Aalam aur Jahaan, “आलम और जहान” Hindi motivational moral story of “Aalam” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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आलम और जहान Aalam aur Jahaan ब्रज में एक कवि हुए हैं-आलम। आलम की पत्नी शेख रंगरेजिन भी अच्छी कविता कर लेती थी। अपने बेटे को वह जहान नाम से बुलाती थी। एक बार शहजादा मुअज्जम ने शेख से पूछा – “क्या आप ही आलम की पत्नी हैं ?” शेख ने हंसकर जवाब दिया-“हाँ जहाँपनाह! जहान की माँ मैं ही हूँ।”
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Daan bada shubh kaam, “दान बड़ा शुभ काम” Hindi motivational moral story of “Raja Bhoj” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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दान बड़ा शुभ काम Daan bada shubh kaam राजा भोज के दरबार में शीतल नाम के एक कवि थे, जिन्हें राजकवि का दर्जा मिला हुआ था। एक दिन राजकवि गर्मी की प्रचंड धूप में कहीं जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि एक अति दुर्बल आदमी नंगे पैर कहीं जा रहा है और तेज गर्मी व धूप के कारण बहुत दुखी हो रहा है। न तो वह अति दुर्बल होने...
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Nindak, “निंदक” Hindi motivational moral story of “Raja Vikramadiya” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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निंदक Nindak  एक बार राजा विक्रमादित्य की सभा जुड़ी हुई थी। विद्वतजन, सामन्त और योद्धा सभी बैठे हुये थे। विक्रमादित्य के प्रसिद्ध नवरत्न भी बैठे थे। अचानक एक सामन्त के गाल पर एक मक्खी आ बैठी। उसने अपने गाल पर तमाचा माकर मक्खी को भगाना चाहा तो राजा का ध्यान भी उस ओर गया। उन्हें तब मालूम हुआ कि मामला एक मक्खी का है, तो वे बोले, “मक्खी तो इतना काटती...
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Bojha tya pet me, “बोझा गया पेट में” Hindi motivational moral story of “Samrat Krishnadev Rai” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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बोझा गया पेट में Bojha tya pet me एक बार सम्राट कृष्णदेव राय ने अपने दरबारियों की परीक्षा लेने के लिए एक चाल चली। उन्होंने छोटी-बड़ी कई गठरियां बनायीं और दरबारियों से उन्हें ले चलने को कहा। प्रत्येक दरबारी ने छोटी-बड़ी गठरी उठाने की चेष्टा की। केवल तेनाली राम एक कोने में खड़ा रहा। अंत में जब एक बड़ी गठरी बच गयी, तो उसने उसे सिर पर उठा लिया। यह देखकर...
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Shanshilta, “सहनशीलता” Hindi motivational moral story of “Sant Eknath” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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सहनशीलता Shanshilta एक दिन सन्त एकनाथ पूजा कर रहे थे। एक ब्राह्मण आकर उनकी गोद में बैठ गया। वे हँसकर बोले-“भैया, तुम्हारा प्रेम तो अद्भुत है। मुझे बहुत आनन्द आया।” दोपहर के भोजन के लिए थाल परोसे गये। घी परोसने के लिए एकनाथ की पत्नी गिरजाबाई जैसे ही ब्राह्मण के पास आई, वह उठकर उनकी पीठ पर सवार हो गया। संत एकनाथ ने अपनी पत्नी को कहा-“देखना, कहीं बेचरा ब्राह्मण गिर...
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Budha ki Karuna, “बुद्ध की करुणा” Hindi motivational moral story of “Mahatma Budha” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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बुद्ध की करुणा Budha ki Karuna महात्मा बुद्ध एक बार भिक्षा के लिए निकले तो एक युवती ने उनको आमंत्रित किया, “आइए महाराज, भिक्षा में मैं आपको क्या दूँ ? मैं तो अपने आपको ही समर्पित करना चाहती हूँ, आप मेरे स्वामी और मैं आपकी दासी हूँ ?” बुद्ध बोले, “मुझे तुम्हारी बात स्वीकार्य है, लेकिन आज मैं जल्दी में हूँ। यह रसीला फल है, इसको संभालकर रखना। मैं आकर इसे...
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Chirsthayi Shakti, “चिरस्थायी शक्ति” Hindi motivational moral story of “Mahatma Budha” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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चिरस्थायी शक्ति Chirsthayi Shakti महात्मा बुद्ध आस्वान राज्य के किसी नगर से गुजर रहे थे। वह स्थान उनके विरोधियों का गढ़ था। जब विरोधियों को बुद्ध के नगर में होने का पता चला तो उन्होंने एक चाल चली। एक कुलटा स्त्री के पेट पर बहुत सा कपड़ा बांधकर भेजा गया। वह स्त्री, जहाँ बुद्ध थे, वहाँ पहुँची और जोर-जोर से चिल्लाकर कहने लगी- “देखो, यह पाप इसी महात्मा का है। यहाँ...
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Saccha Dharam, “सच्चा धर्म” Hindi motivational moral story of “Ravan and Angad” for students of Class 8, 9, 10, 12.

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सच्चा धर्म Saccha Dharam रावण ने एक और कूटनीतिक चाल फेंकी। बोला- “अंगद ! जिस राम ने तेरे ही पिता को मारा, तू उन्हीं की सहायता कर रहा है, मेरे मित्र का पुत्र होकर भी मुझसे बैर कर रहा है।” अंगद हँसा और बोला- “रावण! अन्यायी से लड़ना और उसे मारना ही सच्चा धर्म है, चाहे वह मेरे पिता हों अथवा आप ही क्यों न हों।” अंगद के ये तेजस्वी शब्द...
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