एक डॉक्टर Ek Doctor प्रस्तावना- डॉक्टर को पेशा, आवश्यकता से अधिक, व्यस्तताओं से भरा पेशा होता है। यह पेशा इतनी जिम्मेदारी से भरा होता है कि भगवान के बाद जीवन और मृत्यु कर आस मरीज और उसके परिवारीजन इलाज करने वाले डॉक्टरपर ही लगा देते हैं। महत्वपूर्ण कार्य- असाध्य रोगों के इलाज के लिए, डॉक्टर की मरीज का मर्ज पकड़ने में अच्छे अनुभव के साथ एकाग्रचित्ता की भी आवश्यकता होती है।...
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January 30, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
इन्टरनेट का बढता प्रसार Internet ka Badhta Prasar प्रस्तावना- भारत मंे इन्टरनेट की स्थापना विदेश संचार निग लि0 के माध्यम 1995 ई0 में की गई। आज भारत में इन्टरनेट की उपयोगिता निरन्तर बढती जा रही है। आज भारत में इन्टरनेट के प्रयोगकर्ताओं की संख्या तकरीबन 38 लाख है। इन्टरनेट का आविष्कार – इन्टरनेट का आविष्कार 1885 ई0 में अमेरिकी रक्षा विभाग तथा वैल लैब्स ने किया था। यह एक सूचना नेटवर्क...
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January 30, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
रोबोट Robot प्रस्तावना-यूं तो मानव द्वारा अनेक आश्चर्यजनक आविष्कार किये जा चुके है जिनमें दूरदर्शन से लेकर आन्तरिक्ष यान तक सम्मिलित है, परन्तु मानव के द्वारा जो सर्वाधिक महत्वपुर्ण आविष्कार किया गया-वह कम्प्यूटर है। रोबोट कम्प्यूटर का ही दूसरा रूप् है जिसे मानव ने अपने लिये सुविधा जुटाने, सुगमता पैदा कारने तथा खतरों से बचे रहने के लिए बनाया है। जो मानव की ही तरह चलता-फिरता, देखता-सुनता, बोलता तथा कार्य करता...
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January 30, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बढ़ते अपराध Badhte Apradh प्रस्तावना- आज बढती महंगाई, बेरोजगारी, फैशन की होड ने समाज के लोगों में काफी लोगों का कुण्ठा से भर दिया। ‘वो हमारे पास नहीं, जो पडोसी के पास है‘ इस सोच ने लोगों में मन की शान्ति छीन ली है; जिसके कारण लोग बेईमानी से धन कमाने की ओर उन्नमुख हो रहे है। बेईमानी की यह प्रवृत्ति अन्य अपराध को जन्म देती है। युवा वर्ग अपनी आवश्यकता...
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January 29, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
प्रदुषण – समस्या और समाधान Pradushan – Samasya Aur Samadhan प्रस्तावना-वर्तमान समय में प्रदुषण ने एक भयानक रूप धारण किया हुआ है। आज देश के कोने-कोने में प्रदुषण फैलाव बढता जा रहा है जिसके कारण हजारों व्यक्ति बीमारी का शिकार हो रहे है। घनी आबादी वाले शहरों में स्वस्थ अॅक्सीजन मिलना कठिन हो रहा है, जिसकी वजह से श्वास व ह्रदय रोग बढ रहे है। सामान्यतः प्रदूषण की समस्या मूल रूप...
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January 29, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
पीढ़ी का अन्तर Pidhi ka Anter प्रस्तावना- परिवार एक ईकाई और समाज का अंग होता है। परिवार बुजुर्गों, महिलाओं, युवा-युवतियों, बच्चों से मिलकर बनता है। कुछ केवल पति-पत्नी के रूप में मिलकर परिवार का श्रीगणेश करते हैं। नौकरी पेशा पति या पत्नी ऐसा ही परिवार आजकल देखने बढ़ने लगती है। बच्चे बड़े होने, पढ़ने-लिखने लगते हैं। फिर नौकरी, रोजगार, व्यवसाय या जीविकोपार्जन का मसला सामने आता है और युवा सदस्य अपनी...
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January 29, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
परिश्रम सफलता की कुंजी है Parishram Saphalta ki Kunji Hai प्रस्तावना- मानव जीवन में परिश्रम बहुत आवश्यक है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। परिश्रम द्वारा छोटे से छोटा मनुष्य बड़ा बन सकता है। परिश्रम के द्वारा सभी कार्य सम्भव हैं। यदि मनुष्य कोई भी काम कठोर परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प लेकर करता है तो वह उस काम में सफलता अवश्य पाता है। जीवन के प्राचीन युग से लेकर आधुनिक युग...
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January 29, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages30 Comments
Do you think consumers should avoid over packaged products or it is the responsibility of the producer to avoid extra packaging? Give your views or any relevant example with your own experience. The concern of hygienic and organic food has become the popular discourse of the day. Apart from the quality another thing that matter a lot is the packaging of food. The over packaging of food is the folly of...
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January 28, 2018 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment