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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 177)
वन महोत्सव Van Mahotsav निबंध नंबर:01 हम प्रतिवर्ष वर्षाऋतु में वनमहोत्सव सप्ताह मनाते हैं। इस महोत्सव में पाठशाला एवं कालिजों में वृक्ष लगाने का कार्यक्रम रहता है। जहाँ कहीं भी उपयुक्त स्थान मिलता है, वहीं वृक्षों का आरोपण कर दिया जाता है। वर्षाऋतु होने के कारण वृक्षों को पानी मिलता है। कुछ वृक्ष बढ़जाते हैं। कुछ नष्ट भी हो जाते हैं। हमारे देश में वृक्षों का लगाना एक धार्मिक कार्य मानते...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बतकम्मा त्यौहार Bathukamma ka Tyohar बतकम्मा आंध्रप्रदेश की महिलाओं का एक प्रमुख पर्व है। जो उत्साह और उल्लास बतकम्मा के दिनों मे आंध्रप्रदेश की स्त्रियों में पाया जाता है वह वर्षभर फिर कभी देखने को नहीं मिलता। यह पर्व चलता भी पूरे पन्द्रह दिनों तक है। सौन्दर्य और लालित्य की छटा छिटकाने का यह अनुपम पर्व है। वर्षा के अन्तिम दिनों में प्राकृतिक दृश्य चारों ओर हरे भरे दिखाई देते हैं।...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत के राष्ट्रीय त्यौहार Bharat ke Rashtriya Tyohar नेहरू आदि ने अपना संघर्ष जारी रखा। वे जेलों में डाल दिए गए पर उनके उत्साह में कमी न आई। कई प्रकार के क्रान्तिकारी एवं अहिंसक आंदोलनों के प्रभाव से अंग्रेज भारत छोड़ने पर विवश हो गए। सन् 1947 में 15 अगस्त को उन्होंने भारत को स्वतंत्रता दे दी। भारतीय नेता ही अपने देश के शासक बने। जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
नागार्जुन सागर योजना Nagarjuna Sagar Yojana आंध्र प्रदेश में नलगोण्डा एवं गुण्टूर जिलों को सीमा के पास प्राचीन नागार्जुन कोण्डा के समीप एक बहु उद्देशीय योजना के लिए कृष्णा नदी पर विशाल बाँध बनाया गया है। यह स्थल यहाँ की राजधानी हैदराबाद से लगभग 180 किलोमीटर दूर है। बाँध की लम्बाई बहुत है। इस बांध में एक किनारे से दूसरे किनारे को जानेवाली सुरंगें हैं। ये सुरंगें एक के ऊपर दूसरी...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
ऐतिहासिक स्थान की सैर – ताजमहल Aitihasik Sthan ki Sair – Taj Mahal आगरा नगर में यमुना नदी के किनारे पर स्थित ताजमहल एक विश्व प्रसिद्ध स्मारक है। अपनी सुंदरता एवं भव्यता के कारण यह विश्व के सात आश्चर्यों में से एक है। इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्रिय बेगम मुमताजमहल की स्मृति में बनवाया था। इसकी वास्तुकला हिन्दू मुस्लिम संस्कृति का मिलाजुला आदर्श है। दुनियाँ के कोने कोने...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
परोपकार Paropkar तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहिं न पानि । कहि ‘रहीम‘ पर काजहित, सम्पत्ति संचहिं सुजान।। परोपकार की महिमा रहीम के इस दोहे से प्रकट होती है। परोपकार का ऐसा सटीक उदाहरण इसमें दिया गया है। वृक्ष फल पैदा करते है पर स्वयं नहीं खाते। वृक्षों का जीवन परोपकार में ही व्यतीत होता है। तालाब अपना पानी स्वयं ही नहीं पीते। उनका पानी पशु पक्षी ही...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
स्वदेश प्रेम Swadesh Prem “जहां जन्म देता हमें है विधाता, उसी ठौर में चित्त है मोद पाता।” हमारी मातृभूमि ही हमारा स्वदेश कहलाता है। जो सम्बंध एक पुत्रका माता से होता वही देश वासियों का मातृभूमि से होता है। स्वदेश हमारी माता है। जो भावनाएं माता के प्रति पुत्र की होती है। वहीं देश वासियों की स्वदेश के लिए होती है। दूसरे की माता कितनी ही सुन्दर हो...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
समय का सदुपयोग Samay ka Sadupyog तुलसी दास जी की चौपाई है – “का वरषा जब कृषी सुखाने, समय चूकि पुनि का पछिताने।” यह चौपाई समय के महत्व को अक्षरशः प्रकट करती है। एक और कहावत है -“अब पछताये होत क्या जब चिड़ियाँ चुगगई खेत”। ये दोनों ही उद्धरण समय के महत्व को प्रतिपादित करते हैं। इनका आशय है कि समय पर किए जाने वाला कार्य यदि उसी समय न...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment