Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Rajdhani Delhi”, ”राजधानी दिल्ली ” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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राजधानी दिल्ली दर्शनीय स्थल दिल्ली आज भी भारत की राजधानी नहीं बनी, बल्कि पाण्डवों के काल से यह गौरव से मण्डित होती आ रही है। हाँ, आज जिस स्थान पर यह स्थित है, राजधानी के रूप में यह स्थान और नाम अवश्य कई बार बदल चुकी है। कहा जा सकता है कि मेरठ या रोपड़ आदि के आस-पास स्थित हस्तिनापुर गाँव से लेकर महरौली और छतरपुर तक के इलाके में इस...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Aaj ke Lokpriya Khel”, ”आज के लोकप्रिय खेल ” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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आज के लोकप्रिय खेल Aaj ke Lokpriya Khel खिलाड़ी होना मनुष्य का सहजात स्वभाव है। तभी तो जन्म लेने के बाद कुछ होश सम्हालने पर बच्चा खेल-कूद को ही सब से अधिक महत्त्व दिया करता है। अन्य सभी कुछ भूल कर उसका ध्यान भी अधिकतर खेल-कूद में ही रमा और केन्द्रित रहा करता है। उसे अन्य कुछ सूझता ही नहीं। आरम्भ से ही शिक्षा के साथ खेल-कूद को दो प्रमुख कारणों...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Pustak Pradarshani”, ”पुस्तक प्रदर्शनी ” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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पुस्तक प्रदर्शनी  राजधानी दिल्ली का प्रगति मैदान एक ऐसा स्थान है, जहाँ अक्सर एक-न-एक प्रदर्शनी चलती ही रहती है। इस कारण वहाँ अक्सर भीड़-भाड का बने रहना भी ना स्वाभाविक है। प्रदर्शनी कोई हो या न हो; पर वहाँ अक्सर कई तरह के साँस्कृतिक कार्यक्रम नाटक, फिल्म शो, रंगारंग कार्यक्रम तो होते ही रहते हैं। फिर साथ ही बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क अप्पू घर भी है। इसलिए मैं कई बार...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Nari Shiksha”, ”नारी शिक्षा” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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नारी शिक्षा पुरुष हो या नारी, शिक्षा पाना सभी का समान अधिकार तो है ही सही, सभी के लिए आवश्यक भी है। शिक्षा आदमी के मन-मस्तिष्क के विकास का सभी उचित अवसर प्रदान करती है। शिक्षा आदमी की आँख के समान कही जानी चाहिए। जिस प्रकार सही आँख वाला व्यक्ति हर वस्तु को ठीक प्रकार से देख कर पहचान सकता है, उसी प्रकार शिक्षित स्त्री-पुरुष जीवन समाज की प्रत्येक वस्तु को,...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Manavta”, ”मानवता” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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मानवता Manavta मानवता की प्राप्ति धन, मकान, आभूषण और विद्या से नहीं होती है। इसकी प्राप्ति तो आत्मा की स्वच्छता, आचरण की शुद्धता और हृदय की उदारता से होती है। काइ भी मनुष्य कुत्सित भावनाओं को रखकर, दूसरे के ऐश्वर्यों को लूटकर और किसी आत्मा को सता कर इस आभूषण से अपनी देह को अलंकृत नही कर सकता है. आज ज्यों-ज्यों हम त्यों-त्यों हम मनुष्यता आपस में वैमनस्य विश्वासकर टुस आभूषण...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Atmasamman”, ”आत्म-सम्मान” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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आत्म-सम्मान Atmasamman निबंध संख्या:- 01  प्राचीन युग में सभी भारतीयों में आत्म-सम्मान की भावना कूट-कूट कर भरी थी। पर कुछ काल तक पराधीन अवस्था के कारण वह प्रायः लुप्त-सी हो गई थी। अब हम स्वतंत्र हैं। हमें इस भावना को जगाना है। यही मनुष्यता की सीढ़ी है। इसको न पाकर हम पशु के समान ही रह जाते हैं। आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए आत्म-विश्वास को आगे रखना पड़ता है। इसी के...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Samay Nishtha”, ”समयनिष्ठा” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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समयनिष्ठा Samay Nishtha समय का सदुपयोग का ही नाम समयनिष्ठा है। इसी के पालन द्वारा मानव अपने । जीवन को सफल बना सकता है। इससे उसके जीवन के अमूल्य क्षण नष्ट होने से बच जाते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह सफलता की कुंजी है। इसके पुजारी होने से वे नियमित रूप से अध्ययन करते हैं। ठीक समय पर विद्यालय में पहुँचते हैं। उन्हें परीक्षा के अवसर पर अधिक परिश्रम नहीं करना...
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Hindi Essay, Paragraph, Speech on “Satyanishtha”, ”सत्यनिष्ठा” Complete Hindi Anuched for Class 8, 9, 10, Class 12 and Graduation Classes

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सत्यनिष्ठा Satyanishtha  सत्यनिष्ठा सबसे बड़ा तप है। इसका पुण्य प्राप्त करने के लिए मानव को केवल यही प्रयत्न करना पड़ता है कि जिस वस्तु को जिस रूप में पढ़े, देखे या सुने, उसे उसी वास्तविक रूप में प्रकट कर दे। इस छोटे से प्रयत्न का ही नाम सत्यनिष्ठा है। इसके विपरीत सब कार्य असत्य भाषण के अन्तर्गत आ जाते हैं। इनसे आत्म-सम्मान को ठेस पहुँचती है। सत्यवादी का आचरण सदैव शुद्ध...
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