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Posts tagged "Hindi essays" (Page 85)
सबसे मीठा बोलिये Sabse Mitha Boliye सबसे मीठा बोलना चाहिए । मीठा बोलना, विनय रा नम्रता आदि सुशील व्यक्ति के लक्षण है । इनसे ही मनुष्य की शिष्टता प्रकट होती है और शिष्टता ही सज्जनता की विशिष्टता है । ‘शीलं हि सर्वस्व नरस्व भूषणम् । हिन्दी में कहावत भी है शील के बिना डील बेकार है । कास जी ने शीलशाली को सर्वविजयी कहा है-सर्वशीलवता जितम् (महाभारत) । वास्तव में...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अच्छा स्वास्थ्य महावरदान Accha Swasthya Mahavardan कहते है जीवन में से अगर धन चला जाए तो समझो कुछ भी नहीं गया, परन्तु स्वास्थ्य चला जाए तो सब कुछ चला जाता है इस बात का अर्थ यह है कि जीवन में स्वास्थ्य का महत्त्व बहुत अधिक है । जीवन एक दौड़ है, इस दौड़ में वही जीतेगा जो शारीरिक दृष्टि से हृष्ट-पृष्ट होगा । स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निवास होता...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages3 Comments
आलस्य हमारा सबसे बड़ा शत्रु है Aalasya Hamara Sabse Bada Shatru Hai एक मनुष्य वे होते हैं जो अनेक असफलताओं और संघर्षों से जूझते हुए अपने कर्म पथ पर अग्रसर होते हैं । ऐसे व्यक्तियों को ही कर्मवीर की उपाधि से विभूषित किया जाता है । उनका सिद्धान्त होता है या तो कार्य में सिद्धि प्राप्त करूँगा अन्यथा अपना शरीर ही नष्ट कर दूँगा । इसके विपरीत दुसरी प्रकार की...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
गया समय फिर हाथ नहीं आता Gaya Samay Phir Haath Nahi Aata जीवन में हुई प्रत्येक हानि को किसी न किसी प्रकार पुनः प्राप्त किया जा सकता जैसे धन के नष्ट होने पर मेहनत करके उसे दुबारा प्राप्त किया जा सकता हे,स्वास्थ्य खराब होने पर दवाइयों के सेवन से पुनः स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जासकता है । परन्तु जीवन के जो सनहरी और कीमती पल एक बार व्यतीत हो गए,...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
मानव और धर्म Manav aur Dharam मानव उस ईश्वर की सबसे अनोखी रचना है । मानव उस प्रभु का एक अंश है । इसलिए वह जानता है कि वह ईश्वर के हाथ का खिलौना है । इन्हीं कारणों से वह ईश्वर से डरा-डरा रहता है । इस डर से मुक्त होने के लिए वह उस ईश्वर की अनेक मूर्तियां मन्दिरों में स्थापित करता है । उनकी पूजा करता है ताकि...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
संगठन में शक्ति Sangathan mein Shakti यह उक्ति शत-प्रतिशत सत्य है कि संगठन में शक्ति है । अकेला चना भाड नहीं फोड़ सकता न पानी की अकेली बंद का कछ महत्त्व होता है । जब पानी की बूंदें मिल कर धारा बन जाती हैं तो वे अपने लिये रास्ता बनाने के लिए बडे-बड़े पर्वतों को भी काट डालती हैं । बंद को तो थोडी सी धूप या गमी सुका देती...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पर्यावरण और हमारा जीवन Paryavaran aur Hamara Jeevan पेड-पौधे धरती का सौन्दर्य हैं । सारी धरती पेड-पौधों की हरियाली से ही हरी-भरी, रंग-बिरंगी तथा सन्दर दिखाई देती है। मखमली घास वाले पहाडी प्रदेश,प्रत्येक मौसम में खिलने वाले रंग-बिरंगे फूल निश्चय ही मन मोह लेते हैं। घने जंगलों की हरियाली से हृदय खिल उठता है। सूर्य की तेज़ गर्मी से बचने के लिए मनुष्य ने शीतल छाया देने वाले बड़े-बड़े वृक्षों का...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वोट का महत्त्व Vote ka Mahatva ज्ञान विज्ञान के उजाले में और प्रजातंत्र के युग में रहते हुए भी कई लोग वोट के महत्त्व को जानते ही नहीं या इसे अज्ञानवश महत्त्व ही नहीं देते । वोट केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं है बल्कि वह प्रजातन्त्र की रीढ़ की हड्डी है । वोट के अधिकार को पाने के लिए संसार के अनेक देशों में अनेक प्रकार के आन्दोलन और संघर्ष चले...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
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