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Posts tagged "Hindi Essay" (Page 57)
अपने किए का क्या इलाज Apne kiye ka kya ilaj गांव के किनारे एक किसान का घर था। घर के सामने ही उसके खेत थे। खेतों में गेहूं की पकी फसल खड़ी हुई थी। खेतों की रखवाली में पूरा परिवार रात-दिन लगा रहता था। कई साल बाद इतनी अच्छी फसल हुई थी। सभी लोग प्रसन्न थे। इस फसल के भरोसे किसान ने कई मनसूवे पूरे करने के विचार बना लिए थे।...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
चार लट्ठ के चौधरी, पांच लट्ठ के पंच Char lath ke Chaudhar, Panch lath ke Panch एक दिन गांव में फौजदारी हो गई। जो कमजोर थे, वे बेचारे पिटे और गालियां खाईं। मामला गांव के मुखिया के पास गया, तो उन्होंने एक दिन पंचायत बुलाई और उसमें दोनों तरफ के लोगों को बुलाया। पंचायत में गांव के लगभग सभी लोग मौजूद थे। जब एक-एक करके दोनों ओर की बातों को सुना...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जैसे को तैसा Jaise ko Taisa पहले विवाह के संबंधों में लड़के-लड़कियों की पूरी छानबीन पंडितों और नाइयों पर छोड़ दी जाती थी। ‘लड़के को पक्का करने के लिए पीली चिट्ठी’ और ‘लगन’ ले जाने का काम नाई ही करता था। एक व्यक्ति की लड़की तुतलाती थी। उसने अपनी लड़की के रिश्ते के लिए एक नाई से कह रखा था। उसी नाई के प्रयास से रिश्ते के लिए बात चली। पहले...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
चोर की दाढ़ी में तिनका Chor ki dadhi me Tinka एक काजी का फैसला सुनाने के मामले में दूर-दूर तक नाम था। वह कोशिश यही करता था कि किसी बेगुनाह को सजा न हो। कोई-कोई मुकदमा ऐसा आता था, जिसमें वह अपनी बुद्धि का बहुत अच्छा परिचय देता था। इसी प्रकार का एक मुकदमा उसके यहां आया। चोरी के शक में चार आदमियों को इजलास में हाजिर किया गया था।...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बोले सो कुंडी खोले Bole so kundi khole एक बार दो मंजिले मकान में कई किराएदार थे। मुख्य दरवाजा रात के लगभग ग्यारह बजे तक खुला रहता था। इस समय तक कुछ लोग जागते रहते और कुछ लोग सो जाते थे। सर्दियों का समय था। जोर की सर्दी पड़ रही थी। रात के करीब डेढ़ बजे थे। हरभजन दरवाजे पर आवाज लगाने लगा। कुछ देर बाद जब दरवाजा नहीं खुला,...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आप हारे, बहू को मारे Aap hare, Bahu ko mare एक दर्जी था। उसका काम खूब चलता था। घर में सभी आनंदपूर्वक रहते थे। उसकी मां थी, पत्नी थी और दो बच्चे थे। वह सीधा-सादा व्यक्ति था। सुबह उठना और नहा-धोकर दुकान पर जाना। शाम को दुकान बंद करके आना। भोजन करना और सो जाना। छुट्टी के दिन घर पर रहना या बाहर कहीं जाना होता तो जाता। एक बार...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
देखना है, ऊंट किस करवट बैठता है? Dekhna hai, Unth kis karvat baithta hai? एक गांव में सात दिन बाद हाट लगती थी। सब्जी, दाल, अनाज, कपड़े आदि घर-गृहस्थी का सभी सामान बिकने आता था। आस-पास के गांवों के लोग भी सामान लेने आते थे। हाट में दुकानदार अपना सामान बैलगाड़ियों, खच्चरों, ऊंटों आदि से लाते थे। आस-पास के दुकानदार छोटा-मोटा सामान अपने सिर पर ही रखकर लाते थे। एक ही...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भागते चोर की लंगोटी ही सही Bhagte Chor ki Langoti hi Sahi एक चोर चोरी करने निकला। रात अंधेरी थी। उसने एक बनिये के घर में पिछवाड़े से सेंध लगा दी। घर में घुसकर सामान टटोलने लगा। जैसे ही वह सामान लेकर चला कि कोई हलकी-सी चीज गिरी। उसकी आवाज से बनिया जाग गया और अंदर कमरे की ओर दौड़ा। चोर सामान लेकर सेंध से निकल ही रहा था कि...
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July 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
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