wahi girta hai” “जो कुआं खोदता है, वही गिरता है” Story on Hindi Kahavat for Students

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जो कुआं खोदता है, वही गिरता है Jo kuan khodta hai, wahi girta hai एक बादशाह था। उसके महल की चारदीवारी में ही वजीर और एक कारिंदे का आवास था। वजीर और कारिंदे के एक-एक लड़का था। दोनों लड़के आपस में पक्के दोस्त थे। दोनों हम-उम्र थे और एक ही कक्षा में साथ-साथ पढ़ते थे। दोनों खेलते भी साथ-साथ थे। एक-दूसरे के घर आना-जाना खूब था। कारिंदे का लड़का वजीर को...
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Hindi Essay, Moral Story “Bicchu to Dank marta hi hai” “बिच्छू तो डंक मारता ही है” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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बिच्छू तो डंक मारता ही है Bicchu to Dank marta hi hai   फूलों की घाटी में एक गांव था। गांव के बाहर हरियाली और खेत थे। घाटी से उतरता हुआ एक पतला-सा झरना खेतों और मैदानों से होकर बह रहा था। दूर मैदान में चौपाए घास चर रहे थे। बहते पानी के पास चार-पांच लड़के खड़े थे और पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े पानी में फेंक रहे थे। उधर ही एक...
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Hindi Essay, Moral Story “Jab Rakhoge, Tabhi to uthaoge” “जब रखोगे, तभी तो उठाओगे” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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जब रखोगे, तभी तो उठाओगे Jab Rakhoge, Tabhi to uthaoge धनीराम नाम का एक व्यक्ति था। वह मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह धीरे-धीरे कामचोर बनता गया और एक दिन नाकारा हो गया। बैठे-ठाले ठगी का काम शुरू कर दिया। उसने पहले जान-पहचान वालों से उधार लेना शुरू कर दिया। जब लोग पैसे वापस मांगते, तो तरह-तरह के बहाने बना देता। जैसे-जैसे उसके जान-पहचान के लोग आपस में...
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Hindi Essay, Moral Story “Na rahega bans, na bajegi bansuri” “न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी Na rahega bans, na bajegi bansuri श्रीकृष्ण बचपन में बहुत नटखट थे। इनको बचपन से ही बांसुरी बजाने की लगन थी। ग्वाले रोजाना गायें चराने जाते थे। श्रीकृष्ण इनके बीच बांसुरी बजाते रहते थे। उनकी बांसुरी की आवाज इतनी सुरीली और मधुर होती थी कि जो भी सुनता था, वह मुग्ध हो जाता था। श्रीकृष्ण के युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते बांसुरी की आवाज जादू का काम...
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Hindi Essay, Moral Story “Seekh tako dijiye, Jako seekh suhaye” “सीख ताको दीजिए, जाको सीख सुहाय” Story on Hindi Kahavat for Students

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सीख ताको दीजिए, जाको सीख सुहाय Seekh tako dijiye, Jako seekh suhaye जंगल में खार के किनारे एक बबूल का पेड़ था। उसमें लगे पीले फूल महक रहे थे। आसमान में चारों ओर बादल छाए हुए थे। ठंडी-ठंडी हवा चल रही थी। मौसम बड़ा सुहावना था। इसी बबूल की एक पतली डाल खार में लटकी हुई थी। इसी डाल पर बिल्कुल आखिर में बया पक्षी का एक घोंसला था। इसी घोंसले...
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Hindi Essay, Moral Story “Jaisa kare vaisa pave, Poot-bhatar ke aage aave” “जैसा करे वैसा पावे, पूत-भतार के आगे आवे” Story on Hindi Kahavat

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जैसा करे वैसा पावे, पूत-भतार के आगे आवे Jaisa kare vaisa pave, Poot-bhatar ke aage aave   एक बुढ़िया ने सोचा था कि जब मेरी बहू आएगी तो कुछ काम नहीं करना पड़ेगा। बेटा-बहू, दोनों सेवा करेंगे। पति तो युवावस्था में ही खत्म हो गया था। फिर सोचा, मैं दादी बनूंगी और घर स्वर्ग बन जाएगा। बुढ़िया के लड़के की शादी हुई, दादी भी बनी, लेकिन उसका सोचा हुआ असली सपना...
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Hindi Essay, Moral Story “Apne kiye ka kya ilaj” “अपने किए का क्या इलाज” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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अपने किए का क्या इलाज Apne kiye ka kya ilaj गांव के किनारे एक किसान का घर था। घर के सामने ही उसके खेत थे। खेतों में गेहूं की पकी फसल खड़ी हुई थी। खेतों की रखवाली में पूरा परिवार रात-दिन लगा रहता था। कई साल बाद इतनी अच्छी फसल हुई थी। सभी लोग प्रसन्न थे। इस फसल के भरोसे किसान ने कई मनसूवे पूरे करने के विचार बना लिए थे।...
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