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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Durga Puja/Vijay Dashmi”, “दुर्गापूजा/विजयादशमी” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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दुर्गापूजा/विजयादशमी Durga Puja/Vijay Dashmi                         ’’अग्रतः शकलं पृष्ठतः सशरः धनुः’’, अर्थात् आगे सभी शास्त्र हों और पीठ पर बाणों से युक्त धनुष हो। इसका तात्पर्य यह है कि मानव-जीवन की पूर्णता के लिए शास्त्रबल के साथ-साथ शस्त्रबल का होना जरूरी है। शास्त्रबल और शस्त्रबल-दोनों के संयोग से ही हमारा राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है। शास्त्रबल के लिए हम सरस्वती की अराधना करते हैं और शस्त्रबल के लिए मां दुर्गा की।...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Dipawali”, “दीपावली” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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दीपावली Dipawali                 दीपावली को ज्योति पर्व माना जाता है। दीपावली त्र दीप ़ अवली (पंक्ति या कतार)। दीपावली का लक्ष्यार्थ है‘’’तमसो मा ज्योतिर्गमय।’’ अर्थात् अन्धकार से प्रकाश में जाना। दीपावली पर्व के साथ अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक कारण जुडे हुए हैं। धार्मिक कारणों में श्रीराम से जुड़ी कहानी सबसे अधिक प्रचलित एवं मान्यता प्राप्त है। कहा जाता है कि इसी दिन श्रीराम लंका-विजय के पश्चात् अयोध्या लौटे थे। चैदह...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Chandni Raat”, “चांदनी रात” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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चांदनी रात Chandni Raat  बचपन में दादी मां कहा करती थी कि चन्दा मामा है, जो बच्चों के लिए दूध-भात लेकर आते हैं। किशोरावस्था में विज्ञान-शिक्षक द्वारा जानकारी दी गयी कि चांद पृथ्वी का एक उपग्रह है और सतह ऊबड़-खाबड़ निर्जीव एवं शुष्क है। खैर! चंद जैसा भी कुरूप एवं शुष्क क्यों न हो, चांदनी की शीतलता और मादकता से भला कैसे इनकार किया जा सकता है। जिस पर भी चांदनी...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Basant Ritu”, “वसन्त ऋतु” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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वसन्त ऋतु Basant Ritu         भारत वर्ष की छह ऋतुओं में ऋतुराज वसन्त आनन्द एवं जवानी का प्रतीक है। वसन्त का आगमन होते ही शिशिर से ठिठरते तन-मन में आनन्द एवं उल्लास का संचार हो जाता हैं इसके मादक स्पर्श से कोई अछूता नहीं बचता। सब जैसे नवीन स्फूर्ति के साथ जवान हो जाते हैं। इनकी महिमा का गुणगान कवि, चिन्तक, ऋषि एवं परब्रह्म श्रीकृष्ण ने भी किया है। गीता में...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Sharad Ritu”, “शरद् ऋतु  ”Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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शरद् ऋतु   Sharad Ritu         अगर जाड़ा अमीरों का, ग्रीष्म गरीबों का और बसन्त युवाओं का है, तो शरद् अमीर-गरीब, युवा-वृद्ध सबका। सचमुच शरद् ़तु में न तो जाड़े की कड़कड़ाती ठण्ड रहती है और न ग्रीष्म का दहकता ताप। इसमें मौसम समशीतोष्ण रहता है। गरीब-अमीर सभी इसका समान रूप से आनन्द लेते हैं। वर्षा ऋतु के बीत जाने पर शरद् ़ऋतु का आगमन होता है। आश्विन और कार्तिक इसके दो...
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Hindi Essay, Paragraph or Speech on “Varsha Ritu”, “वर्षा ऋतु”Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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वर्षा ऋतु Varsha Ritu एक बार अकबर अपने नवरत्नों के बीच बैठे थे। अकबर ने अपने नवरत्नों से पूछा कि अगर बारह में से चार गया, तो क्या बचेगा। सभी ने कहा-आठ। लेकिन बीरबल ने उत्तर दिया-कुछ नहीं। अकबर ने आश्चर्य से पूछा-कैसे। तब बीरबल ने कहा-जहांपनाह! अगर वर्ष के बारह महीनों में से वर्षा ऋतु के चार माह-आषाढ़, सावन, भादो और आश्विन को हटा दिया जाये, तो सृष्टि में कुछ...
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Hindi Essay, Paragraph or Speech on “Grisham Ritu”, “ग्रीष्म ऋतु”Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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ग्रीष्म ऋतु Grisham Ritu निबंध नंबर :- 01 भारत को अगर भौगोलिक दृष्टि से देखा जाऐ, तो सभी ऋतुओं में ग्रीष्म ऋतु की स्थिति राष्ट्रीय ऋतु की हो जाती है। भारत की बहुसंख्यक आबादी गरीब है। इस बहुसंख्यक आबादी के अनुकूल जो ऋतु होगी, उसे ही राष्ट्रीय ऋतु मानना चाहिए। वर्षा से बचाव के लिए अधिकांश गरीब भारतीयों के पास अपना मकान नहीं होता है। जो भी झोपड़ियां होती हैं, वे...
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Hindi Essay, Paragraph or Speech on “Shikshak Diwas – 5 September ”, “शिक्षक दिवस – 5 सितम्बर”Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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शिक्षक दिवस – 5 सितम्बर Shikshak Diwas – 5 September          प्रख्यात विद्वान्, महान् दार्शनिक, एक आदर्श शिक्षक और भारत के द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली डाॅ0 राधाकृष्णन को कौन नहीं जानता है। इनका जन्म 5 सितम्बर 1888 ई0 में हुआ था। इन्होंने अपना सामाजिक जीवन एक शिक्षक के रूप में प्रारम्भ किया था। इसके बाद धीरे-धीरे ये अपनी क्षमता एवं कार्यकुशलता से अन्य उच्च पदों को सुशोभित करते हुए भारत के राष्ट्रपति...
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