Home »
Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 1202)
डा. भीमराव अम्बेडकर Best 4 Essays on “Bhimrao Ambedkar” निबंध नंबर :- 01 भारत में दलितों एव पिछड़े वर्गो की लड़ाई लडकर अपनी योग्यता एव सक्रिय कार्यशक्ति के आधार पर ‘भारत रत्न’ की उपाधि से सम्मानित डा. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल सन 1891 को महाराष्ट्र की महू- छावनी में एक हरिजन परिवार में हुआ था | वे अपने माता –पिता की चौदहवीं सन्तान थे | सोलन वर्ष की अल्पायु...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पंडित जवाहर लाल नेहरु महात्मा गांधी जी यदि स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपिता है, तो पंडित जवाहर लाल नेहरु को आधुनिक भारत का निर्माता माना जाता है | राजसी परिवार में जन्म लेकर तथा सभी तरह की सुख – सुविधा भरे वातावरण में पल कर भी उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्रता एव आन-बान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया | पं. जवाहर लाल नेहरु का जन्म 14 नवम्बर , 1889 ई. को...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
महात्मा गांधी Mahatma Gandhi 8 Best Hindi Essay on “Mahatma Gandhi” Essay-1 भारत के राष्ट्रपिता , नव राष्ट्र के निर्माता एव भाग्य विधाता महात्मा गांधी एक ऐसे अनूठे व्यक्ति थे जिनके बारे में नाटककार बर्नार्ड शा ने उचित ही खा था की “ आने वाली पीढियाँ बड़ी मुशिकल से विश्वास कर पाएगी की कभी संसार में ऐसा व्यक्ति भी हुआ होगा” | वे सत्य, अहिसा और मानवता के पुजारी थे |...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वीरांगना लक्ष्मीबाई (झाँसी की रानी ) झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई वह भारतीय वीरांगना थी जिसने स्वय रणभूमि में स्वतंत्रता की बलिवेद पर हँसते-हँसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे | भारत की स्वतंत्रता के लिए सन 1857 में लड़े गए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास इन्होने ही अपने रक्त से लिखा था | भारतवासियों के लिए उनका जीवन आदर्श है | लक्ष्मीबाई का वास्तविक नाम मनुबाई था, जबकि नाना जी राव...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वर्षा की एक भयानक रात भारत अनेक ऋतुओ का देश है | यहाँ प्रत्येक ऋतु समयानुसार आती-जाती रहती है | तथा प्रत्येक ऋतु अपनी कोई-न कोई छाप हमारे दिलो पर छोड़ जाती है | गर्मी से तपती हुई धरती की प्यास बुझाने हेतु पावस ऋतु का आगमन होता है | इस ऋतु के आने पर प्रकृति आनन्द – विभोर हो उठती है | नदी नाले फुले नही समाते है | पशु-पक्षी...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वर्षा ऋतु वर्षा ऋतु का आगमन देशी महीनों के हिसाब से सावन – भादो में उस समय होता है जब ग्रीष्म ऋतु के कारण चारो और त्राहि-त्राहि मच जाती है तथा सब प्राणी भगवान से वर्षा की मांग करने लगते है | ग्रीष्म का ताप सारी धरती के स्वरूप को झुलसा दिया करता है | तब धरती, प्रकृति और प्राणी-जगत की प्यास तथा ताप को मिटाने के लिए एकाएक पुरवाई चलकर...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
निबंध नंबर : 01 बसन्त –ऋतु (ऋतुराज बसन्त) Basant Ritu Best 5 Essays on “Basant Ritu” भारत के प्राकृतिक सौन्दर्य को बढ़ाने वाली छ: ऋतुओ में से बसन्त ऋतु का महत्त्वपूर्ण स्थान है | इनमे सबसे अधिक मादक तथा आकर्षक ऋतु का आगमन मधु (चैत्र) तथा माधव (बैशाख) के महीनों में होता है | यह शिशिर ऋतु के समाप्त होने पर आती है | इसमें प्रकृति का सौदर्य सब ऋतुओ से...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बाल –दिवस Bal Diwas Essay No. 1 ‘बाल दिवस’ का अर्थ है ‘बच्चो का दिन’ | बच्चे ही किसी देश की वास्तविक सम्पति हुआ करते है | ये ही बच्चे आने वाले कर के कर्णधार अहि | बच्चे जो आज की कोमल कलियाँ है वे ही कल के खिलने वाले फूल हुआ करते है | कहने का तात्पर्य है की आज भी बच्चो का है और कल भी | अत :...
Continue reading »
January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment