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Posts tagged "Hindi Essay" (Page 142)
सूर्योदय का दृश्य Surya Udya ka Drishya सूर्य की प्रथमकिरण ने भूमि का स्पर्श किया। आकाश में उजेला छाने लगा। एक तरफ मुर्गों की कुकुडू कू ने नींद उचाट दी। पूर्व में लाली प्रकट होने लगी। लालिमा धीरे धीरे स्वर्णिम होने लगी। चिड़ियाँ चहचहाने लगी। उनका मधुर संगीत कानों में पड़ने लगा। सोता हुआ संसार जागृति की ओर अग्रसर होने लगा। प्राणियों ने अलसाई दृष्टि चारों ओर डाली। अंगड़ाई लेकर वे...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शिष्टाचार Shishtachar Essay No. 01 अच्छे आचरणों वाला व्यक्ति समाज का आभूषण माना जाता है। इसके विपरीत अशिष्ट व्यक्ति समाज के लिए अभिशाप होता है। व्यक्ति आदतों का एक समूह होता है। एक शिष्ट व्यक्ति शिष्ट आदतों का समूह होता है। हमारा आचरण शिष्ट होनेसे सभी लोग मिलने जुलने की इच्छा करते है। अशिष्ट व्यक्ति से समाज घृणा करता है। हमारे शिष्ट आचरण हमें समाज में सम्मान एवं प्रतिष्ठा दिलाने में...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आदर्श विद्यार्थी Aadarsh Vidyarthi शिक्षा का अर्थ विद्यार्थी की बहुमुखी प्रतिभा का विकास करना है। बहुत से लोग किताबी ज्ञान को ही बहुत महत्वपूर्ण मान लेते हैं। यह ठीक नहीं है। एक आदर्श विद्यार्थी वही हो सकता है जो अपने विद्यालय की सभी गतिविधियों में रुचि लेता हो। पढ़ने मे तो वह सर्वप्रथम रहता ही है, पाठ्येतर क्रियाओं में भी वह उत्कृष्ट रहता है। पाठशाला में भाषण, वादविवाद कविता पाठ,...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विद्यार्थी और राजनीति Vidyarthi aur Rajniti हमारे सामने यह समस्या है कि राजनीति में विद्यार्थियों को भाग लेना चाहिए या नहीं। देखना यह है कि यदि विद्यार्थी राजनीति में भाग लेते हैं, तो उन्हें क्या लाभ होता है, नहीं लेते हैं तो क्या हानि होती है। यह तो स्पष्ट है कि शिक्षा और राजनीति दो अलग अलग विषय हैं। जिस प्रकार कोई एक साथ दो घोड़ों की सवारी नहीं कर...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विद्यार्थी और अनुशासन Vidyarthi aur Anushasan Top 5 Essays on ” Vidyarthi aur Anushasan” निबंध नंबर : 01 विद्यार्थी दो शब्दों से मिलकर बना शब्द है। विद्या + अर्थी । विद्यार्थी जो व्यक्ति विद्यार्जन में लगा है, वह किसी भी अवस्था का हो – बालक हो या वृद्ध – वही विद्यार्थी कहलाता है। यह सर्वविदित है कि विद्या प्राप्ति के लिए शान्त एवं स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता होती है। विद्या प्राप्ति...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शैक्षणिक यात्राएँ Educational Yatra शिक्षा में यात्राओं का वही महत्व है जो विज्ञान की शिक्षा में प्रयोगों का है। मनोविज्ञान हमें बताता है कि सुनने से जो शिक्षा प्राप्त होती है, उसका प्रभाव उतना स्थायी नहीं होता, जितना प्रत्यक्ष देखे हुए का। शिक्षा में इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शिक्षा यात्राओं की व्यवस्था की जाती है। इसके अतिरिक्त भी शिक्षा यात्राओं से अनेक प्रकार के लाभ भी साथ साथ...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पाठशाला में सैनिक शिक्षा School me Sainik Shiksha भारत ने अनेकों वर्षों के संघर्ष के पश्चात स्वतंत्रता प्राप्त की है। न जाने कितने वीर पुरुषों के बलिदान एवं प्रयत्नों से हम अपनी गुलामी की जंजीर तोड़ सके हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात उसकी निरंतर रक्षा करते रहना हमारा कर्तव्य है। हम इतने असावधान न हो जाएँ कि फिर से हमें परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ जाना पड़े। भारत एक विशाल...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सह शिक्षा के लाभ, हानिया Sah Shiksha ke Labh, Haniya सह शिक्षा से तात्पर्य है कि सभी आयु के बालक और बालिकाएँ। एक साथ एक ही कक्ष में बैठकर शिक्षा प्राप्त करें बालक और बालिकाओं के लिए पृथक पृथक कक्षाएँ रखने की आवश्यकता न हो। भारतवर्ष में इस प्रकार की शिक्षा का प्रचलन प्राचीन काल से नहीं है। कुछ वर्ष पूर्वतक स्त्रियाँ शिक्षा प्राप्त करने में रुचि ही नहीं रखती...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment