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Posts tagged "Hindi Essay" (Page 47)
पुस्तकें ज्ञान का साधन Pustake Gyan ka Sadhan ज्ञान का साधन सुख का साधन पुस्तकों के लाभ मानव-जाति ने जो कुछ किया, सोचा और पाया है, वह पुस्तकों के जादू भरे पृष्ठों में सुरक्षित है। मानव-सभ्यता तथा संस्कृति के विकास का समूचा श्रेय पुस्तकों को जाता है। पुस्तकों में निहित विचारों पर किसी एक व्यक्ति, जाति अथवा राष्ट का अधिकार नहीं होता, उन पर मानव मात्र का अधिकार होता है। पुस्तकों...
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November 28, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सपने में अंतरिक्ष की यात्रा Sapne mein Antriksh ki Yatra कब कहाँ क्यों? अंतरिक्ष से धरती का दृश्य अंतरिक्ष के रोमांचक अनुभव स्वप्न-भग के पश्चात् की स्थिति एवं अनुभव। सपने देखना मानव का स्वभाव है। सपनों से ही मनुष्य नया करने की प्रेरणा पाता है। मैं भी एक दिन विज्ञान फांतासी देख रहा था। देखते-देखते नींद आ गई और में स्वयं को अंतरिक्ष में पाया। मैं एक वायुयान में सवार होकर...
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November 28, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
वर्षा ऋतु का दृश्य Varsha Ritu ka Drishya वर्षा ऋतु का महत्व सायंकालीन दृश्य मानव मन पर प्रभाव वर्षा ऋतु को ऋतु-रानी कहा जाता है। गरमी से जलती धरती को राहत देने के लिए काले-काले बादल घुमड़कर आते हैं तथा बरसकर प्रसन्नता प्रदान करते हैं। ऐसी ऋतु की संध्या कितनी सुंदर होगी, यह हम सिर्फ कल्पना कर सकते हैं। इस समय नदी, नाले, तालाब, खेत-पानी से भर जाते हैं। चारों तरफ...
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November 28, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
फूल की आत्मकथा Phool ki Atamakatha सुख-दुख में समान जीवन प्रकृति की शोभा और सुंदरता का अंग जीवन का अंत। मैं फल हूँ। आकाश के नीचे मेरा आवास है। ग्रीष्म, वर्षा, शीत को सहन करने का मुझे अभ्यास है। मैं वायु के मंद-मंद झोकों से नाचता हूँ, परंतु प्रचंड पवन के झोंको को भी हँसते-हँसते सहन करता हूँ। दूसरों को अपने रूप सौंदर्य, गंध तथा कोमलता द्वारा प्रसन्न करना ही मेरा...
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November 28, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अगर खेल न होते Agar Khel Na Hote खेल मनोरंजन का साधन खेल व स्वास्थ्य खेल व सट्टेबाजी खेल मानव के मनोरंजन का साधन है। इससे जीवन की एकरसता नहीं रहती। अब अगर यह कल्पना करें कि अगर खेल न होते तो क्या होता? मनुष्य अपना मनोरंजन कैसे करता? अगर खेल न होते तो सबसे पहले मानव स्वभाव आलसी, अकर्मण्य व क्रोधी होता। मनुष्य एक ही कार्य को लगातार करके बोर...
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November 28, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरी प्रिय ऋतु Meri Priya Ritu बसंत ऋतु प्रिय होने के कारण प्राकृतिक सौंदर्य बसंत को ‘ऋतुराज’ की संज्ञा दी गई है। जब यह आता है तो हर्ष व आनंद को साथ लाता है। हर प्राणी इस आनंद में डूब जाता है। माघ सुदी पंचमी के दिन बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन हर जगह लोग पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं। कई प्रकार के नए-नए भोजन तैयार...
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November 28, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भ्रष्टाचार: एक सामाजिक समस्या Bhrashtachar Ek Samajik Samasya भ्रष्टाचार की वर्तमान दशा सुविधाओं की इच्छा उत्प्रेरक कारक भ्रष्टाचार का अर्थ है-अनैतिक व्यवहार। किसी भी कार्य को वैधानिक तरीके से न करना भी भ्रष्टाचार कहलाता है। भारत में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। न्याय प्रशासन, शिक्षा संसद आदि हर जगह भ्रष्टाचार ने अपने पाँव फैला लिए हैं। सरकारी दफ्तरों में फाइल ही रिश्वत से खुलती है। पुलिस रिश्वत लेकर अपराध का चरित्र...
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November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जनसंख्या का भयावह Jansankhya ka Bhavah जनसंख्या एक समस्या बढ़ती जनसंख्या के परिणाम नियंत्रण के उपाय विश्व के अनेक देशों में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में हर वर्ष लगभग सवा करोड लोग बढ़ते हैं। आज हम 1,412,125,489 की संख्या पार कर चुके हैं। यहाँ आबादी सबसे बड़ी समस्या बन चकी है। देश के पास भोजन, वस्त्र व आवास की उपलब्धता इतनी नहीं है कि सभी की जरूरतें परी...
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