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Posts tagged "Hindi Essay" (Page 179)
अन्तर्राष्ट्रीय बाल-वर्ष Anterrashtriya Bal Diwas अन्तर्राष्ट्रीय बाल-वर्ष का आयोजन सन् 1979 में संयुक्त राष्ट्र संघ के आहान पर किया गया था। इस आयोजन से विश्व-स्तर पर एक समस्या उत्पन्न हुई। बालक प्रकृति की परम अनुपम कृति है। विश्व का भावी कर्णधार हे। आज का बालक कल विश्व का नियामक और संचालक होगा। अतः बालक को जितना अधिक सुयोग्य, शक्तिशाली और कर्मठ बनाया जाएगा, वह उसी अनुपात में विश्व की सेवा...
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July 29, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अंतर्जातीय विवाह Anterjatiya Vivah विवाह एक संस्था है। जनजातीय समाज से लेकर आधुनिक समाज के बीच विवाह की संस्था तथा स्वरूप भिन्न रहे हैं परन्तु विवाह का आधार अपरिवर्तित रहा है। अन्तर्जातीय विवाह एक ऐसा विवाह है जिसमें पुरूष तथा स्त्री जो कि विभिन्न जाति समूहों से आते हैं, परिवार नामक समिति का गठन करने के लिए एकसूत्र में बंध जाते हैं। प्राचीन काल से इस विवाह का प्रचलन...
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July 29, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अमेरिका का भारत पर प्रभाव America ka Bharat par Prabhav अमेरिकी प्रतिरक्षा प्रणाली से भारत बिना प्रभावित हुए नहीं रह सकता। यद्यपि भारत ने उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन किया है तथापि बाद में यह स्पष्ट किया कि हमने अंतरिक्ष में उन्नत प्रौद्योगिकी वाले शस्त्र तैनात किए जाने का समर्थन नहीं किया बलिक राष्ट्रपति बुश की घोषणा के उस हिस्से का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि...
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July 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरे विद्यालय का पुस्तकालय Mere Vidyalaya ka Pustkalaya मेरे विद्यालय में एक पुस्तकालय है। यह पुस्तकालय एक बहुत बड़े कमरें में है। इस कमरे मंे लगभग 20 अलमारियाँ हैं। इन अलमारियों में विभिन्न विषयों की पुस्तकों को बहुत ही सहेजकर रखा गया है। हमारे पुस्तकालय के अध्यक्ष ने इन पुस्तकों को विभिन्न शीर्षकों में बाँटकर सुचीबद्ध कर रखा है, ताकि हमें अपनी इच्छानुसार पुस्तकें ढूँढ़ने में सुविधा रहे। हमारे...
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June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियाँ Sachin Tendulkar ki Uplabhdiya दुनिया के बेहतरीन शब्दकोश में सचिन तंेदुलकर की उपलब्धियों की व्याखया करने वाले सही शब्द नहीं मिल पाएँगें। एक लंबे समय से किक्रेट की दुनिया में सचिन जैसा बल्लेबाज देखने को नहीं मिला। उनके जैसे विनम्र लेकिन देश के लिए दृढ़ आत्मविश्वास के साथ खेलने वाले किक्रेट खिलाड़ी कम ही देखने को मिलते हैं। उन्होंने अपने स्कूल शारदाश्रम से अपने खिलाड़ी...
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June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मंहगी शिक्षा की समस्या Mahangi Shiksha ki Samasya भारत में शिक्षा निरंतर मंहगी होती चली जा रही है। अब शिक्षा दो प्रकार की हो गई है- गरीबों की शिक्षा और अमीरों की शिक्षा। गरीब सरकारी रहमोकरम पर छोड़ दिए गए हैं जबकि अमीर अपने धन के बल पर महंगी शिक्षा पाने में सफल हो जाते हैं। अब शिक्षा एक व्यवसाय का रूप ले चुकी है। इसमें केवल धन...
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June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जातिवाद का विष Jativad ka Vish हमारे देश में विगत एक दशक से जातीयता का विष बुरी तरह से व्याप्त होता चला जा रहा है। वैसे तो जातीयता की भावना बहुत पुरानी है, पर राजनीति ने इसको एक नई धार दे दी है। वोटों की राजनीति जातीयता पर आधारित रहती है। सभी पार्टियाँ मंच पर तो आदर्शवादिता की दुहाई देती हैं, पर उनके चिंतन में जातीयता घुसी होती है।...
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June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बंधुआ मजदूर की समस्या Badhua Majdoor ki Samasya निबंध नंबर :- 01 बंधुआ मजदूर वे होते हैं जिन्हें कोई व्यक्ति अपना काम करने के लिए विवश किए रहता है। इन व्यक्तियों का अपना स्वतंत्र जीवन नहीं होता। इन मजदूरों ने अपने मालिक से थोड़ा बहुत कर्ज लिया होता हैं और मालिक इन्हें बंधुआ मजदूर बना लेता है और इनसे मनचाहा काम करवाता है। कई बार तो किसी व्यक्ति की कई...
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June 26, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment