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Hindi Essay, Moral Story “Maya Tere Teen Naam- Parsa, Parsu, Parsuram” “माया तेरे तीन नाम: परसा, परसू, परसुराम” Story on Hindi Kahavat for Students of Class 9, 10 and 12.

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माया तेरे तीन नाम: परसा, परसू, परसुराम Maya Tere Teen Naam- Parsa, Parsu, Parsuram   एक बनिया था। जब उसका लड़का मोहल्ले के लड़कों की शोहबत में पड़ा, तो उसे चिंता होने लगी। लड़के की पढ़ाई तो पांचवीं कक्षा में बंद हो गई थी। लड़का गलत आदतें न पाल ले, इसलिए बनिये ने उसे धंधे में लगाने की सोची। बनिया चाहता था कि उसका लड़का धंधे को अपनी मेहनत से बढ़ाए।...
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Hindi Essay, Moral Story, Story on Proverb “Deen Se Bedeen Bhay, Gang Neer Piye Se” “दीन से बेदीन भय, गंग नीर पिय से” Complete Story Paragraph for Students

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दीन से बेदीन भय, गंग नीर पिय से Deen Se Bedeen Bhay, Gang Neer Piye Se रतन नाम का एक पटवारी था। वह हमेशा किसानों के खेतों की नाप-तोल में हेराफेरी किया करता था। गरीब किसानों को वह परेशान करता था और जमींदारों का खैरख्वाह बना रहता। अपने पेशे में वह बदनाम व्यक्ति था। ऐसा रौब बनाए रखता था, जैसे कि बहुत बड़ा अधिकारी हो। नेकी और अच्छे कामों से उसका...
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Hindi Essay, Moral Story, Story on Proverb “Tiriya se Raj Chipe na Chipaye” “तिरिया से राज छिपे न छिपाए” Complete Story Paragraph for Students of Class 9, 10 and 12.

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तिरिया से राज छिपे न छिपाए  Tiriya se Raj Chipe na Chipaye एक पति-पत्नी का आपस में बहुत प्रेम था। दोनों एक-दूसरे पर पूरा विश्वास करते थे। यहां तक कि पति ने अपनी पत्नी के प्रेम के आगे पूरे परिवार को दरकिनार कर दिया था। पत्नी के लिए वह घर के सब लोगों से लड़ लेता था। वह जानता था कि उसके माता-पिता कितने सीधे और सच्चे हैं, लेकिन जब कोई...
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Hindi Essay, Moral Story, Story on Proverb “Kabira Tu Kabse Vairagi” “कबीरा तू कबसे वैरागी?” Complete Story Paragraph for Students of Class 9, 10 and 12.

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कबीरा तू कबसे वैरागी? Kabira Tu Kabse Vairagi एक बार गुरु रामानंद और उनके अनेक शिष्य किसी खास बात पर चर्चा कर रहे थे। उन दिनों शोर था कि शंकराचार्य शास्त्रार्थ में सबको हराते हुए काशी की ओर बढ़ते आ रहे हैं और अब काशी में उनका किस तरह से सामना किया जा सकता है? वहीं पर कबीर भी चुपचाप बैठे थे पर वे एक शब्द भी नहीं बोले। सबकी बातों...
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Hindi Essay-Paragraph on “Meri Priya Pustak” “मेरी प्रिय पुस्तक” 600 words Complete Essay for Students of Class 10-12 and Subjective Examination.

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मेरी प्रिय पुस्तक   पुस्तकों के महासमुद्र में सभी पुस्तकों का अध्ययन कर पाना संभव नहीं है। फिर भी, अभी तक मैंने जितनी पुस्तकों का अध्ययन किया है या गुरुजनों, बुजुर्गों एवं पूर्वजों से जिनके बारे में चर्चाएं सुनी हैं, उन सबमें तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरित मानस’ मेरा सर्वाधिक प्रिय गंथ है। यदि हिंदी के विशाल सागर में केवल ‘रामचरितमानस’ रह जाए, तो हिंदी दरिद्र नहीं हो सकती है। इस महाकाव्य...
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Hindi Essay-Paragraph on “Life without Mobile Phone” “मोबाइल फोन के बिना जीवन” 400 words Complete Essay for Students of Class 10-12 and Subjective Examination.

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मोबाइल फोन के बिना जीवन Life without Mobile Phone मोबाइल का नाम आते ही इसका एक ही अर्थ दिमाग में आता है मोबाइल फोन। आजकल जिसे भी देखो, उसके ही हाथ में मोबाइल फोन दिखाई देता है। इक्कीसवीं सदी के प्रथम दशक में मोबाइल के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति हुई। कुछ दिन पहले मोबाइल को प्रतिष्ठा का चिह्न माना जाता था। तब मोबाइल से फोन करना साधारण बात नहीं थी।...
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Hindi Essay-Paragraph on “Paise ki Atmakatha” “पैसे की आत्मकथा” 800 words Complete Essay for Students of Class 10-12 and Subjective Examination.

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पैसे की आत्मकथा Paise ki Atmakatha  ‘जिसके पास नहीं है पैसा, उसका जग में जीवन कैसा‘ सचमुच, मेरे अभाव में प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ उपहार मानव जीवन भी तुच्छ लगने वाला है। दवा के अभाव में तड़पते रोगी के पास जब मैं पहुंच जाता हूं, तब उसके जीवन में आशा के दीप जलने लगते हैं। भिखारी के खाली कटोरे में मेरी उपस्थिति मात्र से भिखारी को अन्नपूर्णा देवी के दर्शन होने लगते...
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Hindi Essay-Paragraph on “Rickshaw wala ki Aatmakatha ” “रिक्शावाला की आत्मकथा” 600 words Complete Essay for Students of Class 10-12 and Subjective Examination.

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रिक्शावाला की आत्मकथा Rickshaw wala ki Aatmakatha  मेरे एक संबंधी अस्पताल में भर्ती थे। उनकी सहायता हेतु मुझे और मां को अस्पताल जाना जरूरी था। माघ की कपकपाती ठंड में सुबह ही हम लोग घर से निकल पड़े। कुछ ही कदम आगे बढ़े होंगे कि ठंड से हाथ-पांव जवाब देने लगे। सवारी की खोज में कातर दृष्टि से हम लोग इधर-उधर देखने लगे, क्योंकि समय पर अस्पताल पहुंचना जरूरी था। इतने...
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