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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 178)
भूकम्प का प्रकोप Bhukamp ka Prakop निबंध नंबर : 01 भूकम्प का धक्का प्रबल था। एक बहुत बड़े क्षेत्र में इसका प्रभाव पडा। कई गाँवों में त्राहि त्राहि होने लगी। गाँवों के लगभग सभी मकान गिर गए। उनके निवासी उनके मलबे में ही दबे रह गए। परिवार के परिवार भूमि निगल गई। रात का समय होने के कारण किसी को कुछ भी नहीं सूझा। रात में ही भूकम्प के तीन-चार झटके...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बाढ़ का दृश्य Badh ka Drishya निबंध नंबर :- 01 प्रकृति के प्रकोप का एक स्वरूप बाढ़ है। सामान्य रूप से जो नदी शान्त रहती है, अपने किनारे बसे हुए ग्राम वासियों को नित्य अनेक प्रकार से सहायता करती है, बाढ़ के समय उसका रौद्र रूप देखकर भय लगता है। नदी के उद्गम क्षेत्र में भारी वर्षा होने पर नदी देखने को मिलता है। उफन कर चलने लगती है। उसके तटीय...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वर्षा ऋतु Varsha Ritu 4 Best Hindi Essay on “Varsha Ritu” निबंध नंबर :- 01 प्रचण्ड धूप से तपती हुई धरती आग उगलती है। लोग व्याकुल होकर आकाश की ओर देखने लगते हैं। पानी की कमी से सभी परेशान हो जाते हैं। ऐसे ही समय में पुरवाई चलने लगती है। आकाश पर बादल छा जाते हैं। प्यासी भूमि की प्यास बुझाने वर्षा ऋतु का आगमन होता है। प्रथम वर्षा ही वातावरण...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शिष्टाचार Shishtachar Essay No. 01 अच्छे आचरणों वाला व्यक्ति समाज का आभूषण माना जाता है। इसके विपरीत अशिष्ट व्यक्ति समाज के लिए अभिशाप होता है। व्यक्ति आदतों का एक समूह होता है। एक शिष्ट व्यक्ति शिष्ट आदतों का समूह होता है। हमारा आचरण शिष्ट होनेसे सभी लोग मिलने जुलने की इच्छा करते है। अशिष्ट व्यक्ति से समाज घृणा करता है। हमारे शिष्ट आचरण हमें समाज में सम्मान एवं प्रतिष्ठा दिलाने में...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आदर्श विद्यार्थी Aadarsh Vidyarthi शिक्षा का अर्थ विद्यार्थी की बहुमुखी प्रतिभा का विकास करना है। बहुत से लोग किताबी ज्ञान को ही बहुत महत्वपूर्ण मान लेते हैं। यह ठीक नहीं है। एक आदर्श विद्यार्थी वही हो सकता है जो अपने विद्यालय की सभी गतिविधियों में रुचि लेता हो। पढ़ने मे तो वह सर्वप्रथम रहता ही है, पाठ्येतर क्रियाओं में भी वह उत्कृष्ट रहता है। पाठशाला में भाषण, वादविवाद कविता पाठ,...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विद्यार्थी और राजनीति Vidyarthi aur Rajniti हमारे सामने यह समस्या है कि राजनीति में विद्यार्थियों को भाग लेना चाहिए या नहीं। देखना यह है कि यदि विद्यार्थी राजनीति में भाग लेते हैं, तो उन्हें क्या लाभ होता है, नहीं लेते हैं तो क्या हानि होती है। यह तो स्पष्ट है कि शिक्षा और राजनीति दो अलग अलग विषय हैं। जिस प्रकार कोई एक साथ दो घोड़ों की सवारी नहीं कर...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विद्यार्थी और अनुशासन Vidyarthi aur Anushasan Top 5 Essays on ” Vidyarthi aur Anushasan” निबंध नंबर : 01 विद्यार्थी दो शब्दों से मिलकर बना शब्द है। विद्या + अर्थी । विद्यार्थी जो व्यक्ति विद्यार्जन में लगा है, वह किसी भी अवस्था का हो – बालक हो या वृद्ध – वही विद्यार्थी कहलाता है। यह सर्वविदित है कि विद्या प्राप्ति के लिए शान्त एवं स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता होती है। विद्या प्राप्ति...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शैक्षणिक यात्राएँ Educational Yatra शिक्षा में यात्राओं का वही महत्व है जो विज्ञान की शिक्षा में प्रयोगों का है। मनोविज्ञान हमें बताता है कि सुनने से जो शिक्षा प्राप्त होती है, उसका प्रभाव उतना स्थायी नहीं होता, जितना प्रत्यक्ष देखे हुए का। शिक्षा में इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शिक्षा यात्राओं की व्यवस्था की जाती है। इसके अतिरिक्त भी शिक्षा यात्राओं से अनेक प्रकार के लाभ भी साथ साथ...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment