सिक्ख धर्म Sikh Dharm सिक्ख धर्म कोई धर्म न होकर एक पंथ है, जिसके प्रवर्तक गुरु नानक देव हैं। यह हिंदू धर्म का अभिन्न अंग है। कुछ लोग इसे अलग धर्म मानने की भूल करते हैं। गुरु नानक देव का जन्म सन 1469 में लाहौर प्रांत में रावी नदी के किनारे तलवंडी नामक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम मेहता कालूचंद था। वे मुंशी के पद पर कार्यरत थे।...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
इसलाम धर्म Islam Dharm इसलाम धर्म का जन्मदाता हजरत मुहम्मद को माना जाता है। हजरत मुहम्मद साहब का जन्म मक्का में सन 570 में हुआ था। उनके पिता एक साधारण व्यापारी थे। बचपन से ही मुहम्मद साहब एक विचारशील व्यक्ति थे। जब वे बहुत छोटी अवस्था के थे, तभी उन्हें मूर्छा आ जाया करती थी। कहते हैं, उस समय वे अल्लाह को याद किया करते थे। बाद में, उनकी धार्मिक रूचि...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
ईसाई धर्म Isai Dharm ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा-मसीह हैं। ईसाई लोग प्रभु यीशु के नाम से जानते हैं। बाइबिल के अनुसार यीशु का अर्थ उद्धारकर्ता है। ईसा मसीह का जन्म बैथलहम में हुआ था। वहां युसूफ नामक बढ़ई के यहां उनकी मंगेतर मरियम के गर्भ से उनका जन्म हुआ था। तब उनका नाम ‘इम्मानुएल’ रखा गया था। इम्मानुएल का अर्थ है- ‘ईश्वर हमारे साथ है।’ उन दिनों वहां एक राजा...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
पारसी धर्म Parsi Dharm पारसी धर्म का जन्म फारस में हुआ। वही फारस, जिसे आज हम इ्ररान के नाम से जानते हैं। पारसी धर्म की शुरुआत जोरास्टर नामक पैगंबर ने की थी। ईसा-पूर्व सातवीं शताब्दी में जोरोस्टर का जन्म अजरबैजान में हुआ था। जोरोस्टर के पिता के नाम था पोरूशरप। उसके पिता ‘स्पितमा’ वंश के थे। उनकी माता का नाम दु्रधधोवा था। वे एक श्रेष्ठ वंश की थीं। कहा जाता है...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बौद्ध धर्म Bodh Dharm महात्मा बुद्ध बौद्ध धर्म के प्रवर्तक हैं। उनका जन्म लुंबिनी नामक स्थान पर राजा शुद्धोदन के यहां हुआ था। उनके जन्म के समय ज्योतिषियों ने बताया था कि यह बालत या तो चक्रवर्ती सम्राट बनेगा या अपने अलौकिक ज्ञान से समस्त संसार को प्रकाशित करने वाला सन्यासी। अत: इसी डर से राजा ने बालक के लिए रास-रंग के अनेक साधन जुटाए। किंतु राजसी ठाट-बाट उन्हें जरा भी...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जैन धर्म Jain Dharm ‘अहिंसा परमो धर्म:।’ यह जैनियों का मूल मंत्र है। जीव-हत्या उनके लिए महापाप है। कहा जाता है कि जब भारत में चारों ओर अंधेरा छाया हुआ था लोग अपना जीवन जी रहे थे, उसी समय उत्तर भारत में दो बालाकों ने जन्म लिया था। वे दोनों बालक राजकुमार थे। अरब में जो कार्य पैगंबर मुहम्मद साहब ने किया तथा जर्मन में जो काम मार्टिन लूथर किंग...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
हिंदू धर्म Hindu Dharm हिंदू धर्म सबसे प्राचीन धर्म है। इसके माननेवाले लोग करोड़ों की संख्या में हैं। ये देवी-देवताओं के पूजन में विश्वास करते हैं। यदि प्राणी मरता है तो मरने के बाद उसे फिर से जन्म लेना होता है, हिंदू धर्म को मानने वाले इसमें विश्वास करते हैं। वे ‘कर्म के सिद्धांत’ को भी मानते हैं। विद्वानों का कहना है कि ‘सनातन’ शब्द का अर्थ शाश्वत, स्थायी और प्राचीन...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जीवन में धर्म का महत्व Jeevan me Dharm Ka Mahatva संसार में अनेक धर्म प्रचलन में है। हर देश का अपना धर्म है। एशिया के अलग-अलग भागों में विभिन्न धर्मों का जन्म हुआ। एक बात और है कि हर धर्म ने मानव को भाईचारे और इनसानियत का पाठ पढ़ाया। सभी धर्मों का एक ही संदेश है- -मानव से प्यार करो, – सभी के प्रति अच्छा आचरण करो, – सहनशील बनो, –...
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August 21, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment