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Hindi Essay, Moral Story “Tete pav pasariye, jeti lambi sor” “तेते पांव पसारिए, जेती लांबी सौर” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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तेते पांव पसारिए, जेती लांबी सौर Tete pav pasariye, jeti lambi sor अकबर बादशाह बीरबल की तेज बुद्धि और समझदारी से बहुत प्रभावित थे। वे बीरबल को मित्रवत मानते थे और लगभग हर तरह के मामलों में बीरबल से राय लेते रहते थे। दोनों में इतना खुलापन था कि आपस में किए गए व्यंग्यों का बुरा नहीं मानते थे। बीरबल कभी-कभी रूठ भी जाते थे, लेकिन अकबर बादशाह होकर भी मना...
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Hindi Essay, Moral Story “Adhai din ki Badshahat” “अढ़ाई दिन की बादशाहत” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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अढ़ाई दिन की बादशाहत Adhai din ki Badshahat एक बार बक्सर के मैदान में शेरशाह सूरी और हुमायूं का घमासान युद्ध हुआ। इस युद्ध में हुमायूं की करारी हार हुई। हुमायूं अपनी जान बचाने के लिए भाग निकला। वह तीन ओर से घिर गया था और गंगा के किनारे जा पहुंचा था। हुमायूं हाथी पर सवार था। हाथी को गंगा में उतारने के लिए बहुत कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो...
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Hindi Essay, Moral Story “Sher ka dar nahi, jitna tapke ka” “शेर का डर नहीं, जितना टपके का” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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शेर का डर नहीं, जितना टपके का Sher ka dar nahi, jitna tapke ka    जंगल से करीब एक मील की दूरी पर एक गांव था। रात के समय गांव में प्रायः जंगली जानवर घूम जाते थे और गांव के बाहरी हिस्से में चौपायों को मार जाते थे। कभी-कभी आदमी भी शिकार होते-होते बच जाते थे। गांव के बाहरी इलाके में एक बुढ़िया का परिवार रहता था। उसके मकान के पीछे...
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Hindi Essay, Moral Story “Goo ka kida goo me hi khush rehta hai ” “गू का कीड़ा गू में ही खुश रहता है” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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गू का कीड़ा गू में ही खुश रहता है Goo ka kida goo me hi khush rehta hai    एक गुबरैला था। वह लगभग अपने आकार की गू की गोली बनाकर कभी आगे के पैर से बढ़ाता और जब उसे गोली चढ़ाई पर चढ़ानी होती तो उलटा चलता। पीछे के पैरों से गोली को चढ़ाता। कभी गोली लुढ़कती, तो उसके साथ खुद भी ऊपर-नीचे लुढ़कता हुआ नीचे आ गिरता। यह उसका...
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Hindi Essay, Moral Story “Maar se to bhoot bhi bhagta hai ” “मार से तो भूत भी भागता है” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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मार से तो भूत भी भागता है Maar se to bhoot bhi bhagta hai  एक नगर में एक मकान था। उसे जो भी किराए पर लेता था, थोड़े दिन में ही उस परिवार के किसी-न-किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती थी। वह मकान इतना बदनाम हो गया था कि उसे कोई किराएदार सस्ते किराए पर भी लेने को तैयार नहीं होता था। लोगों का कहना था कि इस मकान में भूत...
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Hindi Essay, Moral Story “Jisko na de Maula, Uskoko kya dega Asafuddowla” “जिसको न दे मौला, उसको क्या देगा आसफउद्दौला” Story on Hindi Kahavat

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जिसको न दे मौला, उसको क्या देगा आसफउद्दौला Jisko na de Maula, Uskoko kya dega Asafuddowla एक फकीर ने एक गांव के किनारे डेरा लगा लिया। फकीर सुबह ही गांव में भीख मांगने निकल आता था। इसी गांव में एक दिन उस रियासत का एक कारिंदा आया। इस गांव में फकीर को भीख मांगते देखकर उसे अचरज हुआ। यह गांव आसफउद्दौला की रियासत का था और उसकी रियासत में कोई भीख...
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Hindi Essay, Moral Story “Ishwar jo kuch karta hai, Accha hi karta hai ” “ईश्वर जो कुछ करता है, अच्छा ही करता है” Story on Hindi Kahavat for Students

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ईश्वर जो कुछ करता है, अच्छा ही करता है Ishwar jo kuch karta hai, Accha hi karta hai  एक बार एक राजा शिकार खेलने गया। उसके साथ सेनापति तथा कुछ सिपाही थे। शिकार करते समय थोड़ी असावधानी हो गई और राजा की एक उंगली कट गई। उंगली कटते ही राजा थोड़ा ठिठक गया और इतने में ही शिकार घायल अवस्था में ही निकलकर भाग गया। कुछ सिपाही शिकार के पीछे दौड़े...
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Hindi Essay, Moral Story “Angoor Khatte hai” “अंगूर खट्टे हैं” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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अंगूर खट्टे हैं Angoor Khatte hai गाँव से लगा हुआ एक जंगल था। जंगल में जगह-जगह चौरस जमीन थी, जिस पर खेती होती थी। बाग-बगीचे थे। उसी जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन वह हिरन की तरह चौकड़ी भरती हुई मेड़ों और खेतों को पार करती चली जा रही थी। जब वह एक बाग के पास से निकली, तो थोडा ठिठकी। वहां उसे लगा कि बाग से मीठी-मीठी महक...
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