Home » Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 973)

Hindi Essay on “Jal hi Jeevan hai” , ”जल ही जीवन है” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi-Essay-Hindi-Nibandh-Hindi
जल ही जीवन है Jal hi Jeevan hai निबंध नंबर – 01 क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर ये पांच तत्व हमारे धर्मग्रंथों में मौलिक कहे गए हैं तथा हमारी शरीर रचना में इनकी समान रूप से भूमिका होती है। इनमें वायु और जल ये दो ऐसे तत्व हैं जिनके बिना हमारे जीवन की कल्पना एक क्षण भी नहीं की जा सकती। जीवों को जिस वस्तु की जरूरत जिस अनुपात में...
Continue reading »

Hindi Essay on “Bharat me Paryatan Vyavasaya” , ”भारत में पर्यटन व्यवसाय” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
भारत में पर्यटन व्यवसाय Bharat me Paryatan Vyavasaya   पयर्टन आदिकाल से ही मनुष्यों का स्वभाव रहा है। घूमना-फिरना भी मनुष्य के जीवन को आनंद ससे भर देता है। इसका पता लोगो ंने पहले ही लगा लिया था। पहले लोग पैदल चलकर या समुद्र मार्ग से लंबी-लंबी दूरियां तय कर अपने भ्रमण के शौक को पूरा करते थे। कुद लोग ऊंटों, घोड़ों आदि पर चढक़र समूह यात्रा करते थे, हालांकि ऐसी...
Continue reading »

Hindi Essay on “Bharat ka Antriksh Abhiyan” , ”भारत का अंतरिक्ष अभियान” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
भारत का अंतरिक्ष अभियान Bharat ka Antriksh Abhiyan जोखिमों का सामना करना तथा अज्ञात की पर्तें उधेडऩा मनुष्य का जन्मजात स्वभाव माना जाता है। अंतरिक्ष मानव के लिए आदि काल से ही एक अबूझ पहली रही है, फिर भी अनेक विद्वानों और वैज्ञानिकों ने तारों, ग्रहों, उपग्रहों आदि के बारे में गणनांए की परंतु उनके अनुमानों को मूर्त रूप न दिया जा सकता क्योंकि न तो दूरबीन का अविष्कार हुआ था...
Continue reading »

Hindi Essay on “Ikkisvi sadi ki Chunotiya” , ”इक्कीसवीं सदी की चुनौतियां” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
इक्कीसवीं सदी की चुनौतियां Ikkisvi sadi ki Chunotiya चुनौतियों को स्वीकार करना मानव का सहज स्वभाव है। मानव सभ्यता का इतिहास चुनौतियों से परिपूर्ण है। जब भी हमारे समक्ष कोई बड़ी बाधा आई हमने उसका डटकर मुकाबला किया। आदि मानव खूंखार जंगली जंतुओं के बीच रहकर भी उनसे भिन्नता कायम करने में तथा स्वतंत्र अस्तित्व स्थापित करने में सफल रहा। लंबे समय तक उसे पेड़ों और गुफाओं में सोना पड़ा परंतु...
Continue reading »