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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 225)
दुर्गापूजा/विजयादशमी Durga Puja/Vijay Dashmi ’’अग्रतः शकलं पृष्ठतः सशरः धनुः’’, अर्थात् आगे सभी शास्त्र हों और पीठ पर बाणों से युक्त धनुष हो। इसका तात्पर्य यह है कि मानव-जीवन की पूर्णता के लिए शास्त्रबल के साथ-साथ शस्त्रबल का होना जरूरी है। शास्त्रबल और शस्त्रबल-दोनों के संयोग से ही हमारा राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है। शास्त्रबल के लिए हम सरस्वती की अराधना करते हैं और शस्त्रबल के लिए मां दुर्गा की।...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दीपावली Dipawali दीपावली को ज्योति पर्व माना जाता है। दीपावली त्र दीप ़ अवली (पंक्ति या कतार)। दीपावली का लक्ष्यार्थ है‘’’तमसो मा ज्योतिर्गमय।’’ अर्थात् अन्धकार से प्रकाश में जाना। दीपावली पर्व के साथ अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक कारण जुडे हुए हैं। धार्मिक कारणों में श्रीराम से जुड़ी कहानी सबसे अधिक प्रचलित एवं मान्यता प्राप्त है। कहा जाता है कि इसी दिन श्रीराम लंका-विजय के पश्चात् अयोध्या लौटे थे। चैदह...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
चांदनी रात Chandni Raat बचपन में दादी मां कहा करती थी कि चन्दा मामा है, जो बच्चों के लिए दूध-भात लेकर आते हैं। किशोरावस्था में विज्ञान-शिक्षक द्वारा जानकारी दी गयी कि चांद पृथ्वी का एक उपग्रह है और सतह ऊबड़-खाबड़ निर्जीव एवं शुष्क है। खैर! चंद जैसा भी कुरूप एवं शुष्क क्यों न हो, चांदनी की शीतलता और मादकता से भला कैसे इनकार किया जा सकता है। जिस पर भी चांदनी...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वसन्त ऋतु Basant Ritu भारत वर्ष की छह ऋतुओं में ऋतुराज वसन्त आनन्द एवं जवानी का प्रतीक है। वसन्त का आगमन होते ही शिशिर से ठिठरते तन-मन में आनन्द एवं उल्लास का संचार हो जाता हैं इसके मादक स्पर्श से कोई अछूता नहीं बचता। सब जैसे नवीन स्फूर्ति के साथ जवान हो जाते हैं। इनकी महिमा का गुणगान कवि, चिन्तक, ऋषि एवं परब्रह्म श्रीकृष्ण ने भी किया है। गीता में...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शरद् ऋतु Sharad Ritu अगर जाड़ा अमीरों का, ग्रीष्म गरीबों का और बसन्त युवाओं का है, तो शरद् अमीर-गरीब, युवा-वृद्ध सबका। सचमुच शरद् ़तु में न तो जाड़े की कड़कड़ाती ठण्ड रहती है और न ग्रीष्म का दहकता ताप। इसमें मौसम समशीतोष्ण रहता है। गरीब-अमीर सभी इसका समान रूप से आनन्द लेते हैं। वर्षा ऋतु के बीत जाने पर शरद् ़ऋतु का आगमन होता है। आश्विन और कार्तिक इसके दो...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वर्षा ऋतु Varsha Ritu एक बार अकबर अपने नवरत्नों के बीच बैठे थे। अकबर ने अपने नवरत्नों से पूछा कि अगर बारह में से चार गया, तो क्या बचेगा। सभी ने कहा-आठ। लेकिन बीरबल ने उत्तर दिया-कुछ नहीं। अकबर ने आश्चर्य से पूछा-कैसे। तब बीरबल ने कहा-जहांपनाह! अगर वर्ष के बारह महीनों में से वर्षा ऋतु के चार माह-आषाढ़, सावन, भादो और आश्विन को हटा दिया जाये, तो सृष्टि में कुछ...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
ग्रीष्म ऋतु Grisham Ritu निबंध नंबर :- 01 भारत को अगर भौगोलिक दृष्टि से देखा जाऐ, तो सभी ऋतुओं में ग्रीष्म ऋतु की स्थिति राष्ट्रीय ऋतु की हो जाती है। भारत की बहुसंख्यक आबादी गरीब है। इस बहुसंख्यक आबादी के अनुकूल जो ऋतु होगी, उसे ही राष्ट्रीय ऋतु मानना चाहिए। वर्षा से बचाव के लिए अधिकांश गरीब भारतीयों के पास अपना मकान नहीं होता है। जो भी झोपड़ियां होती हैं, वे...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शिक्षक दिवस – 5 सितम्बर Shikshak Diwas – 5 September प्रख्यात विद्वान्, महान् दार्शनिक, एक आदर्श शिक्षक और भारत के द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली डाॅ0 राधाकृष्णन को कौन नहीं जानता है। इनका जन्म 5 सितम्बर 1888 ई0 में हुआ था। इन्होंने अपना सामाजिक जीवन एक शिक्षक के रूप में प्रारम्भ किया था। इसके बाद धीरे-धीरे ये अपनी क्षमता एवं कार्यकुशलता से अन्य उच्च पदों को सुशोभित करते हुए भारत के राष्ट्रपति...
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September 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment