जल ही जीवन है Jal hi Jeevan hai निबंध नंबर – 01 क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर ये पांच तत्व हमारे धर्मग्रंथों में मौलिक कहे गए हैं तथा हमारी शरीर रचना में इनकी समान रूप से भूमिका होती है। इनमें वायु और जल ये दो ऐसे तत्व हैं जिनके बिना हमारे जीवन की कल्पना एक क्षण भी नहीं की जा सकती। जीवों को जिस वस्तु की जरूरत जिस अनुपात में...
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भारत में पर्यटन व्यवसाय Bharat me Paryatan Vyavasaya पयर्टन आदिकाल से ही मनुष्यों का स्वभाव रहा है। घूमना-फिरना भी मनुष्य के जीवन को आनंद ससे भर देता है। इसका पता लोगो ंने पहले ही लगा लिया था। पहले लोग पैदल चलकर या समुद्र मार्ग से लंबी-लंबी दूरियां तय कर अपने भ्रमण के शौक को पूरा करते थे। कुद लोग ऊंटों, घोड़ों आदि पर चढक़र समूह यात्रा करते थे, हालांकि ऐसी...
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